Dr. Abhishek Nadda
अनुभव: | 2 years |
शिक्षा: | गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी |
शैक्षणिक डिग्री: | Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery |
विशेषज्ञता का क्षेत्र: | मैं प्रॉक्टोलॉजी और जनरल मेडिसिन में काम कर रहा हूँ, दोनों को एक साथ संभाल रहा हूँ क्योंकि ये दोनों एक-दूसरे से ज्यादा जुड़े हुए हैं जितना लोग सोचते हैं। मैं बवासीर, फिशर, फिस्टुला जैसी गुदा और मलाशय की समस्याओं पर ध्यान देता हूँ। कभी-कभी केस सरल दिखते हैं, लेकिन एक छोटी सी बात पूरी योजना बदल देती है, जो मुझे थोड़ा रुकने पर मजबूर कर देती है। मैं मानक डायग्नोस्टिक स्टेप्स का उपयोग करता हूँ और उन लक्षणों पर नजर रखता हूँ जो मरीज शुरुआत में नहीं बताते, जैसे पाचन की आदतें, दर्द के कारण, छोटी-छोटी बातें जो इलाज में मदद करती हैं, भले ही कभी-कभी मेरे नोट्स थोड़े गड़बड़ हो जाएं।
जनरल मेडिसिन भी मेरे रोज़ के काम का हिस्सा है, जिसमें बुखार, पाचन की समस्याएं, छोटे-मोटे संक्रमण जैसी रोजमर्रा की लेकिन महत्वपूर्ण चिंताओं को संभालना शामिल है। कभी-कभी मैं प्रॉक्टोलॉजी की जांच और जनरल कंसल्टेशन के बीच इतनी जल्दी स्विच करता हूँ कि कुछ चीजें दोबारा चेक करनी पड़ती हैं, बस यह सुनिश्चित करने के लिए!
मेरा तरीका व्यावहारिक और स्पष्ट रहता है—मैं कोशिश करता हूँ कि जो हो रहा है उसे समझा सकूं, शायद हर बार सही शब्दों में नहीं, लेकिन ईमानदारी से। मैं चाहता हूँ कि लोग महसूस करें कि उनकी स्थिति संभाली जा सकती है और यह कोई बड़ी पहेली नहीं है... भले ही मैं जल्दी में टाइप कर रहा हूँ और कहीं-कहीं कॉमा छूट जाए!! |
उपलब्धियों: | मैंने प्रोक्टोलॉजी में डिप्लोमा किया है, जिसने सच में मेरे एनोरैक्टल मामलों को संभालने के तरीके को काफी हद तक बदल दिया है। कभी-कभी मैं अपने पुराने नोट्स पलटता हूँ ताकि किसी तकनीक या शब्द को दोबारा चेक कर सकूं। ये थोड़ा मजेदार है लेकिन फायदेमंद भी। इस ट्रेनिंग ने मुझे बवासीर, फिशर, फिस्टुला और संबंधित प्रक्रियाओं की गहरी समझ दी, भले ही उस समय मेरे आधे लैटिन शब्दों की स्पेलिंग गलत होती थी!
इस डिप्लोमा ने मुझे क्लिनिकल निर्णयों में ज्यादा आत्मविश्वास दिया है। हर दिन परफेक्ट नहीं होता, लेकिन स्थिरता रहती है। जब कोई केस मुश्किल हो जाता है या कोई छोटा लक्षण सामान्य पैटर्न से मेल नहीं खाता, तब मैं इन स्किल्स पर भरोसा करता हूँ। और खुद को याद दिलाता हूँ कि वो देर रात तक पढ़ाई करना वाकई में फायदेमंद था! |
मैं एक BAMS डॉक्टर हूँ और मैंने 2 साल की प्रैक्टिस पूरी कर ली है। सच कहूँ तो, मैं अब भी हर दिन कुछ नया सीखता हूँ क्योंकि आयुर्वेद हमारी सोच से कहीं बड़ा है। मैं मुख्य रूप से आम स्वास्थ्य समस्याओं पर काम करता हूँ, जिसमें क्लासिकल आयुर्वेदिक सिद्धांतों और थोड़ी बहुत प्रैक्टिकल समझ का मिश्रण होता है, जो मुझे रोज़ाना OPD के अनुभव से मिला है। कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं मरीजों को बहुत ज्यादा समझा देता हूँ, लेकिन फिर सोचता हूँ कि साफ समझ से उन्हें इलाज को बेहतर तरीके से फॉलो करने में मदद मिलती है। मेरा ध्यान हमेशा समग्र मूल्यांकन पर रहता है—खान-पान, पाचन, नींद के चक्र, और वे छोटी आदतें जिन्हें लोग भूल जाते हैं लेकिन वे लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। मैं मरीजों को व्यक्तिगत योजनाओं के साथ गाइड करने की कोशिश करता हूँ, कभी-कभी दवाइयों या समय को एडजस्ट करते हुए थोड़ा गड़बड़ हो जाता है क्योंकि किसी की दिनचर्या किताबों से मेल नहीं खाती, लेकिन यही असली ज़िंदगी है। मैं आयुर्वेदिक डायग्नोस्टिक्स जैसे नाड़ी-परीक्षा और बेसिक क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन्स पर निर्भर करता हूँ ताकि देखभाल सुरक्षित और ठोस लगे। इन 2 सालों में मैंने कई तरह की समस्याओं को संभाला है: एसिडिटी, तनाव से जुड़ी शिकायतें, त्वचा की समस्याएं, हल्के जोड़ों के दर्द, और सामान्य प्रिवेंटिव केयर। कुछ भी नाटकीय नहीं, बस स्थिर और व्यावहारिक अनुभव जिसने धीरे-धीरे मेरी क्लिनिकल अप्रोच को आकार दिया। मैं आयुर्वेद के अंदर सबूत-आधारित प्रैक्टिस को फॉलो करता हूँ और जब भी संभव हो, व्यावहारिक टिप्स शेयर करने की कोशिश करता हूँ, भले ही कभी-कभी शब्द थोड़े उलझ जाते हैं! मेरा उद्देश्य इलाज को आसान बनाना है, डराने वाला नहीं, क्योंकि मरीज पहले से ही काफी उलझन में हमारे पास आते हैं। कभी-कभी मैं उनकी दिनचर्या को दोबारा लिखता हूँ या कोई नोट गुम कर देता हूँ (जो मुझे परेशान करता है), लेकिन इरादा वही रहता है—उन्हें ऐसे ठीक करने में मदद करना जो उनके दिनचर्या में फिट हो। मेरी प्रैक्टिस भले ही नई हो, लेकिन यह ईमानदार, सावधान और हर व्यक्ति के साथ बेहतर होने के लिए प्रतिबद्ध है।