How to use herbs like Ashwagandha and Musli for erectile dysfunction and premature ejaculation? - #55774
मुझे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और प्रीमेच्योर एजुकेशन की प्रॉब्लम है तो इसमें मैं कीड़ा जड़ी ,सलाम पंजा , ईरानी अकरकरा, अश्वगंधा ,सफेद मूसली, काली मूसली, विदारीकंद ,गोखरू , रुमि मस्तगी, शतावर, धागा मिश्री ,मुलेठी आदि दवाइयां को लेना चाहता हूं लेकिन उनकी मात्रा मुझे नहीं पता है कितनी कितनी मात्रा लेनी है कृपया बताने का कष्ट करें। इन दवाइयों के अलावा आप कोई और दवाई लेने के लिए सुझाव देना चाहते हैं तो कृपया बताने का कष्ट करें।
How long have you been experiencing erectile dysfunction and premature ejaculation?:
- More than 6 monthsHow would you rate the severity of your erectile dysfunction?:
- Severe — unable to achieve erectionHave you noticed any specific triggers for your symptoms?:
- No specific triggersAre you currently taking any medications or supplements?:
- No medicationsHow is your overall health and lifestyle?:
- Moderately healthy — some lifestyle issuesHow is your diet? Do you follow any specific dietary restrictions?:
- Vegetarian or veganHow often do you experience stress or emotional challenges?:
- Occasionally — some stressDoctors' responses
1.औषधियों का मात्रा निर्धारण (Dosage & Proportion) इस पूरे योग को एक संतुलित और प्रभावी “वाजीकरण चूर्ण” बनाने के लिए जड़ी-बूटियों को निम्नलिखित अनुपात (Ratio) में मिलाना सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है। (कुल 400 ग्राम का पैमाना): औषधि का नाम अनुशंसित मात्रा (Ratio/Grams) मुख्य कार्य अश्वगंधा 50 ग्राम वातशामक, मानसिक तनाव एवं एंग्जायटी को कम करना। सफेद मूसली 50 ग्राम वृष्य, शुक्र धातु को बढ़ाना और बल प्रदान करना। शतावर 50 ग्राम धातु पौष्टिक, पित्तशामक और शरीर को पोषण देना। विदारीकंद 50 ग्राम बृंहण और रसायन, शारीरिक क्षमता बढ़ाना। गोखरू (छोटा) 40 ग्राम मूत्रल, टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, वात-पित्त शामक। सलाम पंजा 40 ग्राम अत्यंत वीर्यवर्धक और स्तंभक (Erectile Strength के लिए)। काली मूसली 30 ग्राम धातु वर्धक और अंदरूनी कमजोरी दूर करना। मुलेठी 30 ग्राम योगवाही (दवाइयों के अवशोषण में मददगार) और मधुर। ईरानी अकरकरा 20 ग्राम उत्तेजक (Stimulant), रक्त संचार (Blood circulation) बढ़ाना। रुमी मस्तगी 20 ग्राम स्तंभक (Premature Ejaculation को रोकने के लिए बेस्ट)। कीड़ा जड़ी (Cordyceps) 20 ग्राम ऊर्जा, स्टेमिना और वाजीकरण गुणों से भरपूर (महंगी और अत्यंत प्रभावी)। धागा मिश्री 200 ग्राम (या स्वादानुसार) निर्माण विधि: रुमी मस्तगी और कीड़ा जड़ी को छोड़कर बाकी सभी सूखी जड़ी-बूटियों को कूटकर कपड़छन चूर्ण (Fine Powder) बना लें। रुमी मस्तगी को अलग से हल्के हाथों से पीसें (क्योंकि यह गोंद जैसी होती है, ज्यादा रगड़ने से चिपक जाती है)। कीड़ा जड़ी का भी महीन पाउडर अलग से बनाएं। अंत में सभी चूर्णों को और मिश्री पाउडर को एक साथ मिलाकर कांच के वायुरुद्ध (Air-tight) बर्तन में सुरक्षित रख लें। सेवन विधि (Anupana & Timing): मात्रा: 3 से 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच)। समय: दिन में दो बार — सुबह खाली पेट (या नाश्ते के आधे घंटे बाद) और रात को सोने से एक घंटा पहले। अनुपान: गुनगुने गाय के दूध (Cow’s Milk) के साथ, जिसमें थोड़ा सा गाय का घी मिला हो तो परिणाम और बेहतर मिलते हैं। 2. अतिरिक्त औषधीय सुझाव सिद्व मकरध्वज (Siddha Makardhwaj - Gold Leaf): यदि इरेक्शन में बहुत कमी महसूस हो, तो 125 mg सिद्ध मकरध्वज को शहद के साथ चूर्ण से पहले लें। यह पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को तीव्र करता है। वानारी गुटिका (Vanari Gutika): कौंच बीज के इस क्लासिकल योग को भी साथ में शामिल किया जा सकता है, जो डोपामाइन लेवल बढ़ाकर प्रीमेच्योर इजैक्यूलेशन में उत्कृष्ट परिणाम देता है। 3. ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें (Clinical Precautions) पाचन अग्नि (Agni): यह योग अत्यंत गुरु (Heavy to digest) और स्निग्ध है। यदि आपकी जठराग्नि मंद (Weak digestion) है, तो यह आम (Toxins) पैदा कर सकता है। इसके पाचन के लिए शुरुआत में चूर्ण के साथ चित्रकादि वटी या लवनभास्कर चूर्ण का प्रयोग करें ताकि दवाएं पूरी तरह एब्जॉर्ब हों। अकरकरा की मात्रा: ध्यान रहे कि ईरानी अकरकरा स्वभाव से बेहद तीक्ष्ण और उष्ण होता है। यदि शरीर में पित्त या गर्मी ज्यादा महसूस हो (जैसे मुंह में छाले या एसिडिटी), तो अकरकरा की मात्रा आधी कर दें। मानसिक तनाव (Performance Anxiety): शीघ्रपतन का एक बड़ा कारण मानसिक होता है। अश्वगंधा इसमें मदद करेगा, लेकिन साथ में शंखपुष्पी या सारस्वतारिष्ट का सेवन रात में करने से न्यूरोलॉजिकल कंट्रोल बेहतर होता है।
आपने जो यह औषधीय का मिश्रण बताया है वह कितने दिन के लिए पर्याप्त रहेगा और मुझे औषधीय को कितने समय तक सेवन करना जरुरी रहेगा जिससे जीवन में कभी दोबारा इस तरह की समस्या ना हो और पूरी तरह में स्वस्थ हो जाऊं । आपने जो सारस्वतarist बताया है उसको कैसे लेना है और इन दवाइयां के कितनी देर बाद लेना है खाली पेट लेना है या खाना खाने के बाद लेना है।
1.Is mixture ko aap din me 2 time 1 tsf subah aur sham le sakte ha khana khane ka baad. 2.Abhi aap isko 15 din start kare…fir result dekhe kitne h fir uske according decide karege ki kitna long term lena ha aapko 3.saraswata arist ye aapko 15 ml din me do baar barabar matra me Pani Mila ka lena ha khana khane ka baad. Sab dawayi me 5-7 min ka gap rak sakte ha… Aur jayda jankari ka liye aap is samasya ka liye meri personal consultation le sakte ha aapko bahut benifit hoga…
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