What to do if my penis feels small and I have trouble with erections after 10 years of masturbation? - #56477
Mai lagbhag 10 saal se masturbation kar rha hu ab mere ko mera penis bht chhota lagta hai or patla bhi hai sperm bahut jaldi nikal jata hai baki ladko ke penis size bahut chhota lagta hai aacha se irrection bhi nahi aata hai
Doctors' responses
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आयुर्वेद में ‘वाजीकरण चिकित्सा’ (Vajikarana therapy) का वर्णन है, जो आंतरिक रूप से धातुओं को मजबूत करती है और बाहरी रूप से नसों को बल देती है। इसके लिए आप निम्नलिखित पांच महाऔषधियों का एक विशेष योग तैयार कर सकते हैं: ▪︎अश्वगंधा (Ashwagandha): यह एक बेहतरीन ‘वीर्यवर्धक’ जड़ी-बूटी है। यह शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाती है, तनाव कम करती है और मांसपेशियों व नसों को ताकत (muscular power) देती है। ▪︎कौंच बीज (Kaunch Beej):इसे आयुर्वेद में उत्कृष्ट वाजीकरण द्रव्य माना गया है। इसमें प्राकृतिक रूप से L-Dopa पाया जाता है, जो मस्तिष्क में डोपामाइन (dopamine) के स्तर को बढ़ाकर स्वस्थ वीर्य और शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करता है। ▪︎गोक्षुर (Gokshura): यह मूत्र विकारों को नष्ट करता है, शरीर की धातुओं को शुद्ध करता है और अंगों में रक्त संचार बढ़ाकर स्तंभन शक्ति (erectile power) प्रदान करता है। इसमें मौजूद प्रॉटोडायोसिन (Protodioscin) कामेच्छा और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करता है। ▪︎सफेद मूसली (White Musli): यह वीर्य को गाढ़ा करती है और उसकी गुणवत्ता व चिकनाई (lubricity) को बढ़ाती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन्स शारीरिक क्षमता और प्रजनन क्षमता में भारी वृद्धि करते हैं। ▪︎विदारीकंद (Vidarikand): यह एक उत्तम वीर्यवर्धक और बल्य औषधि है। इसमें मौजूद फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व जननांगों और प्रजनन अंगों को गहराई से पोषण देते हैं जिससे प्रजनन क्षमता सुधरती है। ●दवा बनाने और सेवन करने की विधि: इन पांचों औषधियों को अलग-अलग लेकर साफ कर लें और इमामदस्ते या मिक्सर में पीसकर बारीक चूर्ण (60-80 मेश का महीन पाउडर) बना लें। इस तैयार मिश्रण को एक साफ, सूखी और एयरटाइट कांच या टिन के जार में सुरक्षित रख लें। रोजाना रात को सोने से पहले (Bedtime) इस चूर्ण में से 1 छोटा चम्मच (लगभग 3 से 5 ग्राम) मात्रा लें। इसे हल्के गुनगुने दूध (Lukewarm Milk) के साथ सेवन करें, जिसमें थोड़ी मिश्री (sugar candy) घुली हुई हो। संपूर्ण लाभ और नसों व धातुओं के पूर्ण पोषण के लिए इस प्रयोग को नियमित रूप से कम से कम 3 महीने तक जारी रखें। ●बाहरी मालिश के लिए सुरक्षित उपाय: सरसों-लहसुन के तीखे मिश्रण को छोड़कर, आप लिंग की नसों को प्राकृतिक मजबूती देने के लिए बला तेल (Bala Taila), बादाम तेल (Almond Oil) या अश्वगंधा तेल (Ashwagandha Taila) का उपयोग करें। इन सुरक्षित और वात-शामक तेलों की 4-5 बूंदें लेकर दिन में 2 बार (सुबह और शाम) हल्के हाथों से लिंग के निचले हिस्से को छोड़कर ऊपर की तरफ मालिश करें। यह बिना किसी नुकसान के वहां के रक्त संचार को सुधारेगा और ढीलेपन की समस्या को दूर करेगा। साथ ही, बेहतर परिणाम और व्यक्तिगत शारीरिक प्रकृति (प्रकृति परीक्षण) के अनुसार मार्गदर्शन के लिए एक बार नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
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