35 साल के पुरुष के लिए, पसीने और त्वचा की सूखापन की समस्याओं के लिए आयुर्वेद से एक्जिमा और त्वचा की समस्याओं का इलाज कैसे करें? - #56042
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How long have you been experiencing eczema symptoms?:
- More than 6 monthsHow would you describe the severity of your eczema?:
- Severe — constant discomfortWhat triggers your eczema symptoms the most?:
- Weather changesHave you noticed any associated symptoms with your eczema?:
- ItchingHow is your digestive health affecting your skin?:
- Frequent digestive issuesWhat types of moisturizers or creams have you used in the past?:
- NoneHow would you describe your overall stress levels?:
- Moderate — some stressHave you tried any Ayurvedic treatments before?:
- No, this is my first timeडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आपके लक्षणों के अनुसार यह समस्या मुख्यतः पित्त + कफ दोष, रक्तदूषिता (खून की अशुद्धि), त्वचा की संवेदनशीलता और पाचन/कब्ज़ की गड़बड़ी से जुड़ी हुई लगती है। बार-बार एक्जिमा, खुजली, पानी/मवाद आना, फंगल संक्रमण, गर्मी लगना और मौसम बदलते ही दाने निकलना — यह दर्शाता है कि शरीर में अंदरूनी सूजन और रक्तदोष बढ़ा हुआ है। आयुर्वेद में ऐसे रोगों में शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरफ उपचार करना जरूरी होता है। आयुर्वेदिक उपचार 1) रक्तशुद्धि और एक्जिमा के लिए महा मंजिष्ठादि क्वाथ / सिरप 15 ml बराबर पानी मिलाकर सुबह और शाम भोजन के बाद खून साफ करता है, खुजली और लालिमा कम करता है। खदिरारिष्ट 15 ml बराबर पानी मिलाकर दोपहर और रात भोजन के बाद एक्जिमा, फंगल संक्रमण और त्वचा एलर्जी में लाभकारी। सारिवाद्यासव 15 ml बराबर पानी मिलाकर शाम को भोजन के बाद शरीर की गर्मी, जलन, मुंह सूखना और पित्त शांत करने में मदद। 2) गोली / टैबलेट गंधक रसायन 2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद खुजली, संक्रमण और त्वचा रोग में उपयोगी। आरोग्यवर्धिनी वटी 1 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद पाचन सुधारती है, लीवर और त्वचा के लिए लाभकारी। क्योंकि आपको पहले Hepatitis C रहा है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लें और समय-समय पर LFT टेस्ट करवाते रहें। 3) कब्ज़ और शरीर की सफाई त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ रात में कब्ज़ कम करेगा और त्वचा रोग की जड़ को शांत करेगा। बाहरी लगाने की दवा यदि पानी/मवाद निकल रहा हो नीम तेल या हल्का आयुर्वेदिक त्वचा तेल रुई से हल्का लगाएं ज्यादा मोटी परत न लगाएं संक्रमण और खुजली कम करने में मदद मिलती है। मॉइस्चराइज़र / त्वचा की देखभाल वर्जिन नारियल तेल नहाने के तुरंत बाद हल्का लगाएं त्वचा को सूखने से बचाता है यदि लगाने से जलन या खुजली बढ़े तो बंद कर दें। जरूरी परहेज इन चीजों को कम करें: दही (विशेषकर रात में) बहुत तीखा और मसालेदार भोजन बासी भोजन ज्यादा चाय-कॉफी कोल्ड ड्रिंक ज्यादा चीनी बार-बार साबुन लगाना गर्म पानी से नहाना क्या खाएं गुनगुना पानी मूंग दाल लौकी, तोरी, परवल अनार, पपीता हल्का और सुपाच्य भोजन थोड़ी मात्रा में घी त्वचा को सुरक्षित रखने के नियम पसीना आने के बाद शरीर सूखा रखें कॉटन कपड़े पहनें सिंथेटिक कपड़े और टाइट जूते कम पहनें खुजलाने से बचें अलग तौलिया रखें त्वचा में नमी जमा न रहने दें उपचार कितने समय करें? शुरुआती सुधार: 3–4 सप्ताह पुरानी समस्या को नियंत्रित करने में: 3–6 महीने नियमित परहेज और दिनचर्या बहुत जरूरी है, तभी एक्जिमा बार-बार होने से रुकेगा।
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