सुबह के समय पोट्टी में खून और शराब का सेवन - #39931
जसे की मुझे सुबह के समय पोट्टी में खून आने लगा है कुछ दिनोसे लगातार शराब पी है क्या अमृत रस का सेवन कैसे करना चाहिए
आपको ये लक्षण कब से हैं?:
- 1 सप्ताह से कमक्या आपको और कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं?:
- कोई नहींआपकी पाचन स्वास्थ्य कैसी है?:
- अच्छा, कभी-कभी समस्याएँइस स्थिति के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार


डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
सुबह पोट्टी में खून आना स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, और इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। यह पाचन तंत्र में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है जैसे बवासीर, गुदा फिशर या अधिक गंभीर स्थिति जैसे पेट या आंतों में अल्सर। शराब का लगातार सेवन इन समस्याओं को बढ़ा सकता है क्योंकि ये पाचन तंत्र की ऊतकों को नुकसान पहुँचा सकता है।
पहले, अमृत रस का सेवन करने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेना बेहतर होगा क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर और स्थिति अलग होती है। अमृत रस का सेवन आमतौर पर ओज, या जीवन शक्ति, बढ़ाने के लिए किया जाता है और इसे नियमित रूप से 10-15 मिलीलीटर की मात्रा में, सुबह के समय खाली पेट लिया जा सकता है। लेकिन, ऐसा करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करना आवश्यक है ताकि आपकी विशेष स्थिति को समझकर सही मार्गदर्शन दिया जा सके।
आयुर्वेद में शराब का सेवन विकृति को बढ़ा सकता है और पित्त दोष को आग्राहित कर सकता है। इसे नियंत्रित करना आवश्यक होगा। गति-प्रेरित जीवनशैली जैसे धूम्रपान, मसालेदार भोजन और शराब से दूर रहना आपकी बेहतर स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।
आप तत्काल एलोपैथिक चिकित्सा सुविधा प्राप्त करें ताकि आंतरिक रक्तस्राव या गम्भीर स्थितियों की तुरन्त जांच की जा सके। सुनिश्चित करें कि आप मेडिकल टेस्ट (जैसे कि कोलोनोस्कोपी या एंडोस्कोपी) करवायें ताकि आपकी स्थिति के मुख्य कारण पता चल सके। बहुत सारे तरल पदार्थ पीये और अपने खान-पान में हरी सब्जियां, ताजे फल जैसे पपीता और अंजीर शामिल करें, ताकि आपकी पाइत्रिक प्रणाली सुचारू रूप से कार्य कर सके।
लेकिन ध्यान रखें कि आयुर्वेदिक उपचारों को प्रारंभ करने से पहले किसी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत परामर्श अनिवार्य है।
आपके द्वारा बताए गए लक्षण गंभीर हो सकते हैं और खून का आना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से चिंताजनक है। पहले तो यह बहुत जरूरी है कि आप किसी डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें ताकि उचित निदान और चिकित्सा की जा सके। खून के मल में आने की कई वजह हो सकती हैं जैसे कि आंत्र में चोट, बवासीर या कोई और चिकित्सा स्थिति, जिसे तुरंत जांचने की जरूरत पड़ सकती है।
जहाँ तक आयुर्वेद की बात है, अमृत रस का जब हम जिक्र करते हैं, तो यह एक मजबूत जीवनदायिनी औषधि मानी जाती है। इसके उपयोग से संबंधित विस्तृत सलाह देने के पहले आपके विभिन्न दोषों (वात, पित्त, कफ) की स्थिति और शरीर की प्रकृति का ज्ञात होना जरूरी है। अगर आप अमृत रस का सेवन प्रारंभ करना चाहते हैं, तो इसे खाली पेट या भोजन के कम से कम एक घंटे बाद लेना फायदेमंद हो सकता है। आमतौर पर इसे दिन में एक बार सुबह के समय लिया जाता है, लेकिन यह आपकी विशेष हालत पर निर्भर करेगा।
शराब का सेवन आपके दोषों को असंतुलित कर सकता है, विशेषकर पित्त को। इसलिए, शराब का सेवन तुरंत रोकना बेहतर होगा क्योंकि यह आपके खून से संबंधित समस्याओं को बढ़ा सकता है।
अंत में, कोई भी आयुर्वेदिक इलाज शुरू करने से पहले अपने शरीर की स्थिति को समझने के लिए एक प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलने की सलाह दी जाती है। साथ ही, अगर आपके हालत बिगड़ती है या खून का आना जारी रहता है, तो तात्कालिक चिकित्सा मदद लेना अत्यंत जरूरी है ताकि आप किसी गंभीर स्थिति से बच सकें।

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