क्या मैं अपने पिता के बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए कैथेटर और 4.2 के PSA के साथ आयुर्वेदिक इलाज ले सकता हूँ? - #55331
Mera papa ka prostate 64 CC bada hua hai. Hum ayurvedic treatment le sakte hain kya? Catheter laga hua hai aur PSA 4.2 aaya hai. Patanjali ke ayurvedic doctor se meri baat hui hai, unhone ayurvedic davaiyon ka course bataya hai. Kya vah le sakte hain?
How long has your father had the enlarged prostate?:
- More than 1 yearWhat symptoms is your father experiencing?:
- Difficulty urinatingHas he experienced any complications related to the catheter?:
- No complicationsWhat other treatments has he tried for this condition?:
- Prescription medicationsHow is his overall health apart from the prostate issue?:
- Good, no other health issuesIs he following any specific diet or lifestyle changes?:
- Yes, a healthy dietHow often does he visit a healthcare provider for this condition?:
- Occasionallyडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
●हां आप अपने पिताजी के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा दे सकते हो. साथ ही एक महीने के अंदर कैथेटर परिवर्तन कराना चाहिए. इसके अलावा मैं कुछ दवाइयाँ दे रहा हूं. ● योगराज गुग्गुलु - 1 गोली दिन में दो बार, भोजन के बाद, 3-4 सप्ताह तक ● वरुणादि काषाय / पुनर्नवादि काषायम (यदि सूजन/मूत्र प्रतिधारण हो) - 15 मिलीलीटर + बराबर मात्रा में गुनगुना पानी, नाश्ते से पहले और रात के खाने से पहले, 4-6 सप्ताह तक ● गोक्षुरादि गुग्गुलु - 2 गोलियां दिन में दो बार, भोजन के बाद, 4-6 सप्ताह तक ● चंद्रप्रभा वटी - 2 गोलियां दिन में दो बार, भोजन के बाद, 6-8 सप्ताह तक ● प्रोस्टेट की गोलियां - सौम्य प्रोस्टेट अतिवृद्धि और मूत्र असंयम जैसी स्थितियों में लाभकारी। •नियमित मूत्र प्रवाह बनाए रखने में सहायक। जस्ता की कमी को दूर करने में सहायक। पुरुषों के जननांगों के आकार को अनुकूलित करता है ●महानारायण तैल - पीठ के निचले हिस्से और पेट के निचले हिस्से की हल्की मालिश ●सिट्ज़ बाथ •त्रिफला सिट्ज़ बाथ: 2 बड़े चम्मच त्रिफला को गुनगुने पानी में उबालें। 10-15 मिनट तक बैठें। 10 दिनों तक प्रतिदिन लें, फिर एक दिन छोड़कर लें। ●सहायक आयुर्वेदिक पेय (प्रतिदिन): •धनिया + जीरा का पानी: 1 छोटा चम्मच धनिया + ½ छोटा चम्मच जीरा 500 मिली पानी में उबालें। दिन भर गुनगुना पीते रहें। जलन और पित्त को कम करता है। ●योग - वज्रासन, भुजंगासन, सेतुबंधासन, बालासन, पवनमुक्तासन •प्राणायाम - अनुलोम विलोम, भ्रमरी
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