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एसिड पेप्टिक डिजीज के लिए घरेलू उपचार: स्थानीय पौधों का उपयोग
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Gastrointestinal Disorders
प्रश्न #45269
85 दिनों पहले
428

एसिड पेप्टिक डिजीज के लिए घरेलू उपचार: स्थानीय पौधों का उपयोग - #45269

Client_5daa48

अम्ल पित्त रोग के लिए घरेलू दवाई बताएं पेड़ पौधों की जो मेरे आस-पास में हो और खाने में क्या-क्या खाना चाहिए

How long have you been experiencing symptoms of acid peptic disease?:

- 1-4 weeks

What specific symptoms do you experience?:

- Heartburn

How is your appetite?:

- Moderate
मुफ़्त
प्रश्न बंद है

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डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं

अम्ल पित्त रोग से आराम पाने के लिए, आपके आसपास के पेड़ पौधों का सही इस्तेमाल काफी मददगार हो सकता है। आइए कुछ उपायों पर ध्यान दें:

1. आंवला (Indian Gooseberry) - आंवला का सेवन पित्त संतुलित करने में मदद करता है। इसे त्रिफला चूर्ण के रूप में या आंवले के जूस के रूप में सुबह खाली पेट लें। आंवला आपकी पित्त समस्याओं को शांत कर सकता है क्योंकि यह ठंडक प्रदान करता है।

2. तुलसी (Holy Basil) - ताजे तुलसी के पत्ते दिन में 3-4 बार चबाएं। यह आपकी आयोग्नि^ को ठीक करने में भी मदद करेगा और पाचन में सुधार लाएगा। तुलसी का अर्क भी एक अच्छा विकल्प है।

3. पुदीना (Mint) - पुदीने का रस निकालकर एक चम्मच शहद के साथ मिला लें और दिन में एक बार पियें। पुदीने की ठंडक अम्लता को कम करने में सहायक हो सकती है, जिससे पेट की जलन कम होती है।

4. एलोवेरा - एलोवेरा जूस भी अम्लता को कम करने में मदद करता है। स्थानीय तौर पर उपलब्ध एलोवेरा का रस आधे गिलास पानी में मिलाकर दिन में एक बार ले सकते हैं।

आहार में इन चीजों को शामिल करें: - खिचड़ी - हल्का और पचने में आसान होता है। इसे हफ्ते में 2-3 बार खाया जा सकता है। - दही - पेट की गर्मी कम करता है। ताजे दही का उपयोग करें, लेकिन इसे रात में न खाएं। - हरी सब्जियाँ - पालक, लौकी, और तुरई जैसे सब्जियाँ पित्त नियंत्रण में बेहतर होती हैं।

इनके साथ, तले हुए, मसालेदार और अधिक तैलीय खाने से परहेज करें। नियमित समय पर हल्के फुल्के भोजन करें, ताकि पेट की पित्त समस्या से राहत मिल सके। प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए यदि लक्षण अधिक गंभीर हो, तो किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना अच्छा रहेगा।

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अम्ल पित्त रोग, जिसे हम अम्लपित्त भी कहते हैं, में मुख्यतः पित्त दोष का असंतुलन होता है। इसे नियंत्रण में रखने के लिए कुछ घरेलू उपाय और आहार संबंधित सलाह आपकी मदद कर सकते हैं।

सबसे पहले, आपके आस-पास के उपलब्ध पेड़-पौधों पर ध्यान दें। नारियल का पानी पीना इसकी अम्लीयता को कम करने के लिए फायदेमंद हो सकता है। रोजाना खाली पेट नारियल पानी लेना आपकी पेट की समस्याएं कम करने में मदद करे सकता है। इसके अलावा, तुलसी की कुछ पत्तियाँ चबाकर या उनके रस का सेवन करने से भी अम्लता में राहत मिल सकती है।

अदरक भी एक प्रभावशील घटक है। आधा चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिला कर गर्म पानी के साथ लेना अम्लता को कम कर सकता है। हालांकि, अदरक का सेवन सावधानी से करना चाहिए, खासकर यदि आप अत्यधिक गर्मी महसूस करते हैं।

सहद और शर्बत का मिश्रण पाचन को ठीक रखने में सहायक हो सकता है। हरे धनिए की पत्तियों का रस निकालकर सेवन करना भी लाभकारी होता है। एक चम्मच हरे धनिए का रस सुबह खाली पेट सुविधाजनक माना जाता है।

आहार में, हल्के और सुपाच्य भोजन का सेवन करें। जैसे, खिचड़ी, दलिया और फलों का सेवन, खासकर तरबूज, केले, और पपीता जो पाचन के लिए अच्छे माने जाते हैं। मसालेदार भोजन, तले हुए पदार्थ, खट्टे फल और अत्यधिक मिर्च मसाले से बचें, क्योंकि ये पित्त को बढ़ा सकते हैं।

साधारण पानी के जगह गरम पानी पिएं। ये पाचन को बेहतर बनाने और अम्लता कम करने में मदद करता है। ध्यान रखें, अगर आपके लक्षण गंभीर हैं या तीव्र दर्द महसूस हो रहा हो, तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। आपकी सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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Julian
14 घंटे पहले
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Abigail
18 घंटे पहले
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Lucas
18 घंटे पहले
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Paisley
18 घंटे पहले
Спасибо, что предупредили насчет давления и трав, я не знал об этом! Полезные и простые советы, будем следовать вашему совету.
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