••एक आयुर्वेदिक डॉक्टर (B.A.M.S.) के दृष्टिकोण से, इस मामले में हीरा भस्म (Heera Bhasma) के उपयोग और संपूर्ण चिकित्सा प्रोटोकॉल को लेकर मेरा विश्लेषण नीचे दिए अनुसार है: 1. हीरा भस्म (Heera Bhasma) का उपयोग: हां या ना? स्पष्ट उत्तर: बिल्कुल नहीं। इस स्थिति में और इस उम्र में हीरा भस्म देने की सलाह कतई नहीं दी जा सकती। इसके पीछे ठोस शास्त्रीय और व्यावहारिक कारण हैं: अति तीव्र और उष्ण वीर्य: हीरा भस्म आयुर्वेद की अत्यंत शक्तिशाली, तीक्ष्ण और उष्ण वीर्य औषधियों में आती है। नवजात या छोटे बच्चों का सुकुमार कोष्ठ (delicate digestive and metabolic system) इसे पचाने और सहन करने में सक्षम नहीं होता। शास्त्रीय विधान: रसशास्त्र के अनुसार, हीरा भस्म (वज्र भस्म) का उपयोग मुख्यतः वयस्कों में गंभीर विकारों (जैसे अर्बुद/Cancer, क्षय, या अत्यंत जीर्ण वात रोग) में रसायन के रूप में किया जाता है। सेरेब्रल पाल्सी जैसी जन्मजात न्यूरोलॉजिकल स्थिति में बच्चों को सीधे हीरा भस्म देना अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है और इससे लिवर/किडनी पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है। सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं: जब हमारे पास बच्चों के लिए अत्यंत सुरक्षित और प्रभावी मेध्य (Brain tonics) और वातशामक औषधियां मौजूद हैं, तो हीरा भस्म जैसे भारी खनिज पर जाना तर्कसंगत नहीं है। 2. मालिश (अभ्यंग) की सलाह: अत्यंत उत्तम और आवश्यक आपके गाँव के डॉक्टर ने मालिश (External Massage/Abhyanga) की जो सलाह दी है, वह शत-प्रतिशत सही और वैज्ञानिक है। सेरेब्रल पाल्सी में मांसपेशियां या तो बहुत सख्त (Spasticity) हो जाती हैं या बहुत ढीली (Flaccidity)। कौन सा तेल इस्तेमाल करें? बच्चों में वात का शमन करने और तंत्रिका तंत्र (Nervous system) को बल देने के लिए निम्नलिखित तेल सर्वश्रेष्ठ हैं: महामाष तेल (Mahamasha Taila) क्षीरबला तेल (Ksheerabala Taila) महानारायण तेल (Mahanarayan Taila) अश्वगंधादि तेल (Ashwagandhadi Taila) विधि: हल्के हाथों से बच्चे के पूरे शरीर पर, विशेषकर रीढ़ की हड्डी (Spine), हाथ-पैरों के जोड़ों और सिर पर नियमित अभ्यंग (मालिश) करें। इसके बाद हल्का सा स्वेदन (Mild fomentation - जैसे गुनगुने पानी की भाप या कपड़े से सिकाई) मांसपेशियों की जकड़न को कम करने में बहुत मदद करेगा। 3. आदर्श आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा प्रोटोकॉल (CP Child के लिए) सेरेब्रल पाल्सी एक मल्टी-सिस्टम डिसऑर्डर है, इसलिए केवल एक दवा से आराम नहीं होगा। इसके लिए एक Multidisciplinary Approach की आवश्यकता होती है: क) सुरक्षित आयुर्वेदिक मेध्य और वातशामक औषधियां (Pediatric Dosage) बच्चे की उम्र और वजन के अनुसार (किसी बाल रोग विशेषज्ञ या वरिष्ठ आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में ही) निम्नलिखित दवाएं दी जा सकती हैं: कुमारकल्याण रस (Kumarkalyan Ras): बच्चों के विकास और तंत्रिका तंत्र के लिए यह हीरा भस्म से कई गुना सुरक्षित और स्वर्ण-युक्त सर्वोत्तम औषधि है। सारस्वतारिष्ट (Saraswatarishta) या शंखपुष्पी सीरप: बुद्धि, वाणी (Speech) और मस्तिष्क के विकास के लिए। अश्वगंधा चूर्ण / घी: मांसपेशियों को ताकत देने के लिए। ब्राह्मी घृत या कल्याणक घृत: न्यूरो-डेवलपमेंट के लिए खाली पेट बहुत कम मात्रा में चाटना। ख) पंचकर्म चिकित्सा (Panchakarma) यदि बच्चा थोड़ा बड़ा है (या डॉक्टर की सलाह अनुसार), तो ‘षष्टिक शालि पिंड स्वेद’ (Navara Kizhi) और ‘मात्रा बस्ति’ (Mild Enema with medicated oil) इसके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। यह मांसपेशियों की एट्रोफी (Atrophy) को रोकता है। ग) आधुनिक चिकित्सा का समन्वय (가장 महत्वपूर्ण) Physiotheapy (भौतिक चिकित्सा): मालिश के साथ-साथ प्रोफेशनल फिजियोथेरेपिस्ट से एक्सरसाइज कराना अनिवार्य है ताकि बच्ची के अंगों में मूवमेंट आ सके। Speech Therapy: बोलने की क्षमता में सुधार के लिए। Pediatric Neurologist: आंखों की रोशनी (दृष्टि दोष) और मस्तिष्क की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए एक बार पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट से MRI और आंखों की जांच (Opthalmology check-up) जरूर करवाएं।
Can I give my child with cerebral palsy Heera Bhasma for treatment? - #56600
मेरी बच्ची जन्म से हीचल,बोल,यादेख नहीं पारही है वह cp child हैक्या इसे हीरा भस्म देसकते हैहमारे गॉव के एक डॉक्टर ने सलाह दीया है हीराभस्म के और मालिश का
Doctors' responses
यदि आपकी बच्ची को जन्म से Cerebral Palsy (CP) है और वह चल, बोल या देख नहीं पा रही है, तो केवल हीरा भस्म देने से सुधार होने का कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ----मेरी सलाह: हीरा भस्म एक रसायन औषधि है, इसकी गुणवत्ता, मात्रा और शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गलत या अशुद्ध दवा नुकसान पहुंचा सकती है। ----CP में सबसे महत्वपूर्ण उपचार हैं: नियमित फिजियोथेरेपी ऑक्यूपेशनल थेरेपी स्पीच थेरेपी नेत्र एवं न्यूरोलॉजिस्ट की नियमित जांच -----आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से अभ्यंग (तैल मालिश), स्वेदन, तथा चिकित्सक की सलाह अनुसार बृंहण एवं वातशामक उपचार सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें मुख्य उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। —कृपया बताइए: -बच्ची की वर्तमान आयु क्या है? -क्या वह बिल्कुल नहीं देख पाती या थोड़ी प्रतिक्रिया देती है? -क्या MRI या न्यूरोलॉजिस्ट द्वारा CP का निदान हुआ है?
4 वर्ष 5 महीना बिलकुल नहीं देख पाती है Mri हुआ है उसमे ब्रेन मे कोई नस बलॉक हो गया है जो किसी प्रतिक्रिया के रिप्लाई नहीं दे पा रही है जन्म के समय ही उनका ब्रेन फस गया जिए खींच कर निकला गया डॉक्टर के द्वारा फिर उसे शीशे मे रखा गया 3 दिन मे उन्हें झटका आने लगा जो अभी तक आता है
Consulting the ayuevedic pediatric specialist for better examination and treatment
About our doctors
Only qualified ayurvedic doctors who have confirmed the availability of medical education and other certificates of medical practice consult on our service. You can check the qualification confirmation in the doctor's profile.