अवसाद, घबराहट और नींद की समस्या - #40732
अवसाद और घबराहट और आपत्तिजनक विचार आना जिससे नींद आने मैं भी समस्या आ रही है। इसके लिये कोई आयुर्वेदिक असरदार दवा बताएं
इस स्थिति के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार


डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
अवसाद, घबराहट, आपत्तिजनक विचार और नींद की समस्याओं के लिए आयुर्वेद में कुछ प्रभावी तरीके हैं जिनसे आपको मदद मिल सकती है। आपको सबसे पहले अपने भोजन पर ध्यान देना होगा। यह सुनिश्चित करें कि आपका आहार सात्त्विक हो यानी कि ताजा, पोषित, और शांति देने वाला हो। जैसे कि ताजे फल, सब्जियाँ, चोकर युक्त अनाज और दूध। भारी, तले हुए, और मसालेदार भोजन से बचें जो तामसिक होते हैं और मानसिक अशांति को बढ़ा सकते हैं।
दिन में कम से कम 30 मिनट योग और प्राणायाम करें, जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। विशेष रूप से अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम विशेष प्रभावी हो सकते हैं। इसके अलावा, ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास भी शुभ होता है और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा देता है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, अश्वगंधा और ब्राह्मी जैसी जड़ी-बूटियाँ मानसिक चिंताओं को कम करने में सहायक होती हैं। आप अश्वगंधा चूर्ण 500 मिलीग्राम सुबह और संध्या गर्म दूध के साथ सेवन कर सकते हैं। ब्राह्मी का सेवन भी दिमाग को शांत और स्थिर करता है; इसे पानी के साथ लें।
नींद के लिए, सोने से पहले “त्रिफला” का सेवन करें। यह न केवल पाचन में मदद करता है बल्कि मन को भी शांत करता है। सोने से पहले पैरों के तलवों में तिल का तेल मालिश करने से आरामदायक नींद आ सकती है।
इन उपायों को अपनाने के बाद भी अगर समस्याएं बनी रहती हैं, तो पेशेवर चिकित्सा सलाह और निरीक्षण आवश्यक है। लापरवाही ना करें और अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। आपत्तिजनक विचारों के लिए मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना भी आवश्यक है।
अवसाद, घबराहट और नींद की समस्या से राहत पाने के लिए, सबसे पहले आपके दोष के संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है। अक्सर ये परेशानियाँ वात दोष के असंतुलन से जुड़ी होती हैं।
1. आहार में बदलाव करें: समय पर भोजन करना महत्वपूर्ण है। दिन में तीनों बार पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन करें। ताजे फलों का सेवन और घी, शहद का उचित मात्रा में उपयोग भी फायदेमंद होगा। भूखे पेट अधिक समय ना रहें।
2. हर्बल चाय: अश्वगंधा और ब्राह्मी का सेवन तनाव और घबराहट को कम कर सकता है। एक कप गर्म पानी में इनका पाउडर मिलाकर दिन में एक या दो बार पिएं।
3. अभ्यंगम (मालिश): तिल का तेल या नारियल तेल से पूरे शरीर की हल्की मालिश करें। इससे शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है और मानसिक तनाव कम होता है।
4. योग और प्राणायाम: रोज 20-30 मिनट नाड़ी शोधन प्राणायाम और श्वास व्यायाम करें। इससे चिंता और तनाव कम होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
5. त्रिपर्णी काढ़ा: एक चम्मच त्रिपर्णी का पाउडर एक कप पानी में उबालकर रात में सोने से पहले पियें। यह शरीर को शांति देता है और नींद को बेहतर बनाता है।
6. नींद की दिनचर्या: सोने का समय निश्चित रखें, और सोने से पहले फोन या कम्प्यूटर से दूर रहें। कंप, धुंधल प्रकाश और शांत वातावरण में सोएं।
अगर ये उपाय शुरू करके भी समस्या बनी रहे, तो कृपया अपने निकटतम आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें। गंभीर स्थितियों के लिए व्यक्तिगत चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है।

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