Your symptoms suggest increased Pitta with constipation. Ayurvedic treatment Avipattikar churna 1 tsp with lukewarm water at bedtime. Guduchi satva 500 mg twice daily after food. Sarivadyasava 15 ml + equal water after lunch and dinner. Diet Drink coriander + fennel water whole day. Eat ghee, cucumber, bottle gourd, pomegranate, soaked raisins. Avoid spicy, fried, tea/coffee, fast food, and late nights. For face pimples: Apply sandalwood powder + rose water paste 15 min daily.
1. मुख्य आयुर्वेदिक औषधियां (Internal Medications) पेट साफ करने और पित्त विरेचन के लिए: त्रिफला चूर्ण (Triphala Churn) या अविपत्तीकर चूर्ण (Avipattikar Churn): रात को सोते समय 1 चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम) हल्के गुनगुने पानी या सामान्य पानी के साथ लें। यह पित्त को शांत करेगा और सुबह पेट खुलकर साफ करेगा। शरीर की गर्मी और चिड़चिड़ापन शांत करने के लिए: प्रवाल पिष्टी (Praval Pishti) या कामदुधा रस (Kamdudha Ras): 250 mg दिन में दो बार, सुबह खाली पेट और शाम को भोजन से एक घंटा पहले, थोड़े से शहद या गाय के घी के साथ लें। यह शरीर के बढ़े हुए थर्मोस्टेट (गर्मी) को तुरंत शांत करता है। चंदन आसव (Chandanasava) या उशीरासव (Ushirasava): 4 चम्मच (20 ml) दवाई में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर दिन में दो बार, भोजन के आधे घंटे बाद लें। यह हाथ-पैरों की जलन और मानसिक चिड़चिड़ेपन में बहुत आराम देता है। चेहरे के दानों और रक्त शुद्धि के लिए: महामंजिष्ठादि काढ़ा (Mahamanjishtadi Kwath) या खदिरारिष्ट (Khadirararishta): 4 चम्मच दवाई बराबर पानी के साथ दिन में दो बार लें। यह रक्त को शुद्ध कर त्वचा के विकारों को ठीक करता है। 2. आहार में बदलाव (Pitta-Pacifying Diet) क्या खाएं: ज्यादा से ज्यादा ठंडी तासीर वाली और सुपाच्य चीजें लें। पुराने चावल, मूंग की धुली दाल, लौकी, तोरई, कद्दू, और परवल जैसी हरी सब्जियां। फलों में अनार, पका हुआ पपीता (पेट साफ करने के लिए उत्तम), और मीठे अंगूर खाएं। मिश्री और सौंफ का पानी: दिनभर में नॉर्मल पानी की जगह सौंफ और मिश्री का भीगा हुआ पानी पीना शरीर की आंतरिक गर्मी को खींच लेता है। किन चीजों से सख्त परहेज करें: अत्यधिक तीखा, मसालेदार, तला-भुना और फास्ट फूड। चाय, कॉफी, और खट्टे पदार्थ (जैसे नींबू का अत्यधिक सेवन, अचार, दही, सिरका)। गर्म तासीर वाली चीजें जैसे बाजरा, लहसुन, अदरक, और गरम मसाला। 3. विहार और जीवनशैली (Lifestyle Protocols) शीतली और शीतकारी प्राणायाम: रोजाना सुबह 10-15 मिनट शीतली प्राणायाम करें। यह शरीर के तापमान को तुरंत कम करता है और चिड़चिड़ापन दूर कर मन को शांत करता है। पादअभ्यंग (Foot Massage): रात को सोते समय पैरों के तलवों में गाय का घी या चंदन का तेल लगाकर 5-10 मिनट मालिश करें। इससे हाथ-पैरों की गर्मी (Burning sensation) में चमत्कारी लाभ मिलता है और नींद भी गहरी आती है। उषापान: सुबह उठते ही बिना ब्रश किए 1-2 गिलास सामान्य तापमान का पानी (तांबे के बर्तन का हो तो बेहतर) घूंट-घूंट करके पिएं, जिससे मलप्रवृत्ति (Bowel movement) सही हो।