How to treat tension and body weakness with back pain at age 27? - #56837
मुझे टेंशन रहती ओर बॉडी वीकनेश रहतीहे बैकपैनरहताहै पूरा ऐसे रहताजैसे कितना कामकियाहोलिंगमेतनावभीकमरहता age 27
Doctors' responses
आपकी उम्र 27 वर्ष है और आपको लगातार टेंशन, शरीर में कमजोरी, कमर/पीठ दर्द तथा हमेशा थकान जैसा महसूस होना सामान्य बात नहीं है। इसके पीछे मानसिक तनाव, नींद की कमी, पोषण की कमी, विटामिन D या B12 की कमी, थायरॉइड की समस्या या अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। ------मेरी सलाह है कि: प्रतिदिन 7–8 घंटे की पर्याप्त और अच्छी नींद लें। संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी शामिल हो। नियमित रूप से हल्का व्यायाम, योग एवं प्राणायाम करें। तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation) और गहरी श्वास लेने का अभ्यास करें। ----यदि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो CBC, Vitamin D3, Vitamin B12, TSH (थायरॉइड) और Blood Sugar जैसी जांच करवाएं। ----आयुर्वेदिक दृष्टि से अश्वगंधा, ब्राह्मी तथा च्यवनप्राश जैसी औषधियां मानसिक तनाव कम करने और शरीर की शक्ति बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं -----rx Ashwagandha Capsule – 1 कैप्सूल सुबह और 1 कैप्सूल रात को भोजन के बाद दूध के साथ। Brahmi Vati – 1 गोली सुबह और 1 गोली रात को भोजन के बाद। Chyawanprash Avaleha – 1 चम्मच सुबह खाली पेट गुनगुने दूध के साथ। Mahayograj Guggulu – 2 गोली दिन में दो बार भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ। Dashmoolarishta – 20 ml बराबर मात्रा पानी मिलाकर भोजन के बाद दिन में दो बार। ----Diet Advice दूध, घी, मूंग दाल, तिल, बादाम, खजूर एवं मौसमी फलों का सेवन करें। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, अधिक चाय-कॉफी तथा देर रात जागने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं।
••अत्यधिक मानसिक तनाव (चिंता) सीधे रस धातु की अग्नि को मंद करता है, जिससे आगे की धातुओं (मांस, अस्थि, शुक्र) का पोषण रुक जाता है। यही कारण है कि बिना शारीरिक श्रम के भी आपको अत्यधिक थकान और पीठ दर्द (अस्थि-मांस शिथिलता) महसूस हो रहा है। चिकित्सीय दृष्टिकोण से आपके लिए एक संपूर्ण आयुर्वेदिक प्रबंधन (Clinical Protocol) नीचे दिया गया है: 1. शमन चिकित्सा (Oral Medications) तनाव को कम करने, बल बढ़ाने और कामेच्छा व स्तंभन में सुधार के लिए निम्नलिखित क्लासिकल योगों का मिश्रण अत्यंत प्रभावी रहेगा: तनाव और वात शमन के लिए: अश्वगंधा चूर्ण: 3 ग्राम शतावरी चूर्ण: 3 ग्राम कौंच बीज चूर्ण: 2 ग्राम (इन तीनों को मिलाकर सुबह और रात को भोजन के बाद गुनगुने मीठे दूध या गाय के घी के साथ लें। यह शुक्र धातु को बल देगा और न नर्वस सिस्टम को शांत करेगा।) पीठ दर्द और शारीरिक कमजोरी के लिए: ••त्रयोदशांग गुग्गुल या लक्ष्मणा विलास रस: 1-1 गोली सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ (भोजन के बाद)। यह पीठ दर्द (कटिशूल) और वात का शमन करेगी। रसायन एवं बाजीकरण (विशेषकर लिंग में तनाव के लिए): ••सिद्ध मकरध्वज (साधारण): 1 रत्ती (125 mg) सुबह खाली पेट शहद या मलाई के साथ। (यह तुरंत बल प्रदायक और वात-वाहिनी नाड़ियों को उत्तेजित करने वाला है)। ••मन्मथ रस या कामचूड़ामणि रस: 1-1 गोली रात को सोते समय अश्वगंधादि अवलेह (1 चम्मच) और गुनगुने दूध के साथ। 2. बाह्य चिकित्सा (External Therapies) चूंकि वात प्रकुपित है, इसलिए स्नेहन और स्वेदन सबसे उत्तम चिकित्सा है: ••कटिशूल (Back Pain) के लिए: पीठ पर महानारायण तेल या अश्वगंधा-बला तेल से हल्के हाथों से अनुलोम गति में मालिश (अभ्यंग) करें और उसके बाद नाड़ी स्वेद या गर्म पानी की थैली से सिकाई करें। ••स्थानीय प्रयोग (Local Application): लिंग की मांसपेशियों और रक्त संचार (blood circulation) को दुरुस्त करने के लिए श्रीगोपाल तेल या बलाश्वगंधादि तेल की 4-5 बूंदें लेकर लिंग के अग्रभाग (glans) को छोड़कर, ऊपर और दोनों तरफ हल्के हाथों से मालिश करें (हस्तमैथुन की तरह नहीं, केवल अवशोषण के लिए)। 3. आहार और विहार (Diet & Lifestyle Changes) ••आहार (Diet): रस-धातु को बढ़ाने के लिए मधुर, अम्ल और लवण रसात्मक भोजन लें। अपने आहार में गाय का घी, दूध, बादाम, अखरोट, खजूर और ताजे मौसमी फलों को शामिल करें। रूखा-सूखा, तीखा (कटु), और डिब्बाबंद भोजन पूरी तरह बंद कर दें क्योंकि यह वात को बढ़ाता है। ••मानसिक तनाव प्रबंधन: तनाव ही आपकी आधी कमजोरी की जड़ है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह 15-20 मिनट शवासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम करें। यह ‘प्राण व्यान वायु’ को संतुलित कर मानसिक क्लम (fatigue) को दूर करेगा। ••निद्रा (Sleep): रात को 10 बजे तक सो जाने का प्रयास करें। सात से आठ घंटे की गहरी नींद प्राकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन और ओज (Ojas) को बढ़ाती है।
About our doctors
Only qualified ayurvedic doctors who have confirmed the availability of medical education and other certificates of medical practice consult on our service. You can check the qualification confirmation in the doctor's profile.