What to do for burning pain and difficulty sitting since yesterday? - #55910
मुझे मसा है।जो जलन कर रहा हैऐ बैठ भी नहीं पा रहा हूं कल से ज्यादा तक्लिफ है फ्रेश होने जा रहा हूं तो बहुत दर्द कर रहा है
How long have you been experiencing this burning pain?:
- 1-3 daysHow would you rate the intensity of your pain?:
- Very severe — unbearableDoes the pain radiate to any other areas?:
- No, it's localizedHave you noticed any activities that make the pain worse?:
- SittingHow is your bowel movement or urinary health?:
- ConstipationHave you experienced any other symptoms like fever or nausea?:
- No, just painWhat have you tried to relieve the pain so far?:
- Nothing yetDoctors' responses
यह “अर्श (मसा)” में सूजन, कब्ज और पित्त-वात वृद्धि के कारण जलन व तीव्र दर्द हो सकता है। पहले कब्ज और सूजन कम करना जरूरी है। ज्यादा दर्द, बैठने में परेशानी और फ्रेश होते समय दर्द होने पर तुरंत उपचार शुरू करें। -----rx 1) Tab Arshkalp Vati – 2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद 2) Abhayarishta – 20 ml बराबर पानी मिलाकर रात में भोजन के बाद 3) Triphala Churna – 1 चम्मच गुनगुने पानी से रात को 4) Pilex Ointment – मस्से पर दिन में 2–3 बार लगाएं 5)!Sitz Bath – गुनगुने पानी में 10 मिनट दिन में 2 बार बैठें ----परहेज: मिर्च-मसाला, चाय, शराब, बाहर का खाना बंद कब्ज बिल्कुल न होने दें ज्यादा देर बैठना और जोर लगाना avoid करें पानी और फाइबर ज्यादा लें यदि खून आना, बुखार, या सूजन बहुत बढ़ जाए तो तुरंत सर्जन/डॉक्टर को दिखाएं।
आप तुरंत निम्नलिखित उपायों को शुरू करें: 1. तत्काल आराम के लिए आपातकालीन उपाय (Instant Relief) ••अवगाह स्वेद (Sitz Bath - सबसे ज़रूरी): एक बड़े टब में गुनगुना पानी भरें। उसमें 1-2 चम्मच त्रिफला चूर्ण या फिटकरी (Alum) का एक छोटा टुकड़ा डालकर मिला लें। इस गुनगुने पानी में अपने नितंबों (Buttocks) को डुबोकर 10 से 15 मिनट के लिए बैठें। •फायदा: यह सूजन को तुरंत कम करता है, दर्द और जलन से राहत देता है और वहां की मांसपेशियों को आराम (Relax) पहुंचाता है। इसे दिन में 2 से 3 बार करें। ••स्थानीय लेप और स्नेहन (Local Application): शौच जाने से पहले और शौच से आने के बाद, उस स्थान को हल्के गुनगुने पानी से साफ करके जात्यादि तेल (Jatyadi Taila) या शतधौत घृत (Shata-Dhauta Ghrita) उंगली की मदद से मसे पर और गुदा मार्ग के अंदरूनी हिस्से में धीरे से लगाएं। •फायदा: जात्यादि तेल घाव को भरता है, जलन शांत करता है और मल त्याग को आसान बनाता है जिससे फ्रेश होते समय दर्द नहीं होता। 2. आंतरिक आयुर्वेदिक औषधियां (Internal Ayurvedic Medicines) जलन और दर्द को अंदर से शांत करने के लिए आप किसी भी अच्छे आयुर्वेदिक स्टोर से ये दवाएं ले सकते हैं: ••अर्शकुठार रस (Arshakuthar Ras): 1-1 गोली सुबह और शाम को भोजन के बाद हल्के गुनगुने पानी से लें। ••कैशोर गुग्गुलु (Kaishore Guggulu) या त्रिफला गुग्गुलु: 2-2 गोली सुबह और शाम गुनगुने पानी से लें (यह सूजन और दर्द को तेजी से खींचता है)। ••उशीरासव (Ushirasava): 4 चम्मच (20 ml) दवा में 4 चम्मच पानी मिलाकर दोपहर और रात के भोजन के ठीक बाद लें। यह मलाशय की गर्मी और जलन (पित्त दोष) को तुरंत शांत करता है। 3. कोष्ठ शुद्धि (मल को मुलायम करने के उपाय) चूंकि आपको फ्रेश होने में बहुत दर्द हो रहा है, इसलिए मल का बिल्कुल soft (मुलायम) होना अनिवार्य है ताकि मसे पर रगड़ न लगे: ••रात को सोते समय 1 चम्मच ईसबगोल की भूसी और 1 चम्मच पंचसकार चूर्ण (या अविपत्तिका चूर्ण) को एक गिलास गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। ••या फिर आप रात को सोते समय 1 गिलास गुनगुने दूध में 1-2 चम्मच गाय का शुद्ध घी मिलाकर पी सकते हैं। इससे आंतों में रूखापन खत्म होगा और सुबह बिना दर्द के पेट साफ होगा। 4. क्या खाएं और क्या न खाएं (पथ्य-अपथ्य) पूरी तरह परहेज करें: लाल मिर्च, हरी मिर्च, गरम मसाला, चाट-पकौड़ी, मैदा, फास्ट फूड, चाय-कॉफ़ी, और अत्यधिक तेल-मसालेदार भोजन बिल्कुल बंद कर दें। बैंगन, उड़द की दाल और कटहल जैसी वात-पित्त बढ़ाने वाली चीजें न खाएं। आहार में शामिल करें: मूंग की पतली खिचड़ी (घी डालकर), छाछ (Buttermilk) जिसमें थोड़ा सा भुना जीरा और सेंधा नमक मिला हो, लौकी, तोरई, कद्दू, और दलिया। पानी: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना या सामान्य पानी पीते रहें।
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