आपके लक्षणों (बार-बार पेशाब आना, मूत्र मार्ग में जलन और शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होना) यह स्पष्ट है कि इस समय आपके शरीर और मूत्र मार्ग (Urinary Tract) में पित्त दोष (Pitta) बढ़ गया है। इस स्थिति को ‘मूत्रकृच्छ्र’ के अंतर्गत देखा जाता है। 👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 1) Chandanadi Thailam 3-5 बूंदें दिन में एक बार (सुबह खाली पेट या सोते समय) गुनगुने दूध या मिश्री के पानी के साथ 2) Punarnavasavam-15-20 ml दिन में दो बार (खाना खाने के बाद) बराबर मात्रा में (15-20 ml) सामान्य पानी मिलाकर 3)Chandanasavam-15 ml दिन में दो बार (खाना खाने के बाद) बराबर मात्रा में सामान्य पानी मिलाकर (पुनर्नवासव के साथ भी मिला सकते हैं) 4) Gokshuradi Gulgulu - 1 टैबलेट दिन में दो बार गुनगुने पानी या चंदनासव के पानी के साथ 👇👇👇👇👇👇👇👇👇 क्या खाएं और कौन से फल लें दिनभर में पानी की मात्रा बढ़ाएं। नारियल पानी (Coconut water), गन्ने का रस, और मिश्री मिला हुआ धनिए का पानी (धनिया बीजों को रातभर भिगोकर सुबह छान लें) पिएं। 👇👇 फल तरबूज , खरबूजा, पका हुआ आम (सीमित मात्रा में), अनार , और अंगूर। 👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 सब्जियांः लौकी, तोरई, कद्दू (Pumpkin), खीरा (Cucumber) और टिंडा जैसी ठंडी तासीर वाली सब्जियां खाएं। जौ का पानी (Barley water) 👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 क्या न खाएं अत्यधिक मिर्च-मसालेदार, तला-भुना और खट्टा भोजन (जैसे अचार, सिरका, नींबू का अत्यधिक सेवन) बिल्कुल बंद कर दें। चाय, कॉफी और शराब का सेवन न करें, क्योंकि ये ‘मूत्रल’ होने के साथ-साथ शरीर में गर्मी (Dehydration) बढ़ाते हैं। बासी या पैकेट बंद फूड्स से परहेज करें।
Hello dear, Aapko jo baar-baar toilet aane aur jalan (burning sensation) ki dikkat ho rahi hai, use Ayurveda mein Mutrakrichra (Dysuria) kaha jata hai. Yeh sharir mein Pitta Dosha (heat) badhne ki wajah se hota hai. Ghar par hi rahat paane ke liye aap ye remedies aur fruits follow kar sakte hain: Kya Khayein aur Kaun sa Fruit Khayein? Best Fruits: Aap Watermelon (Tarbooj) aur Muskmelon (Kharbuja) khayein. Inme water content zyada hota hai jo bladder ko flush karta hai. Iske alawa Amla ka juice ya Pomegranate (Anaar) bhi pitta ko shant karta hai. Ghar ke Drinks: Coconut water (Nariyal paani) din mein do baar piyein. Ek bada glass Barley water (Jau ka paani) ya saunf-mishri ka paani peene se jalan mein turant thandak milti hai. Kya na khayein: Zyada mirch-masale, chai, coffee, aur aachar bilkul band kar dein kyuki ye jalan ko badhate hain. Ayurveda Medicine & Dosage Aap urinary tract ko saaf karne aur pitta shant karne ke liye niche di gayi medicine le sakte hain: 1. Chandraprabha vati Dose: 1 se 2 tablets, din mein do baar, khana khane ke baad. Aap ise gungune paani ya thode se nariyal paani ke sath nigal sakte hain. 2. Varanadi kwath Dose : take 15ml with equal quality of Luke warm water ( 15 ml. Davai ko utne hi matra mai gungune pani mai milake subah sham khane se 39 मिनिट पहेले लेना है)
आपके लक्षण — बार-बार पेशाब आना और पेशाब के बाद जलन — आयुर्वेद में सामान्यतः पित्त वृद्धि और “मूत्रकृच्छ” (urinary irritation) से जुड़े माने जाते हैं। अभी शुरुआत कम समय की है, इसलिए सही खान-पान और ठंडक देने वाली चीजों से काफी आराम मिल सकता है। क्या खाएं नारियल पानी – दिन में 1–2 बार जौ का पानी (Barley water) – 1 लीटर पानी में 2 चम्मच जौ उबालकर दिनभर थोड़ा-थोड़ा पिएं खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, अनार मूंग दाल खिचड़ी, हल्की सब्जियां जैसे लौकी, तोरी, परवल सादा दही या पतली छाछ (हल्का जीरा डाल सकते हैं) खूब सादा पानी पिएं, पेशाब साफ और हल्का रहे ऐसा रखें क्या बिल्कुल कम करें लाल मिर्च, गरम मसाले चाय-कॉफी ज्यादा कोल्ड ड्रिंक, पैकेट जूस ज्यादा नमक और खट्टा तला-भुना, फास्ट फूड देर रात जागना और धूप/गर्मी में ज्यादा रहना आसान घरेलू उपाय धनिया पानी 1 चम्मच साबुत धनिया रात में भिगो दें, सुबह छानकर पिएं। गोकशुर / जौ पानी मूत्र मार्ग की जलन और गर्मी कम करने में मदद करता है। मिश्री + सौंफ पानी सौंफ उबालकर ठंडा करें, थोड़ा मिश्री डालकर पी सकते हैं। दिनचर्या पेशाब बिल्कुल न रोकें सूती और ढीले कपड़े पहनें शरीर को ज्यादा गर्म न होने दें 7–8 घंटे नींद लें
यह urine infection या शरीर में ज्यादा गर्मी/irritation की वजह से हो सकता है। अभी ज्यादा पानी पिएं और शरीर को ठंडक देने वाला हल्का खाना लें। क्या खाएं: नारियल पानी खीरा, तरबूज, खरबूजा अनार सादा दही (दिन में) जौ का पानी (barley water) पतली खिचड़ी, हल्का घर का खाना क्या avoid करें: बहुत मसालेदार खाना चाय/कॉफी ज्यादा बाहर का oily food कम पानी पीना घर पर: धनिया seeds रातभर भिगोकर उसका पानी पी सकते हैं ठंडा नहीं, normal या हल्का गुनगुना पानी लें Chandraprabha vati – 1 tablet दिन में 2 बार after food Gokshuradi guggulu – 1 tablet दिन में 2 बार after food Neeri syrup – 10 ml दिन में 2 बार अगर जलन ज्यादा बढ़े, बुखार आए या पेशाब में खून आए तो urine test करवाना जरूरी है। Regards, Dr Raghuveer (Ayurvedacharya)
अपनी जीवनशैली और आहार में कुछ सरल बदलाव करें, आपको अपनी समस्या में अच्छे परिणाम दिखाई देंगे। ?? करें (Do’s) ?? • रोज़ छाछ पिएं। • ताज़ा बना हुआ भोजन खाएं। • रोज़ घी के साथ भगर/वरई (Barnyard Millet) खाएं। • गुनगुना पानी पिएं। • दोपहर और रात का भोजन निश्चित समय पर करें। • हर भोजन के बाद 100 कदम चलें। • यदि संभव हो तो रात का भोजन 7–8 बजे तक कर लें। ? न करें (Don’ts) ? • पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड। • रेडी-टू-ईट चीज़ें। • तला हुआ और मसालेदार भोजन। • खट्टे और फर्मेंटेड पदार्थ। • दालें (सिर्फ मूंग दाल ले सकते हैं)। • बेसन। • कच्ची सब्जियाँ और स्प्राउट्स। • दही। ?? औषधि (Medication) ?? • Cap. Stonvil (S.G. Phytopharma) 2 कैप्सूल दिन में दो बार, भोजन से पहले। • Syp. Varunadi Kwath 3 चम्मच दिन में दो बार, भोजन से पहले।