What to do for my child who has been experiencing hair loss, burning in legs, and back pain for six years? - #56673
या रात में छह साल से फेल, बाल झड़ना, पैरों में जलन, सुबह पीठ में दर्द बाईं तरफ, पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब के बाद जलन, How long have
Doctors' responses
6 वर्षों से चल रही समस्या में केवल आयुर्वेदिक औषधि शुरू करने से पहले CBC, Blood Sugar, Vitamin B12, Vitamin D, Urine Routine/Microscopy, Kidney Function Test कराना उचित रहेगा, क्योंकि पैरों में जलन, बाल झड़ना और पेशाब में जलन पोषण की कमी, मूत्र संक्रमण या अन्य चिकित्सीय कारणों से भी हो सकते हैं। — firstly tell the age of your child…so can recommend u exact dose of medicines
••नमस्ते। एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के दृष्टिकोण से आपके इन लक्षणों (Symptoms) का गहराई से विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि आपके शरीर में पित्त और वात दोष (Pitta and Vata Dosha) का असंतुलन काफी बढ़ गया है, जिसका मुख्य केंद्र आपका महास्रोत (Digestive Tract) और अपान वायु (Lower Abdomen Region) है। ••यहाँ आपके सभी लक्षणों का आयुर्वेदिक विश्लेषण और एक संतुलित चिकित्सा योजना दी जा रही है: 1. लक्षणों का आयुर्वेदिक विश्लेषण (Root Cause Analysis) ••IBS (संग्रहणी) और पेट के निचले हिस्से में दर्द: यह दूषित वात और पित्त के कारण है। जब अग्नि मंद होती है, तो आंतों की गति (Peristalsis) बिगड़ जाती है, जिससे मल कभी बंधकर तो कभी ढीला आता है और अपान वायु रुकने से पेट के निचले हिस्से में दर्द रहता है। ••सुबह उठते ही बाईं तरफ पीठ दर्द (जो फ्रेश होने के बाद ठीक होना): यह पूरी तरह से अपान वायु (Vata) के अवरोध (Blocking) को दर्शाता है। रातभर मलाशय (Colon) में मल और गैस जमा रहने से वह पीठ की नसों पर दबाव बनाती है। मलत्याग के बाद वायु अनुलोमन (Gas pass) होने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है। ••Nightfall (स्वप्नदोष) और यूरिन के बाद जलन: 6 साल से IBS रहने के कारण आपके शरीर की उत्तररोत्तर धातुएं (विशेषकर मज्जा और शुक्र धातु) कमजोर हो गई हैं। पेट की अत्यधिक गर्मी (pitta) और वात की चंचलता के कारण शुक्र धारण शक्ति कमजोर होती है, जिससे नाइटफॉल होता है। यूरिन के बाद जलन होना ‘मूत्रकृच्छ’ (Urinary Tract Heat/Pitta) का लक्षण है। ••पैरों में जलन (हस्त-पाद दाह) और Hairfall: शरीर में बढ़ा हुआ तीक्ष्ण और उष्ण पित्त जब रक्त धातु को दूषित करता है, तो पैरों के तलवों में जलन होती है। यही बढ़ा हुआ पित्त जब स्कैल्प (सिर) की जड़ों में जाता है, तो बालों के रोम (Hair follicles) को कमजोर करके हेयरफॉल बढ़ाता है। 2. आयुर्वेदिक औषधीय प्रबंधन (Line of Treatment) चूंकि आपकी समस्या 6 साल पुरानी है, इसलिए पाचन को सुधारने, वात का अनुलोमन करने और पित्त को शांत करने के लिए निम्नलिखित शास्त्रीय योग अत्यंत प्रभावी हैं: क) दीपन-पाचन और IBS के लिए (Digestive Fire & Bowel) ••कुटजघन वटी (Kutajghan Vati): 2-2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद गुनगुने पानी या छाछ (Takra) के साथ लें। यह आंतों की सूजन को कम करती है। बिल्वादी चूर्ण (Bilwadi Churn) या लवणभास्कर चूर्ण: 2-3 ग्राम भोजन के आधा घंटे पहले मट्ठे (Takra) के साथ लें। ख) यूरिन की जलन और पैरों की जलन के लिए (Cooling Agents) ••चन्द्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati): 2-2 गोली सुबह और रात को गुनगुने पानी से लें। यह यूरिन की जलन, स्वप्नदोष और यूरिनरी ट्रैक्ट की कमजोरी को दूर करने की सर्वोत्तम औषधि है। •••चंदनासव (Chandanasava): 4 चम्मच (20 ml) दवाई में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर दोपहर और रात के भोजन के बाद लें। यह शरीर की आंतरिक गर्मी को शांत करेगा। ग) धातु पोषण और स्वप्नदोष नियंत्रण के लिए (Vata-Pitta Shamana) ••आमलकी रसायन (Amalaki Rasayan): 1 चम्मच सुबह खाली पेट और रात को सोते समय गुनगुने पानी से लें। आंवला पित्त को शांत करेगा, हेयरफॉल रोकेगा और शुक्र धातु को बल देगा। ••रात का भोजन: रात का खाना 7:30 से 8:00 बजे तक हर हाल में खा लें और वह बिल्कुल हल्का होना चाहिए। सोने से पहले थोड़ा टहलें ताकि सुबह पेट साफ होने में आसानी हो और पीठ दर्द न हो। ••सोने की स्थिति: रात को सोते समय पैरों के तलवों में गौ-घृत (गाय का शुद्ध घी) या एरंड तेल (Castor oil) से मालिश करें। इससे पैरों की जलन शांत होगी, नींद अच्छी आएगी और नाइटफॉल में कमी आएगी। ••मानसिक तनाव: अधिक चिंता या एंग्जायटी से IBS और नाइटफॉल दोनों बढ़ते हैं। सुबह उठकर 10-15 मिनट अनुलोम-विलोम प्राणायाम अवश्य करें।
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