1 महीने से कंधे में दर्द है और 20 दिन से दवा लेने पर भी आराम नहीं मिला है, तो कारण की जांच (जैसे frozen shoulder, tendon injury, cervical spondylosis आदि) कराना उचित रहेगा. आयुर्वेदिक उपचार Yogaraj Guggulu 2 टैबलेट दिन में 2 बार भोजन के बाद। Maharasnadi Kwath 15–20 ml बराबर पानी मिलाकर दिन में 2 बार भोजन के बाद। Mahanarayana Taila से कंधे पर 10–15 मिनट हल्की मालिश, दिन में 1–2 बार।
••नमस्ते। कंधे में पिछले 1 महीने से दर्द होना और 20 दिनों से आयुर्वेदिक दवा लेने के बाद भी आराम न मिलना यह दिखाता है कि सिर्फ सामान्य दवाएं लेने से काम नहीं चल रहा है। एक आयुर्वेदिक चिकित्सक (Ayurvedic Doctor) के नाते, मैं आपको पूरी बात समझाता हूँ कि आपको आगे क्या करना चाहिए। ••सिंहनाद गुग्गुल (Simhanada Guggulu) या योगराज गुग्गुल (Yogaraj Guggulu): 1-1 गोली सुबह-शाम गुनगुने पानी या हल्के गर्म दूध के साथ। यह जोड़ों के दर्द और वात को कम करती है। ••अश्वगंधा चूर्ण (Ashwagandha Chूर्ण): आधा चम्मच रात को सोते समय दूध के साथ। यह मांसपेशियों को ताकत देता है। ••बाहरी तेल मालिश: कंधे पर हल्के हाथ से महाविषगर्भ तेल (Mahavishgarbha Taila) या प्रसारिणी तेल (Prasarini Taila) लगाएं। ध्यान रहे, मालिश बहुत जोर से नहीं करनी है, सिर्फ तेल को त्वचा में सोखने देना है। ••पंचकर्म चिकित्सा (Panchakarma) है सबसे असरदार कंधे के पुराने दर्द के लिए आयुर्वेद में ‘ग्रीवा बस्ति’ (Greeva Basti) या ‘अंस बस्ति’ (Ansa Basti) और ‘पत्र पोटली स्वेद’ (Patra Potli Sweda - पत्तों की पोटली से सिकाई) बहुत ही बेहतरीन परिणाम देती है। इससे वहां का वात दोष शांत होता है और जकड़न तुरंत कम होती है। आप अपने नजदीकी किसी अच्छे आयुर्वेदिक अस्पताल में जाकर यह थेरेपी करवा सकते हैं। जरूरी सावधानियां (Do’s and Don’ts) ••भारी वजन न उठाएं: जिस हाथ में दर्द है, उससे भारी सामान उठाने या अचानक झटका देने से बचें। ••ठंडी चीजों से परहेज: फ्रिज का पानी, ठंडी तासीर वाला खाना (जैसे दही, छाछ, चावल रात में) बिल्कुल बंद कर दें। वात रोग में गर्म और ताजा भोजन ही करना चाहिए। ••हल्की सिकाई: तेल लगाने के आधे घंटे बाद नमक की पोटली या हीटिंग पैड से हल्की सूखी सिकाई करें।