51 वर्ष की उम्र में, पाचन तंत्र की कमजोरी और कब्ज अक्सर वात दोष के असंतुलन के कारण होती है। इसके लिए अद्यत व्यवहार्य उपाय हैं। सबसे पहले, प्रतिदिन सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पियें, जिसमें एक चुटकी सेंधा नमक डालें। यह आपके गैस्ट्रिक अग्नि को सशक्त करने में मदद करेगा।
आपके खान-पान में सरल और सुपाच्य आहार शामिल करें। गरम, ताजा भोजन का सेवन करें और ठंडे, भारी और तले-भुने पदार्थों से बचें। भोजन में हरी सब्जियां और फाइबर से भरपूर अनाज, जैसे ओट्स या ज्वार शामिल करें।
त्रिफला चूर्ण, सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लें। यह आपके पाचन को सुधारने और मल त्याग को सहज बनाने में सहायता करेगा।
दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पियें, और ताजे फलों से बनी प्राकृतिक जूस शामिल करें। पपीते का जूस विशेष रूप से फायदेमंद है।
संभव हो तो, रोजाना शाम या सुबह 20-30 मिनट के लिए हल्का व्यायाम, जैसे योग या पैदल चलना, अवश्य करें। इससे आपके पाचन सिस्टम को सक्रिय रखने में मदद मिलती है।
यदि लक्षण गंभीर हो या स्थिति में सुधार न हो रहा हो, तो कृपया किसी सिद्ध या आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करें, क्योंकि व्यक्तिगत जांच के बाद ही और सटीक उपाय दिए जा सकते हैं। अपनी सेहत का ध्यान रखें और जीवनशैली में धीरे-धीरे बदलाव करें जो दीर्घकालिक लाभ दे।



