अमरोइड टैबलेट्स (एमिल फार्मा) लें
कांचनार गुग्गुलु 2 बार दिन में लें
लिवटोन 2 बार दिन में लें
स्वादिष्ट विरेच सुरण 2 बार दिन में लें
गर्म पानी से सिट्ज़ बाथ 2 बार दिन में करें
अमरोइड ट्यूब का भी उपयोग करें या जात्यादी तेल लगाएं
Don’t worry take arshakutar ras 1tab bd, swadista virechana churnam 1tsp with lukewarm water,kaishora Guggulu 1tab bd, kanchanara Guggulu 1tab bd, triphala churna with sitzbath u ll get results
Dr RC BAMS MS AYURVEDIC Proctologist
Tab pilex 2-0-2 Pilex ointment ext appn Triphala churna 1 tsp at night Abhaya aristha 4 tsp-0- 4 tsp with water Do sitz bath daily for 15 minutes daily Avoid spicy sour fermented foods
नमस्ते, मैं आपकी तकलीफ महसूस कर सकती हूँ। बादी बवासीर में तेज दर्द के साथ जलन होना और शौच के समय अत्यधिक परेशानी होना तो भले ही कष्टदायक हो, मगर यह भी सच है कि यह परेशानी तब ज्यादा दुखदायी लगती है जब कई दवाओं के इस्तेमाल के बाद भी कोई आराम न हो।
आपकी समस्या (आयुर्वेद विचार)
तुम्हारे संकेतों के आधार पर: - बवासीर 1–6 महीनों से- मुख्य समस्या: तेज दर्द + शौच में कठिनाई- शौच नियमित है, फिर भी दर्द है
यह समस्या आयुर्वेद में मुख्य रूप से: - अपान वात का प्रकोप- पित्त दोष भी बढ़ने लगा है- मलद्वार क्षेत्र में शूल (दर्द), शोथ (सूजन) और संवेदनशीलता
👉 इसे शुष्क + वेदनायुक्त (Painful dry piles) अवस्था माना जाता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सा योजना
आंतरिक औषधि (Internal Medicines)
1. अर्शकुठार रस– 1 गोली दिन में 2 बार, भोजन के बाद, गुनगुने पानी से👉 दर्द, सूजन और बवासीर के मूल कारण पर कार्य करता है
2.त्रिफला चूर्ण– 1 चम्मच रात को सोते समय, गुनगुने पानी या दूध के साथ👉 मल को नरम करता है, बिना जोर लगाए शौच में मदद करता है
3.अभयारिष्ट– 15 ml + समान मात्रा में पानी, रात को भोजन के बाद👉 अपान वात को सही करता है
बाह्य उपचार (External Care – बहुत जरूरी)
1. जट्यादि तेल– शौच के बाद और देर रात सोने से पहले स्थानीय प्रयोग
2 गुनगुने पानी से Sitz Bath– दिन में 2 बार, 10–15 मिनट👉 दर्द और जलन में तुरंत राहत
आयुर्वेदिक आहार और जीवनशैली (बहुत जरूरी)
– ज्यादा से ज्यादा गुनगुना पानी – सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुना पानी– घी – 1 चम्मच रोज– फल: पपीता, नाशपाती, अंजीर (भीगा हुआ)
❌ परहेज: - तीखा, मसालेदार, तला हुआ- चाय, कॉफी, शराब- शौच में जोर लगाना
कब सावधान हों (Red Flags)
⚠️ यदि: - असहनीय दर्द बढ़ता जाए- खून लगातार आने लगे- गांठ बाहर आकर वापस न जाए तो सर्जन/आयुर्वेदिक शल्य विशेषज्ञ से दिखाना जरूर करें।
आराम कितने दिनों में मिलेगा?
- दर्द में कमी: 3–5 दिन - शौच में आराम: 7–10 दिन - पूरी स्थिति में सुधार: 3–4 सप्ताह (नियमित दवा + आहार पालन अनिवार्य)
बवासीर की समस्या आपके हाथ में है, बस इसके लिए दर्द कम करने के साथ-साथ वात सुधारना बहुत जरूरी है। ऑपरेशन के बिना भी आयुर्वेदिक उपचार से काफी राहत सम्भव है।
आपकी त्वरित स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूँ – डॉ. स्नेहल विधाते
1.Arshoghan vati 2 goli din m 2 bar pani k asath 2.Triphala churna 1 chammach raat m sote samay garam pani k sath 3.Abhyarishta 20 ml din m 2 bar 20 ml pani k sath 4.kasisadi taila- din m 2 bar lgaye
🍲 आहार‑विहार (Diet & Lifestyle) - खाने में: हल्का, सुपाच्य भोजन; मूंग की दाल, खिचड़ी, गुनगुना दूध, घी। - परहेज़: मसालेदार, तैलीय, गरिष्ठ भोजन; मिर्च, अचार, शराब, और जंक फूड। - पानी: दिनभर गुनगुना पानी पीना। - बैठना: लंबे समय तक बैठने से बचें, नियमित हल्की सैर करें। - शौच: मल को रोकें नहीं, और शौच के बाद गुनगुने पानी से धोएं।
🌸 घरेलू उपाय - त्रिफला + गुनगुना पानी रात को लेने से मल नरम होता है। - तिल का तेल या नारियल तेल गुदा पर लगाने से दर्द और सूजन कम होती है। - गुनगुना पानी में बैठकर स्नान (सिट्ज़ बाथ) 10–15 मिनट, दिन में 1–2 बार।
Internal Medicines- अभयारिष्ट – 20 ml + 40 ml गुनगुना पानी → lunch & dinner के बाद अर्शकुठार रस – 1 गोली सुबह + 1 गोली रात → शहद के साथ कांकोल्ला घृत – 10 gm सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से त्रिफला गुग्गुलु – 2 गोली सुबह + 2 गोली रात → खाने के बाद जट्यादी घृत – मलत्याग के बाद गुदा पर लगाएं (बाहरी बवासीर के लिए)
स्थानीय उपचार (रात को जरूर करें) गुनगुने पानी में 1 चम्मच त्रिफला पाउडर डालकर → 10–15 मिनट सीत्ज़ बाथ (बैठकर सेंक) सेंक के बाद जट्यादी तेल OR पंचतिक्त घृत → हल्की मालिश → कॉटन से ढककर सोएं
डाइट – 100 % पालन करें खाएं: मूंग की दाल-खिचड़ी + 1–2 चम्मच घी पतली छाछ + भुना जीरा अनार, पका पपीता पीएं: जीरा-अजवाइन-सौंफ का पानी दिन भर बिल्कुल बंद करें: मिर्च-मसाला, तली हुई चीजें, मैदा, चाय-कॉफी 4 बजे के बाद, देर रात खाना
लाइफस्टाइल मलत्याग के समय जोर न लगाएं → अगर न आए तो इंतजार करें रात 10 बजे सोना – सुबह 6 बजे उठना 30 मिनट हल्की वॉक रोज
डॉ. गुरसिमरन जीत सिंह एम.डी. पंचकर्म
Start with Abhayarist 15ml twice daily after food with water Pilex tablet 2-0-2 after food with water Pilex ointment on affected Anal area twice daily Avoid spicy, heat producing foods Avoid nonveg food. Do sitz bath twice with few drops of betadine in the water. Avipattikar tablet 1-0-1 after food with water.
आपके बताए लक्षणों से स्पष्ट है कि आपको बादी बवासीर है, जिसमें सूजन, दर्द और मल त्याग के समय बहुत कष्ट होता है। चूँकि शौच की नियमितता है, फिर भी दर्द बना हुआ है, इसका मतलब है कि वात दोष प्रधान होकर गुदा प्रदेश में सूजन, खिंचाव और संवेदनशीलता पैदा कर रहा है
बादी बवासीर में मस्से के अंदर खून कम होता है, सूखापन और सूजन ज्यादा रहती है, इसलिए दर्द बहुत होता है। इस अवस्था में हमारा उद्देश्य होता है दर्द कम करना, सूजन घटाना, मल को नरम करना और गुदा की त्वचा को heal करना।
1. कंकायन वटी 2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद गुनगुने पानी से 2. त्रिफला चूर्ण 1 छोटा चम्मच रात को सोने से पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ 3. अभयारिष्ट 15 ml रात को भोजन के बाद बराबर पानी मिलाकर 4. एरण्ड तेल 1 छोटा चम्मच रात को गुनगुने दूध में, हफ्ते में 3 दिन 5. जट्यादि तैल सुबह-शाम और शौच के बाद हल्के गुनगुने पानी से साफ करके गुदा पर लगाएँ
सुबह शौच के बाद 10 मिनट गुनगुने पानी का सिट्ज़ बाथ करें। इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक या नीम पत्तों का काढ़ा मिला सकते हैं। इससे दर्द और सूजन दोनों कम होते हैं।
शौच के समय जोर बिल्कुल न लगाएँ। मोबाइल लेकर बैठने की आदत हो तो तुरंत बंद करें।
तीखा, बहुत मसालेदार, फ्राइड, मैदा, बेकरी, चाय-कॉफी, शराब से पूरी तरह परहेज दिन में 2 -3 लीटर गुनगुना पानी भोजन में लौकी, तोरी, गाजर, चुकंदर, पपीता, अंजीर दलिया, मूंग दाल शामिल करें
रात को बहुत देर से खाना न खाएँ और खाने के बाद तुरंत लेटना नहीं
अगर आप चाहें तो सुबह खाली पेट 1 गिलास गुनगुना पानी + 1 चम्मच घी भी ले सकते हैं, यह वात को शांत करेगा और शौच आसान करेगा
यह स्थिति ऑपरेशन की नहीं लगती, लेकिन 3 4 हफ्ते नियमित इलाज और परहेज ज़रूरी है। बवासीर में सबसे बड़ी गलती होती है दवा कुछ दिन लेकर छोड़ देना।



