What to do for my 60-year-old wife who has weight loss and digestive issues? - #56308
Patni ki umra 60 sal hai pet saf nahi hota hai weight loss 10 kg hua hai 79 to 69. Kamjori hai. Nonenergetic hain. Pure veg hain.
How long has she been experiencing these digestive issues?:
- More than 6 monthsHow would you describe the nature of her digestive issues?:
- ConstipationHas she experienced any other symptoms along with weight loss?:
- No other symptomsHow is her energy level throughout the day?:
- Moderately energeticWhat does her typical vegetarian diet include?:
- Fruits and vegetablesHas she tried any treatments or remedies for these issues before?:
- Prescribed medicationsHow is her sleep quality?:
- Sound and restfulDoctors' responses
••यह स्थिति (60 वर्ष की आयु, अचानक 10 किलो वजन कम होना, पेट साफ न होना और अत्यधिक कमजोरी) आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा (Allopathy) दोनों के दृष्टिकोण से गंभीर ध्यान देने योग्य है। ••एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में, मैं आपको सबसे पहली और महत्वपूर्ण सलाह यही दूंगा कि बिना समय गंवाए उनकी कुछ आवश्यक खून की जांचें और पेट की जांच (जैसे Ultrasound या Colonoscopy) करवाएं। ••जब तक आपकी जांचें नहीं हो जातीं, तब तक शरीर को शक्ति देने और पेट को हल्के तरीके से साफ करने के लिए आप निम्नलिखित आयुर्वेदिक और आहार संबंधी उपाय अपना सकते हैं: 1. पेट साफ करने के लिए (मृदु विरेचन) इस उम्र और कमजोरी में कोई भी तेज दस्त कराने वाली दवा (जैसे सनाय पत्ती या तेज चूर्ण) बिल्कुल न दें, इससे कमजोरी और बढ़ जाएगी। ••मुनक्का और अंजीर: रात को 5-6 मुनक्का (बीज निकालकर) और 2 अंजीर पानी में भिगो दें। सुबह इन्हें चबाकर खिलाएं और वह पानी भी पिला दें। यह आंतों को ताकत भी देता है और पेट भी साफ करता है। ••एरंड तेल (Castor Oil) या गाय का घी: रात को सोते समय एक गिलास गुनगुने दूध में 1 चम्मच गाय का शुद्ध घी या 1 चम्मच एरंड का तेल मिलाकर दें। यह आंतों की रूक्षता (Dryness) को कम करेगा। 2. कमजोरी और ऊर्जा के लिए (बल्य चिकित्सा) चूंकि वह शुद्ध शाकाहारी (Pure Veg) हैं, इसलिए उनके आहार में पोषण बढ़ाना जरूरी है: ••दशमूलारिष्ट: भोजन के बाद 15-20 ml दशमूलारिष्ट में बराबर मात्रा में गुनगुना पानी मिलाकर सुबह-शाम दें। यह वात का शमन करता है, भूख बढ़ाता है और कमजोरी दूर करता है। ••अश्वगंधा अवलेह या क्षीरपाक: आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को दूध में उबालकर (क्षीरपाक विधि) या आधा चम्मच अश्वगंधा अवलेह दिन में एक बार दूध के साथ दें, जिससे शरीर को ताकत मिले। 3. आहार में बदलाव (Agni Deepana) भोजन बिल्कुल सुपाच्य, गर्म और ताजा होना चाहिए (जैसे मूंग दाल की पतली खिचड़ी, लौकी-तोरई की सब्जी जिसमें गाय का घी जीरा और हींग से छौंका गया हो)। सूखा अनाज, मैदा, बासी भोजन और ठंडी चीजों से पूरी तरह परहेज करें। अत्यंत महत्वपूर्ण: तुरंत कराने वाली जांचें (Investigations) आयुर्वेद में भी रोग की सही स्थिति जानने के लिए ‘रोग परीक्षा’ अनिवार्य है। आप तुरंत किसी अच्छे फिजिशियन या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से मिलकर ये टेस्ट करवाएं: •CBC (Complete Blood Count) •TFT (Thyroid Function Test) •HbA1c / Fasting Blood Sugar •USG (Whole Abdomen) •Stool Regular & Occult Blood
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