What can I do to help my 17-year-old son with delayed growth in genital size? - #56802
मेरी उम्र 17 साल है परंतु मेरा लिंग अभी तक छोटे बच्चे जैसा है और मैं क्या करूं और कैसे बड़ा करूं और मुझे कोई देसी इलाज बताइए
Doctors' responses
17 वर्ष की आयु में लिंग का आकार अभी भी छोटा लगना कई कारणों से हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार यह धातु क्षीणता, अल्प पोषण, अग्नि की कमजोरी, हार्मोनल विकास में विलंब या जन्मजात कारणों से जुड़ा हो सकता है। सबसे पहले घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कई युवाओं में शारीरिक विकास 18–21 वर्ष तक भी जारी रह सकता है अश्वगंधा चूर्ण 3–5 ग्राम सुबह-शाम गुनगुने दूध के साथ। शतावरी एवं सफेद मूसली का सेवन वैद्य की सलाह से किया जा सकता है, जो शरीर के पोषण और धातु पुष्टिकरण में सहायक मानी जाती हैं। दूध, घी, बादाम, अखरोट, खजूर, किशमिश जैसे पौष्टिक आहार नियमित लें। प्रतिदिन योग और व्यायाम करें, विशेषकर सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और वज्रासन। पर्याप्त 7–8 घंटे की नींद लें, क्योंकि विकास से जुड़े हार्मोन नींद के दौरान अधिक सक्रिय होते हैं। क्या न करें इंटरनेट पर मिलने वाले “लिंग बढ़ाने वाले तेल, पंप, कैप्सूल” या चमत्कारी दावों पर भरोसा न करें। बार-बार हस्तमैथुन, नशा, धूम्रपान तथा जंक फूड से बचें। महत्वपूर्ण यदि 17 वर्ष की आयु में: दाढ़ी-मूंछ बहुत कम है, आवाज में बदलाव नहीं आया, ऊंचाई या यौन विकास भी कम है, तो किसी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (हार्मोन विशेषज्ञ) या योग्य चिकित्सक से जांच करवाना उचित रहेगा। कभी-कभी हार्मोन की कमी या अन्य चिकित्सीय कारणों का उपचार आवश्यक होता है। आयुर्वेद में मुख्य लक्ष्य शरीर की संपूर्ण वृद्धि, पोषण और धातुओं को मजबूत करना है। केवल किसी तेल या दवा से लिंग का आकार असामान्य रूप से बढ़ाना संभव नहीं माना जाता। उचित आहार, जीवनशैली और आवश्यक चिकित्सकीय जांच सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।
••एक चिकित्सक (BAMS) के नाते मैं आपकी चिंता को पूरी तरह समझ सकता हूँ। 17 साल की उम्र में शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव हो रहे होते हैं, और इस पड़ाव पर आकर अपने अंगों के विकास को लेकर मन में संशय या घबराहट होना बहुत स्वाभाविक है। •सबसे पहले मैं आपको एक बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त करना चाहता हूँ: चिंता करने की कोई बात नहीं है और आपको बिल्कुल भी हीनभावना महसूस करने की ज़रूरत नहीं है। •आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के दृष्टिकोण से इस स्थिति को समझने और इसके सही समाधान के लिए नीचे दी गई बातों को ध्यान से पढ़ें: 1. उम्र और शारीरिक विकास का विज्ञान चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, पुरुषों में शारीरिक और लैंगिक विकास (Puberty) 20 से 21 साल की उम्र तक चलता रहता है। 17 साल की उम्र में विकास की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, वह अभी जारी है। हर किसी के शरीर का विकास चक्र (Growth cycle) अलग होता है; कुछ लोगों में यह विकास थोड़ा जल्दी हो जाता है और कुछ में थोड़ा धीमा या देर से। इसलिए अपने शरीर की तुलना दूसरों से करके तनाव में न आएं। 2. सही और सुरक्षित आयुर्वेदिक दृष्टिकोण (देसी उपाय) बाज़ार में मिलने वाले किसी भी प्रकार के ‘चमत्कारी’ तेल, कैप्सूल, विज्ञापन या नीम-हकीमों के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। इनसे फायदे की जगह गंभीर नुकसान हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर के प्राकृतिक और स्वस्थ विकास के लिए ‘वाजीकरण’ और ‘रसायन’ सिद्धांतों का पालन किया जाता है, जो अंदरूनी तौर पर शरीर को पुष्ट करते हैं: ••पौष्टिक आहार (Dhatu Poshan): शरीर के सही विकास के लिए सात्विक और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें। दूध, घी, बादाम, अखरोट, खजूर और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। ••अश्वगंधा और शतावरी: किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से आप अश्वगंधा चूर्ण या शतावरी चूर्ण (आधा-आधा चम्मच गुनगुने दूध के साथ) ले सकते हैं। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हार्मोन और सप्तधातुओं को बढ़ाने में मदद करते हैं। ••व्यायाम और योग: रोज़ाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम या योग (जैसे सूर्य नमस्कार, भुजंगासन, और मूलबंध) करें। इससे पेल्विक एरिया (गुप्तांगों के आस-पास के हिस्से) में रक्त संचार (Blood circulation) बेहतर होता है, जो प्राकृतिक विकास के लिए ज़रूरी है। ••तनाव और अधूरी नींद से बचें: अत्यधिक मानसिक तनाव और रात को देर तक जागने से शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है। इसलिए 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। 3. भ्रांतियों और गलत आदतों से दूरी ••हस्तमैथुन और पोर्नोग्राफी: अत्यधिक हस्तमैथुन करने या अश्लील फिल्में देखने से मन में अंगों के आकार को लेकर एक गलत और काल्पनिक धारणा (Unrealistic expectations) बन जाती है। इससे बचें। ••बाहरी लेप या खिंचाव से बचें: इंटरनेट पर देखकर किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खे, गर्म तेलों की मालिश या अंगों को खींचने वाले उपकरणों (Pumps) का इस्तेमाल कतई न करें। इससे वहां की बारीक नसें (Nerves) और टिश्यूज हमेशा के लिए डैमेज हो सकते हैं।
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