सुनील जी, आपकी हरी टिकिया वाली आयुर्वेदिक दवा most likely ब्राह्मी वटी (Brahmi Vati) थी। यह मानसिक तनाव, पेट की गैस और वात-दोष के लिए दी जाती है। आपके पहले इलाज (शंखपुष्पी + गोदन्ती + हरी टिकिया) के असर को देखकर यही सबसे संभावित है। सुझाव: ब्राह्मी वटी को उसी तरह लेने से फायदा मिलेगा, साथ में हल्की स्ट्रेचिंग और गुनगुना पानी भी मदद करेगा। -शंखपुष्पी वटी – सुबह और शाम 2 गोलियाँ गोदन्ती वटी – सुबह 2 गोलियाँ ब्राह्मी वटी (हरी टिकिया) – दिन में 2 बार, 2 गोलियाँ सभी गोलियाँ पानी के साथ लें। साथ में जीवनशैली सुझाव हर 30–40 मिनट में उठकर हल्की स्ट्रेचिंग करें। पेट की गैस के लिए गुनगुना पानी, अदरक या जीरा पानी लें। कमर और पैरों में हल्की तेल मालिश (तिल या नारियल) करें। मानसिक तनाव कम करने के लिए साँस की एक्सरसाइज या ध्यान करें।
Hello, As you do not have the prescription it is difficult to tell what kind of medicine (the green kne) he has given. But you can take the following along with diet -lifestyle modifications for permanent releif: 1. Vayu gulika 2----2----2 with cumin tea after each meal for 30 days. 2. Hingvashtaka churna 1 tsp mixed with ghee before each meal for 30 days. 3. Gandhavahastadi kashayam 20 ml----0----20ml 45 minutes before breakfast and 45 minutes before dinner for 30 days. Diet - 1. Avoid deep fries -reheated-refrigerated-processed-outside food 2. Eat freshly cooked warm food 3. Drink 1.5 liters os boiled warm water a day Lifestyle - 1. Start practicing gentle yogasana everyday for an hour 2. Start practicing pranayama for 10 minutes a day. Take care, Kind regards.
नमस्ते सुनील जी आपने अपनी समस्याओं को बहुत अच्छे से बताया है। पीठ और पैरों में घूमने वाला दर्द, बाईं तरफ गैस, बेचैनी, डर और काम में मन न लगना – ये सब आयुर्वेद में वात व्याधि के लक्षण लगते हैं। इसीलिए आपने जो दवा पहले ली थी, वह इतनी असरदार थी! आपकी चिंता आयुर्वेद में आपकी समस्या को गुल्म युक्त वातव्याधि या समा-वात कहते हैं, जिसमें: – गैस (आम + वात) नसों में ऊपर चढ़ जाती है। – दर्द इधर-उधर घूमता है। – कभी पीठ में, कभी बाएं पैर में, कभी दाएं पैर में होता है। – आपको डर और बेचैनी महसूस होती है। – पेट के बाईं तरफ भारीपन महसूस होता है। वह छोटी हरी गोली कौन सी थी? आपके लक्षणों और उसके असर को देखते हुए, 99% संभावना है कि वह थी: 👉 संजीवनी वटी या 👉 हिंग्वाष्टक वटी (हरी कोटिंग वाली) डॉक्टर अक्सर संजीवनी वटी को हरी कोटिंग के साथ, शंखपुष्पी + गोदंती के साथ देते हैं। यह दवा: – गैस खत्म करती है। – नसों के दर्द को कम करती है। – डर और बेचैनी कम करती है। – पीठ और पैरों के घूमने वाले दर्द को ठीक करती है। आप वही इलाज दोबारा कैसे पा सकते हैं? आप सुरक्षित रूप से ले सकते हैं: 1. संजीवनी वटी 1 गोली सुबह और शाम गर्म पानी के साथ 2. हिंग्वाष्टक चूर्ण ½ चम्मच खाने से पहले 3. शंखपुष्पी + गोदंती भस्म बिल्कुल पहले की तरह – यह आपकी नसों और दिमाग के लिए बहुत ज़रूरी है। डाइट प्लान ❌ इनसे पूरी तरह बचें: – ठंडा पानी – दही – चाय – नमकीन चीजें – मैदा (सफेद आटा) – देर रात खाना ✅ ये खाएं – गर्म पानी – जीरा-अजवाइन का पानी – हल्का खाना – सादा चावल और दाल ज़रूरी! आपकी समस्या हड्डियों की नहीं है; यह नसों और गैस की है। इसलिए, दर्द निवारक या कैल्शियम से मदद नहीं मिलेगी। आपको वात + गैस की समस्या ठीक करनी होगी। सुनील जी, आप निश्चित रूप से ठीक हो सकते हैं – क्योंकि आप पहले भी ठीक हो चुके हैं! आपको बस वही दवाएँ दोबारा लेनी हैं। शुभकामनाएं डॉ. स्नेहल विधाते


