40 साल के व्यक्ति में 477.97 के हाई IgE लेवल का इलाज आयुर्वेद से कैसे करें? - #55411
Mera IgE level 477.97 hai kripya ayurveda me koi ilaz btaiye. Meri umar40 year hai. Doctor ko dikhaya thapr koi fayda nhi hua hai
How long have you been experiencing symptoms related to high IgE levels?:
- Less than 1 monthWhat symptoms are you currently experiencing?:
- Respiratory issues (asthma, wheezing)Have you identified any triggers for your symptoms?:
- No clear triggersWhat treatments or medications have you tried so far?:
- Prescribed medicationsHow would you describe your overall energy levels?:
- Low energyHow is your digestive health?:
- Good — regular and comfortableHow would you rate your stress levels?:
- Low — rarely stressedडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
उच्च IgE लेवल (477.97) शरीर में एलर्जी, धूल-मिट्टी संवेदनशीलता, त्वचा रोग, अस्थमा, बार-बार छींक, साइनस या किसी परजीवी संक्रमण का संकेत हो सकता है। आयुर्वेद में इसे मुख्यतः कफ-पित्त विकृति एवं रक्तदूषिता से जुड़ा माना जाता है। केवल IgE कम करना लक्ष्य नहीं होता, बल्कि एलर्जी की जड़ को शांत करना आवश्यक होता है। आयुर्वेदिक उपचार हरिद्रा खंड – 1 चम्मच सुबह-शाम गुनगुने पानी/दूध के साथ गुडूची (Giloy) घनवटी – 2 गोली दिन में 2 बार सितोपलादि चूर्ण – 2–3 ग्राम शहद के साथ, यदि छींक/खांसी/एलर्जी हो नीम या मंजिष्ठा – रक्तशोधन हेतु उपयोगी यदि त्वचा में खुजली/चकत्ते हों तो खदिरारिष्ट लाभकारी हो सकता है खान-पान एवं परहेज ठंडी, बासी, दही, आइसक्रीम, ज्यादा मीठा और तला-भुना भोजन कम करें धूल, धुआं, परफ्यूम, पालतू जानवरों के बाल आदि एलर्जी ट्रिगर से बचें हल्दी, तुलसी, काली मिर्च, गिलोय का नियमित सेवन लाभकारी रोज़ 20–30 मिनट प्राणायाम और हल्का व्यायाम करें
सर आप का बहुत बहुत धन्यवाद
दवा ले रहा हूं पर सॉस बहुत फूलती है कभी कभी किसी से बात भी नहीं कर पाता और खांसी भी आने लगती है
एलर्जिन ग्रेन्यूल - 1 चम्मच दिन में दो बार खाने के बाद लें।
इसे लेना शुरू कीजिए…
बेहतर परिणाम के लिए मुझसे व्यक्तिगत परामर्श पर संपर्क करें।
उच्च IgE / एलर्जी और wheezing में ऐसा भोजन लें जो कफ कम करे, immunity संतुलित रखे और सूजन घटाए। क्या खाएँ गुनगुना पानी दिनभर मूंग दाल, पुराना चावल, दलिया हल्की पकी हुई सब्जियाँ — लौकी, तोरी, गाजर, सहजन फल: सेब, अमरूद, पपीता, अनार 4–5 भीगे बादाम लहसुन और हल्दी भोजन में थोड़ा शहद (गरम चीज़ में न मिलाएँ) क्या कम करें / बचें ठंडी चीजें, fridge का पानी Ice cream, cold drinks दही खासकर रात में ज्यादा तला-भुना, bakery items पैकेट snacks, preservatives ज्यादा मिठाई और चीनी धूल में रखा पुराना खाना Smoking / passive smoking दिनचर्या सुबह: खाली पेट गुनगुना पानी हल्का pranayama (अनुलोम-विलोम, भ्रामरी) रात: देर रात खाना न खाएँ खाने के बाद तुरंत न सोएँ पालन करने योग्य दिनचर्या ✅ क्या करें (Do’s) हमेशा ताज़ा बना हुआ भोजन करें। भोजन से आधा घंटा पहले एक इंच ताज़ा अदरक अच्छी तरह चबाएँ। फल और सब्जियों का सेवन अधिक करें। दुग्ध उत्पाद सीमित करें (संभव हो तो बंद करें)। ❌ क्या न करें (Don’ts) सीधे पंखे के नीचे या A.C. के सामने न बैठें। तैलीय, मसालेदार और processed food न लें। पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स से बचें। खट्टे और fermented खाद्य पदार्थ न लें। बेकरी आइटम्स न खाएँ। तली हुई चीजों से बचें। आलू का सेवन न करें। 💊 औषधियाँ Tab.Sanjeevani Vati 1 गोली दिन में दो बार, भोजन से पहले। Cap.Nelsin 2 कैप्सूल दिन में दो बार, भोजन से पहले। Syp.Kanaksav 3 चम्मच दिन में दो बार, गुनगुने पानी के साथ भोजन से पहले। 👃 नस्य विधि Panchendriya Vardhan Tailam सुबह 15 मिनट भाप लें। उसके बाद प्रत्येक नथुने में 3-3 बूंद डालें।
मेरी सॉस बहुत फूलती है कभी कभी बात नहीं कर पाता हूं और खांसी भी आने लगती है गले मे बलगम जमा है
उपर दिए medicines से सब कुछ कम हो जाएगा। Emergency के समय आपका इनहेलर/ रोटाहेलर use करे
Emergency में आप Kanakasav सीरप दिन में 4-5 बार ले सकते हो।
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