नहाते समय पानी जाने के बाद कान में संक्रमण (कर्णशोथ) होने पर कई बार अंदर सूजन और नली में अवरोध बना रहता है, इसलिए दर्द कम होने के बाद भी प्रेशर, भारीपन या हल्की आवाज़ महसूस हो सकती है। आयुर्वेद अनुसार यह मुख्यतः वात-कफ दोष बढ़ने का संकेत है। क्या करें कान को हमेशा सूखा रखें। ठंडी हवा, AC की सीधी हवा, धूल और पानी से बचें। भाप (हल्की स्टीम) लेने से कफ कम होकर प्रेशर में राहत मिल सकती है। गुनगुने पानी से गरारे करें, इससे गले का दर्द भी कम होगा। ज्यादा जोर से नाक साफ करना, कान कुरेदना या ईयरफोन का अधिक उपयोग न करें। सारीवादि वटी कुछ समय तक जारी रख सकते हैं यदि सूट कर रही हो। त्रिकटु युक्त हल्का गर्म भोजन लें ताकि कफ कम हो। रात में दही, ठंडे पेय, आइसक्रीम और तली-भुनी चीजें कम करें।
इलाज के बाद भी कान में लगातार इन्फेक्शन और दबाव हो तो क्या करें? - #54536
एक दिन नहाते समय मेरे कान में पानी चला गया था उसके दस दिन के बाद अचानक से कान में तेज दर्द और आवाज़ आना शुरू हो गई में डॉक्टर के पास गया तो उन्होंने बताए कान में इन्फेक्शन है और मैंने लगभग बीस दिन दवाईयां खाई कान में दवाईयां भी डाली पर पूरी तरह से कान अभी भी ठीक नहीं हो रहा है आवाज़ आनी कम हो गई है पर गले में दर्द जैस लगता है तो के गड्ढे दिखाई दे रहे हैं कान में आवाज़ अब कम हो गई है पर कान में प्रेशर अभी भी महसूस होता है में कान में आयुर्वेदिक तेल और नाक में अनु तेल दल रहा और सारी वादी वटी ले रहा हो कृपया मार्गदर्शन कर
How long have you been experiencing ear pressure?:
- More than 4 weeksHow would you describe the intensity of your ear pain?:
- Mild — manageableHave you noticed any changes in your hearing?:
- No changeAre there any specific activities that worsen your symptoms?:
- No specific activitiesDo you have any associated symptoms like fever or nasal congestion?:
- No associated symptomsHow is your overall energy level during this time?:
- Fairly goodWhat types of Ayurvedic treatments have you tried?:
- Oils and nasal dropsडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आपका केस कर्णशूल + कर्ण संक्रमण के बाद अवशिष्ट सूजन (post-infective Eustachian tube dysfunction / middle ear congestion) जैसा लग रहा है। अभी कान में प्रेशर, हल्का दर्द, गले तक खिंचाव यह वायु + कफ अवरोध का संकेत है। संक्षिप्त आयुर्वेदिक उपचार और मात्रा सारिवाद्यासव 15 ml + बराबर पानी, दिन में 2 बार भोजन के बाद लशुनादि वटी 2 गोली, दिन में 2 बार भोजन के बाद त्रिफला गुग्गुलु 2 गोली, दिन में 2 बार भोजन के बाद अनु तेल (नाक में) 2–2 बूंद, सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले लशुन + तिल तेल कर्णपूरण (कान में) हल्का गुनगुना करके 2–3 बूंद, दिन में 1 बार (अगर दर्द तेज नहीं है) घरेलू देखभाल: ठंडी हवा, AC, पानी कान में जाने से बचें गले में गरम पानी से गरारे करें बहुत जोर से नाक साफ न करें
देखिए डर ने की कोई बात नहीं है पानी जाने की वजह से वह इन्फेक्शन लगा हु है तो आप धूपन जो आयुर्वेदिक कर्म है वो कीजिए जिससे इन्फेक्शन कम हो जाएगा और जो दर्द हो रहा है और सुनने में जो दिक्कत हो रही है उसके लिए बिल्व आदि तेल उपयोग किजिए। मेडिसिन: balwadi oil
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