पेट दर्द, झुनझुनी, और पैरों में भारीपन के साथ दर्द होने पर क्या करें? - #56420
पेट में दर्द हो तो क्या करना चाहिए और पेट में झुनझुनी होती है, पैर दर्द करते हैं, नसों में दर्द होता है, मोटे में से गैस आती है, पोरवाल करने लगे हैं और सिर दर्द होता है?
How long have you been experiencing these symptoms?:
- More than 6 monthsHow would you describe the intensity of your stomach pain?:
- Very severe — unbearableDo you experience any other symptoms along with the stomach pain?:
- Constipation or diarrheaWhen do your symptoms tend to worsen?:
- After eatingWhat is your usual diet like?:
- High in processed foodsHow is your energy level throughout the day?:
- High — feel energeticHave you tried any treatments or remedies for these symptoms?:
- Home remedies or herbal treatmentsडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आपके लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए यदि समस्या लंबे समय से है तो चिकित्सकीय जांच कराना उचित रहेगा। आयुर्वेदिक उपचार: अविपत्तिकर चूर्ण – 3 ग्राम दिन में 2 बार भोजन के बाद गुनगुने पानी से। • दशमूलारिष्ट – 15 मि.ली. बराबर पानी मिलाकर दिन में 2 बार भोजन के बाद। • त्रिफला चूर्ण – 3 ग्राम रात को सोते समय गुनगुने पानी से। परहेज: • तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचें। • पर्याप्त पानी पिएं। • नियमित समय पर भोजन करें।
••नमस्ते। आपके लक्षणों को देखकर ऐसा लगता है कि आपके शरीर में वात और पित्त दोष असंतुलित हो गए हैं, साथ ही ‘आम’ (अपचित भोजन/टॉक्सिन्स) के संचय के कारण शरीर के स्रोतों (channels) में रुकावट आ रही है। ••एक आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, आपको अपनी पाचन अग्नि (Agni) को ठीक करने और वात-पित्त को शांत करने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए: 1. घरेलू और आसान उपाय ••गुनगुना पानी (उष्णोदक): दिनभर में केवल हल्का गुनगुना पानी ही पिएं। यह पेट के ‘आम’ (टॉक्सिन्स) को पचाएगा, मुंह की बदबू को कम करेगा और पाचन को दुरुस्त करेगा। ••अजवाइन और काला नमक: पेट दर्द और गैस के लिए आधा चम्मच अजवाइन में एक चुटकी काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। ••सौंफ और मिश्री: मुंह की बदबू (वास) को दूर करने और पेट की गर्मी शांत करने के लिए भोजन के बाद एक-एक चम्मच सौंफ चबाएं। ••हल्का भोजन (लंघन): जब तक पेट का दर्द और भारीपन ठीक न हो, तब तक भारी खाना (जैसे मैदा, तला-भुना, फास्ट फूड) पूरी तरह बंद कर दें। मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया या सूप का सेवन करें। 2. आयुर्वेदिक औषधियां (चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार) आपकी स्थिति में पाचन को सुधारने और वात-दर्द को कम करने के लिए निम्नलिखित क्लासिकल औषधियां बेहद कारगर होती हैं: ••आमपाचक वटी या चित्रकादि वटी: भोजन से 10 मिनट पहले 1-1 गोली गुनगुने पानी से लें, ताकि पाचन अग्नि बढ़े और मुंह की बदबू दूर हो। ••शंख वटी या महाशंख वटी: पेट दर्द, गैस और एसिडिटी के लिए भोजन के बाद 1 गोली हल्के गर्म पानी से लें। ••अश्वगंधारिष्ट या दशमूलारिष्ट: पैरों के दर्द, नसों की झुनझुनाहट और शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए भोजन के बाद 3 चम्मच दवा में 3 चम्मच गुनगुना पानी मिलाकर सुबह-शाम पिएं। ••क्या खाएं (पथ्य) •पुराना चावल, मूंग की दाल, लौकी, तोरई, कद्दू आलू, गोभी, •अदरक, लहसुन, हींग, और जीरे का छौंक •समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना ••क्या न खाएं (अपथ्य) • रात को देर तक जागना (इससे वात और सिरदर्द बढ़ता है) •छोले, राजमा (ये वात और गैस बढ़ाते हैं) •बासी भोजन, फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स
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