Ask Ayurveda

मुफ्त! आयुर्वेदिक डॉक्टरों से पूछें 24/7

प्रमाणित डॉक्टरों से किसी भी समय विशेषज्ञ उत्तर प्राप्त करें

तेज़ प्रतिक्रियाएँ
1000+ सत्यापित डॉक्टर
/
/
/
पुरानी कब्ज और भूख न लगने पर क्या करें?
Gastrointestinal Disorders
प्रश्न #56253
20 दिनों पहले
65

पुरानी कब्ज और भूख न लगने पर क्या करें? - #56253

Client_15432f
$3

मुझे हमेशा कब्ज की समस्या बनी रहती है कब रहने की वजह से भूख भी नहीं लगती है लेकिन जब पेट साफ हो जाता है तो भूख भी लगता है मुझे क्या करना चाहिए मैंने जांच सभी कराया है लेकिन कोई उसने परेशानी नहीं है अभी मैं और पिता का सेवन कर रहा हूं और साथ में आज जो है दही और गुण भी खा लिया क्या इसे कोई समस्या बढ़ सकती है और अंग्रेजी दवा का लूज सिरप भी उसे किया हूं

How long have you been experiencing constipation?:

- More than 6 months

How often do you have bowel movements?:

- Every few days

How would you describe the consistency of your stools?:

- Soft and easy to pass

Have you noticed any specific foods that trigger or worsen your constipation?:

- Dairy products

How is your overall energy level during the day?:

- Moderate energy

Are you experiencing any other symptoms, such as abdominal pain or bloating?:

- No other symptoms

How much water do you drink daily?:

- More than 3 liters
Writing an explanation of your symptoms through Ayurveda...
Analyzing through Ayurvedic framework0%

डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं

यदि सभी जांच सामान्य हैं, तो आपकी भूख कम लगना कब्ज से संबंधित हो सकता है। दही और गुड़ साथ में लेने से कुछ लोगों में गैस, भारीपन या पाचन संबंधी असुविधा बढ़ सकती है, इसलिए नियमित रूप से यह संयोजन लेने से बचें। Take Triphala Churna 5 ग्राम रात को गुनगुने पानी के साथ। Abhayarishta 20 ml बराबर पानी मिलाकर, रात के भोजन के बाद। Hingvastak Churna 2–3 ग्राम भोजन के बाद, दिन में 2 बार। साथ में: सुबह खाली पेट 2–3 गिलास गुनगुना पानी पिएं। फल, सलाद, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी लें। रोज़ 30 मिनट टहलें।


0 उत्तर

हमेशा कब्ज (Constipation) रहना और उसकी वजह से भूख न लगना एक बहुत ही आम समस्या है। आयुर्वेद के अनुसार, जब पेट साफ नहीं होता, तो शरीर में ‘आम’ (toxins या बिना पचा हुआ भोजन) जमा होने लगता है। यह ‘आम’ हमारी भूख दबा देता है। जैसे ही आपका पेट साफ होता है, शरीर का रास्ता खुलता है, पाचक अग्नि (Digestive Fire) फिर से जलने लगती है और आपको भूख का अहसास होने लगता है। आपकी सभी रिपोर्ट नॉर्मल आई हैं, जो कि एक बहुत अच्छी बात है। इसका सीधा मतलब है कि आपकी परेशानी किसी गंभीर बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि पेट की कार्यप्रणाली (Functioning) और वात दोष के असंतुलन के कारण है। आपने जो पपीता खाने की बात कही है, वह बहुत ही बढ़िया आदत है। पपीता प्राकृतिक रूप से पेट साफ करने में मदद करता है। रही बात दही और गुड़ की, तो आयुर्वेद के अनुसार दही की तासीर भारी (Abhishyandi) होती है, जो पेट में भारीपन या मल को रोकने का काम कर सकती है, खासकर अगर इसे रात में या बिना सोचे-समझे खाया जाए। हालांकि गुड़ के साथ खाने से इसका थोड़ा सा असर सुधरता है, लेकिन जब तक आपको पुरानी कब्ज है, तब तक रोजाना भारी मात्रा में दही खाने से बचें। इसकी जगह आप दोपहर के खाने में ताजा छाछ (Buttermilk) में भुना जीरा और काला नमक डालकर पिएं, यह आपकी भूख और पेट दोनों के लिए अमृत जैसा काम करेगी। रही बात अंग्रेजी दवा लूज सिरप (Lactulose solution)की, तो यह आपातकालीन स्थिति (Emergency) में मल को नरम करने के लिए तो ठीक है, लेकिन लंबे समय तक इसकी आदत डालना सही नहीं है। इससे आपके आंतों की स्वाभाविक रूप से काम करने की ताकत कमजोर हो सकती है। आयुर्वेद में इसका बहुत ही सुरक्षित और जड़ से काम करने वाला इलाज है। आपको रात को सोते समय 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण (Triphala Churn) हल्के गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए। त्रिफला आंतों को बिना कमजोर किए उन्हें ताकत देता है और सुबह पेट खुलकर साफ करता है। इसके अलावा, रात को सोते समय एक गिलास गुनगुने दूध में 1 से 2 चम्मच शुद्ध देसी गाय का घी मिलाकर पिएं। यह आपकी आंतों के रूखेपन (Vata dryness) को खत्म करेगा, जिससे मल बिना किसी तकलीफ के बाहर निकल जाएगा। भविष्य में इस समस्या से पूरी तरह बचने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे बदलाव करने होंगे। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिएं और ठंडे पानी या फ्रिज की चीजों से बिल्कुल दूरी बना लें। अपने भोजन में फाइबर (Fiber) बढ़ाएं, जैसे कि दलिया, ओट्स और हरी सब्जियां, लेकिन ध्यान रहे कि सब्जियां अच्छी तरह पकी हुई और हल्की तेल-घी में बनी हों (कच्चा सलाद वात बढ़ाता है, इसलिए उससे बचें)। सुबह या शाम को कम से कम 20-30 मिनट पैदल चलने या हल्की एक्सरसाइज की आदत डालें, क्योंकि शारीरिक सक्रियता बढ़ने से हमारी आंतों की गतिशीलता भी बढ़ती है और कब्ज हमेशा के लिए दूर रहती है।


0 उत्तर

आपकी समस्या पुरानी कब्ज (Chronic Constipation) के कारण पाचन अग्नि कमजोर होने और आम (अधपचा भोजन) बनने से जुड़ी प्रतीत होती है। इसी वजह से भूख कम लगती है और पेट साफ होने पर भूख स्वतः बढ़ जाती है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण कब्ज को केवल मल की समस्या नहीं माना जाता, बल्कि यह पाचन तंत्र के असंतुलन का संकेत है। जब मल नियमित रूप से नहीं निकलता, तो गैस, भारीपन और भूख की कमी जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं। क्या करें? सुबह उठकर 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। भोजन समय पर करें और नाश्ता न छोड़ें। भोजन में पपीता, अमरूद, अंजीर, भीगी हुई किशमिश, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करें। रोज 30–40 मिनट तेज चाल से टहलें। रात को समय पर सोएं और तनाव कम रखें। आयुर्वेदिक औषधियां त्रिफला चूर्ण 3–5 ग्राम रात को गुनगुने पानी के साथ। अभयारिष्ट 15–20 ml बराबर पानी मिलाकर भोजन के बाद दिन में 2 बार। भूख बढ़ाने और पाचन सुधारने के लिए हिंग्वाष्टक चूर्ण 1–2 ग्राम पहले ग्रास के साथ लिया जा सकता है। दही और गुड़ के बारे में दही और गुड़ एक साथ लेने से सभी लोगों में समस्या नहीं होती, लेकिन जिनकी पाचन शक्ति कमजोर हो या कब्ज की प्रवृत्ति हो, उनमें यह कभी-कभी गैस, भारीपन या पाचन संबंधी असुविधा बढ़ा सकता है। इसलिए इसका नियमित सेवन साथ में करने से बचें।


0 उत्तर

••नमस्ते। आपकी परेशानी मैं समझ सकता हूँ। जब पेट साफ नहीं होता, तो शरीर का पाचन तंत्र (अग्नि) मंद हो जाता है, जिससे भूख न लगना स्वाभाविक है। आयुर्वेद में इसे ‘अग्निमांद्य’ और ‘विबंध’ (कब्ज) कहा जाता है। अच्छी बात यह है कि आपकी सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, जिसका मतलब है कि कोई गंभीर बीमारी नहीं है—यह केवल आपके पाचन तंत्र के असंतुलन के कारण है। •पपीता खाना कैसा है? पपीते का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें ‘पपैन’ नामक एंजाइम होता है जो पाचन को सुधारता है और आंतों को साफ करता है। इसे नियमित रूप से खाते रहें (सुबह या शाम के नाश्ते में)। 2. दही और गुड़ खाने से क्या नुकसान होगा? आज आपने दही और गुड़ खाया है, तो घबराएं नहीं, इससे कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। लेकिन भविष्य के लिए ध्यान रखें: दही का सेवन रोजाना न करें: आयुर्वेद के अनुसार दही स्वभाव से ‘अभिष्यंदी’ (भारी और आंतों में रुकावट पैदा करने वाली) होती है। कब्ज के मरीजों को दही का सेवन कम करना चाहिए, खासकर रात के समय। •विकल्प: दही की जगह मट्ठे (छाछ) में भुना हुआ जीरा, काला नमक और थोड़ी सी हींग मिलाकर दोपहर के भोजन के बाद लें। यह कब्ज के लिए अमृत समान है। 3. एलोपैथिक लूज सिरप (Loose Syrup) का इस्तेमाल लैक्टुलोज (Loose) सिरप अस्थायी राहत के लिए ठीक है, लेकिन इसकी आदत नहीं डालनी चाहिए। लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से आंतें सुस्त हो जाती हैं और उनके स्वाभाविक रूप से मल साफ करने की क्षमता कम होने लगती है। हमें आंतों को मजबूत बनाना है, उन पर निर्भर नहीं होना है। कब्ज और भूख बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपचार आप अपनी जीवनशैली और आहार में ये आसान आयुर्वेदिक उपाय शामिल कर सकते हैं: 1. रात का अचूक उपाय (त्रिफला या ईसबगोल) ••त्रिफला चूर्ण: रात को सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। यह आंतों को बिना नुकसान पहुँचाए सुबह पेट साफ करता है। ••ईसबगोल की भूसी: अगर त्रिफला से राहत न मिले, तो रात को 1-2 चम्मच ईसबगोल की भूसी गुनगुने दूध या पानी के साथ लें। 2. मुनक्का और अंजीर (आंतों की खुश्की दूर करने के लिए) रात को 5-6 मुनक्के और 2 सूखे अंजीर पानी में भिगो दें। सुबह उठकर मुनक्के के बीज निकाल लें और इन्हें चबाकर खाएं, साथ ही वह पानी भी पी लें। यह आंतों को ताकत देता है। 3. ‘अग्नि’ (भूख) बढ़ाने के उपाय ••अदरक और नींबू: भोजन करने से 15 मिनट पहले अदरक के एक छोटे टुकड़े पर सेंधा नमक और नींबू का रस लगाकर चबाएं। इससे भूख खुलकर लगेगी और खाना अच्छे से पचेगा। ••गुनगुना पानी: दिनभर में जब भी पानी पीएं, हल्का गुनगुना पानी ही पीएं। ठंडा या फ्रिज का पानी आपके पाचन को और कमजोर करेगा। जीवनशैली में जरूरी बदलाव ••सब्जियों और फाइबर का उपयोग: तोरई, लौकी, कद्दू, और हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा खाएं। भोजन में देसी घी का प्रयोग जरूर करें, यह आंतों में चिकनाई लाता है। मैदा और डिब्बाबंद खाने से दूरी: समोसे, पिज्जा, बिस्कुट, नमकीन और मैदा से बनी चीजों का पूरी तरह त्याग कर दें। ••वॉक (सैर): सुबह या शाम को कम से कम 20-30 मिनट पैदल जरूर चलें। इससे आंतों की हलचल (Peristalsis) बढ़ती है।


0 उत्तर

ऑनलाइन डॉक्टर

ऑनलाइन
Dr. Ravi Chandra Rushi
Master of Surgery in Ayurveda
5.02k+
ऑनलाइन
Dr. M.Sushma
Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery
5.01k+
ऑनलाइन
Dr. Khushboo
Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery
5.0276

हमारे डॉक्टरों के बारे में

हमारी सेवा पर केवल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही परामर्श देते हैं, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अन्य चिकित्सा अभ्यास प्रमाणपत्रों की उपलब्धता की पुष्टि की है। आप डॉक्टर के प्रोफाइल में योग्यता की पुष्टि देख सकते हैं।


ग्रेड 2 इंटरनल पाइल्स का इलाज खुजली और जलन के साथ कैसे करें?
H. pylori से होने वाले गैस्ट्राइटिस का इलाज लौंग से कैसे करें?
पिछले तीन दिनों से खाने के बाद दस्त और पेट दर्द का इलाज कैसे करें?
मैं IBD के लिए cortirowa od, Pankreoaflat, और messacol लेते हुए कौन सी वैकल्पिक टैबलेट्स ले सकता हूँ?
अत्यधिक गैस और पेट फूलने के साथ इरोसिव गैस्ट्राइटिस और डुओडेनाइटिस का इलाज कैसे करें?
क्या मैं गैस्ट्राइटिस और IBS के लिए ऊपरी पेट दर्द के साथ Livcon और Assicon सिरप ले सकता हूँ?
बवासीर और फिशर के लिए आयुर्वेदिक इलाज और आहार संबंधी सिफारिशें क्या हैं?
46 साल की महिला में कमर दर्द, पैर में दर्द और पेट फूलने का इलाज कैसे करें?
स्टेरॉयड कम करने के बाद हल्के म्यूकस के साथ अल्सरेटिव कोलाइटिस का इलाज कैसे करें?
अल्सरेटिव कोलाइटिस का इलाज आयुर्वेद से कैसे करें जब मल में म्यूकस और पेट में ऐंठन हो रही हो?
94 साल के मरीज में कब्ज और मुंह में जलन के लिए क्या करना चाहिए?
क्या मुक्ता वटी को कई महीनों तक लेने के बाद दस्त हो सकता है?
22 साल की महिला में कब्ज और आंत और मूत्राशय पूरी तरह से खाली न होने का इलाज कैसे करें?
कमजोर पाचन के साथ पुराने मुंह के छाले और कब्ज का इलाज कैसे करें?
एसिडिटी और हार्टबर्न को नैचुरली कैसे कम करें?
क्रोहन रोग और पेरिअनल फिस्टुला का इलाज संक्रमण और पाचन समस्याओं के लिए आयुर्वेद से कैसे करें?
कठिन और दर्दनाक मल के समय फिशर और आंतरिक बवासीर का इलाज कैसे करें?
क्या मैं फैटी लिवर और कभी-कभी दाईं तरफ पेट दर्द के लिए लगातार 5 महीने तक लिवोसिन सिरप ले सकता हूँ?
लिम्फैडेनोपैथी के इलाज के बाद अगर कब्ज और मल में खून आ रहा है तो क्या करें?
काला चना खाने के बाद गैस और सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करें?
बैठे-बैठे काम करने से पेट में लगातार भारीपन और फुलावट का इलाज कैसे करें?
क्या मैं बिना सर्जरी के कई पित्ताशय की पथरी का इलाज कर सकता हूँ?
रात में ज्यादा गैस और दिल के पास असहजता होने पर क्या करें?
पिछले महीने दस्त के बाद पेट में तकलीफ और खट्टे डकार आने पर क्या करें?
सुबह शौच के बाद दर्द और अधूरी सफाई का एहसास होने पर क्या करें?
आयुर्वेदिक दवाओं से पैंक्रियाटाइटिस और एसिडिटी का इलाज कैसे करें?
उच्च रक्तचाप और चिंता के साथ गैस, एसिडिटी, पेट फूलना और पेट की चर्बी का इलाज कैसे करें?
क्या GERD के इलाज के लिए एस्पिरिन लेना ज़रूरी है, और यह मेरी स्थिति को कैसे प्रभावित करता है?
मेरी 60 साल की पत्नी को वजन कम होने और पाचन से जुड़ी समस्याएं हैं, इसके लिए क्या करना चाहिए?
मेरे 75 साल के माता-पिता को पेट फूलना, पानी रुकना और भूख न लगने की समस्या है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
हर कुछ दिनों में एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन का घरेलू इलाज कैसे करें?
पेट फूलने, दिमाग में धुंधलापन, पैरों में सूजन और जीभ पर भूरे रंग की परत के लिए क्या करें?
मेरी 15 साल की बेटी को IBS है और वो खाने के बाद दिन में 4-5 बार टॉयलेट जाती है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
क्या रोज़ाना शुद्धि चूर्ण का इस्तेमाल पेट की राहत के लिए अच्छा है?
गैस, पेट फूलना और कब्ज के लिए क्या करें जो मुझे 20 साल से हो रहा है?
खाने के बाद पेट और मुँह में जलन का इलाज एक साल तक कैसे करें?
IBS और रात में दर्द के साथ पेशाब में जलन, बाल झड़ना और सुबह बाईं तरफ पीठ में दर्द के लिए क्या करें?
क्शार सूत्र इलाज के बाद अगर मल के साथ खून दिखे तो क्या करें?
आईबीएस होने पर और योग और ध्यान आज़माने के बाद भी नींद की गुणवत्ता कैसे सुधारें?
जब त्रिफला और लैक्सेटिव्स काम नहीं कर रहे हों, तो रिडंडेंट कोलन के साथ क्रॉनिक कब्ज का इलाज कैसे करें?
हस्तमैथुन के कई सालों बाद भी अगर पेट में लगातार दर्द हो रहा है तो इसका इलाज कैसे करें?
बॉवेल मूवमेंट्स के बाद रेक्टल टेनेस्मस का इलाज कैसे करें?
मेरी 82 साल की माँ को बवासीर और कब्ज के कारण टॉयलेट के दौरान खून आता है, इसके लिए कौन सी आयुर्वेदिक दवाएं मदद कर सकती हैं?
पंचकर्म उपचार के बाद IBS में मल में म्यूकस का इलाज कैसे करें?
मेरे बेटे के बार-बार पेट दर्द और सूजन का इलाज कैसे करें जब अल्ट्रासाउंड में हेपेटोमेगाली और सिस्टाइटिस पाया गया है?
पेट में लगातार दर्द, एसिडिटी और भारीपन का इलाज कैसे करें?
कैसे पता करें कि मेरी गुदा में दर्द और सूजन फिशर है या बवासीर?
ढीली दस्त के एक महीने बाद पेट फूलना और खट्टे डकार आने पर क्या करें?
मेरी जीभ पर काले धब्बे और कभी-कभी कब्ज क्यों होता है?
खाने के बाद पेट में ज्यादा गैस और भारीपन होने पर क्या करें?
उबले अंडे, फर्मेंटेड सोया बीन्स और मूंग स्प्राउट्स से पेट की गड़बड़ी में कौन से डाइटरी बदलाव मदद कर सकते हैं?
लैक्स हायटस ग्रेड 1 के कारण होने वाली ब्लोटिंग, ब्रेन फॉग और पैरों की सूजन का इलाज कैसे करें?
सुबह में लगातार भूख लगना और पाचन में दिक्कत का इलाज कैसे करें?
क्या मैं केला और पपीता एक साथ खा सकता हूँ? अगर गैस और पेट फूलने की समस्या हो तो क्या करें?
मल त्याग के बाद दर्द और अधूरे खालीपन की भावना के लिए क्या करें?
गंभीर पेट फूलना, बाईं तरफ पेट में दर्द और कब्ज के लिए क्या करना चाहिए?
अगर एक्सरसाइज और हेल्दी खाने के बावजूद मेरा पेट फ्लैट नहीं हो रहा है तो मुझे क्या करना चाहिए?
कठिनाई से निगलने, एसिड रिफ्लक्स और सूखे मुँह के लिए कौन से घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं?
एंटीबायोटिक्स के बाद ढीले दस्त और कम कामेच्छा के लिए आयुर्वेदिक उपाय कैसे इस्तेमाल करें?
बवासीर और फिशर के कारण टॉयलेट के बाद हल्की ब्लीडिंग और जलन होने पर क्या करें?
मसालेदार खाने के बाद बार-बार पेट फूलना और सीने में जलन का इलाज कैसे करें?
Anuloma DS से अपच और कंकड़ जैसे मल का इलाज कैसे करें?
खाने की विषाक्तता के बाद 24 साल की उम्र में गले के दबाव और बवासीर का इलाज कैसे करें?
क्या मैं पाचन के लिए डाबर अम्पाचक काढ़ा के साथ त्रिफला टैबलेट्स का इस्तेमाल कर सकता हूँ?
सुबह के समय 50 साल की उम्र में मेरे खाली डकार और दिल पर दबाव का कारण क्या हो सकता है?
GERD और एसिडिटी के इलाज के लिए Amlant का इस्तेमाल कैसे करें - खाने से पहले या बाद में?
ओपियेट्स के कारण और निर्माण कार्य के दौरान कब्ज होने पर इसका इलाज कैसे करें?
क्या मैं Sucrafil जेल और Vonoprazan लेते समय हर्बल दवाओं का उपयोग क्रॉनिक गैस्ट्राइटिस के लिए कर सकता हूँ?
गर्भावस्था के 13 हफ्ते में उल्टी, मितली और एसिडिटी के लिए क्या करें?
हर दिन 6 साल से DSR की ज़रूरत पड़ने वाले गंभीर दर्द और जलन का इलाज कैसे करें?
क्या मैं पेट के अल्सर और पेट दर्द के लिए सोने से पहले शहद के साथ पतंजलि की मुक्त पिष्टी ले सकता हूँ?
पेट में एसिडिटी, जलन और एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए मुझे कौन से खाने से परहेज करना चाहिए?
मेरे 17 साल के बेटे को खाने के बाद पेट में मरोड़ और वजन बढ़ने की समस्या हो रही है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
8 महीने की आयुर्वेदिक इलाज के बाद चिपचिपी मल और पाचन समस्याओं का इलाज कैसे करें?
काम पर लंबे समय तक बैठने से होने वाले बवासीर का इलाज कैसे करें?
अगर मुझे कमजोरी महसूस हो रही है और दिन भर बार-बार डकार आ रही है तो मुझे क्या करना चाहिए?
दवाई और घरेलू उपायों से एसिडिटी, गैस और कब्ज का इलाज कैसे करें जब नियमित पूजा-पाठ से भी आराम न मिले?
पुरानी गैस्ट्राइटिस और एच. पाइलोरी संक्रमण के साथ गैस और कब्ज के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक इलाज क्या है?
खाने के बाद बार-बार मुँह में छाले और पेट में जलन होने पर क्या करें?
तीन साल से एसिड रिफ्लक्स कंट्रोल नहीं हो रहा है, तो पेट की गैस्ट्राइटिस का इलाज कैसे करें?
पेट दर्द, झुनझुनी, और पैरों में भारीपन के साथ दर्द होने पर क्या करें?
40 साल के व्यक्ति को स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम के साथ चल रही पाचन समस्याओं और चिंता का इलाज कैसे करें?
खराब पाचन और बवासीर के लिए विशेष आहार से क्रोहन रोग का इलाज कैसे करें?
बॉवेल मूवमेंट के बाद स्टूल में पारदर्शी म्यूकस क्यों होता है?
मेरे पेट में गैस, पैर में दर्द और सिर भारी होने के साथ सूजन क्यों हो रही है?
एक बुजुर्ग मरीज में, जिसे डुओडेनल अल्सर का इतिहास है, पुरानी एसिडिटी और कमजोरी का इलाज कैसे करें?
जॉन्डिस के इलाज के बाद भी अगर मेरा बिलीरुबिन अभी भी ज्यादा है और पेशाब पीला है तो मुझे क्या करना चाहिए?
क्या मैं अपनी बेटी को कब्ज और कीड़े के संक्रमण के शक में मुष्ठारिष्टम दे सकता हूँ?
एसिडिटी की समस्या में एसिड रिफ्लक्स के लिए कामदुधा रस का उपयोग कैसे करें?
खाने के बाद गैस, चक्कर आना, पसीना आना, लो ब्लड प्रेशर और उल्टी होने पर क्या करें?
किण्वन कोलाइटिस और शुरुआती विटिलिगो का इलाज आयुर्वेदिक उपायों से कैसे करें?
रात में बार-बार पेट साफ होने और गैस के कारण पीठ दर्द होने पर क्या करें?
एंडोस्कोपी के बाद भूख न लगना और पेट फूलने का इलाज कैसे करें?
क्या मैं वजन बढ़ाने की कोशिश करते समय एसिड रिफ्लक्स के लिए फुल फैट दूध का इस्तेमाल कर सकता हूँ?
क्या आयुर्वेद डिस्नर्जिक डिफिकेशन टाइप 4 के कारण होने वाली गंभीर पुरानी कब्ज का पूरी तरह से इलाज कर सकता है?
सुबह दो बार बाथरूम जाने के बाद पेट दर्द और गैस के लिए क्या करें?
Mi Sehat टैबलेट रोज़ लेने के बाद अगर मुझे पतले दस्त हो रहे हैं तो मुझे क्या करना चाहिए?
अगर मैं कृष्णा आयुर्वेदिक डाइजेस्टिव जूस लेने के तीन दिन बाद फूला हुआ, मिचली और बुखार जैसा महसूस कर रहा हूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?
क्या मैं मल त्याग के बाद जलन के लिए डाबर अम्पाचक काढ़ा को अविपत्तिकर और त्रिफला के साथ ले सकता हूँ?
बॉवेल मूवमेंट्स और नाश्ते के बाद रेक्टल दर्द और कमर दर्द के लिए क्या करें?

ऑनलाइन डॉक्टर

ऑनलाइन
Dr. Ravi Chandra Rushi
Master of Surgery in Ayurveda
5.02k+
ऑनलाइन
Dr. M.Sushma
Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery
5.01k+
ऑनलाइन
Dr. Khushboo
Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery
5.0276

नवीनतम समीक्षाएँ

Robert
1 दिन पहले
Thanks for simplifying things! Your advice was spot on and super helpful for my UC. Feeling more at ease now, appreciate it!
Thanks for simplifying things! Your advice was spot on and super helpful for my UC. Feeling more at ease now, appreciate it!
Zara
1 दिन पहले
Thanks for the detailed advice! Your suggestions on diet and stress really made a difference for me. Appreciate the clear guidance!
Thanks for the detailed advice! Your suggestions on diet and stress really made a difference for me. Appreciate the clear guidance!
bankey
1 दिन पहले
Thanks Dr Shashank Aggarwal. I used ayurvedic medicine and Diet prescribed by you and many many relief in my Ulcerative Colitis problem.
Thanks Dr Shashank Aggarwal. I used ayurvedic medicine and Diet prescribed by you and many many relief in my Ulcerative Colitis problem.
Natalie
1 दिन पहले
Your answer was exactly what I needed, thanks! It was clear and really helped me decide on a path forward with ayurvedic treatment.
Your answer was exactly what I needed, thanks! It was clear and really helped me decide on a path forward with ayurvedic treatment.