Need personal consultation for better examination and treatment
मेरे 75 साल के माता-पिता को पेट फूलना, पानी रुकना और भूख न लगने की समस्या है, तो मुझे क्या करना चाहिए? - #56396
Pet mein gas zyada ban rahi hai, pet tight ho raha hai aur pet mein paani ho gaya hai. Bathroom kam aa raha hai, bhookh nahi lag rahi hai, kuch kha lo to pet bhari rehta hai. Umar 75 saal hai.
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
75 वर्ष की आयु में पेट में अधिक गैस बनना, पेट का कड़ा/तना हुआ महसूस होना, पेट में पानी भरना (जलोदर जैसा), पेशाब कम आना, भूख न लगना और थोड़ा खाने पर ही पेट भारी लगना जैसे लक्षणों को केवल साधारण गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह यकृत (लिवर), वृक्क (किडनी), हृदय या उदर में द्रव संचय से संबंधित समस्या का संकेत भी हो सकता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण आयुर्वेद में यह स्थिति मुख्यतः अग्निमांद्य (कमजोर पाचन अग्नि), वात-कफ वृद्धि एवं उदकवह स्रोतस की विकृति से जुड़ी मानी जाती है, जिससे पेट में गैस, भारीपन, सूजन और जल संचय की समस्या उत्पन्न हो सकती है। क्या करें? भोजन हल्का, सुपाच्य और ताजा लें। मूंग दाल की खिचड़ी, लौकी, तोरी, परवल जैसी सब्जियां लें। दिन में 2–3 बार गुनगुना पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं। भोजन के बाद थोड़ा अजवाइन + सैंधव नमक चबा सकते हैं। तला-भुना, मैदा, अधिक नमक, दही, ठंडे पेय और भारी भोजन से परहेज करें। क्षमता अनुसार हल्की सैर करें। आयुर्वेदिक औषध हिंग्वाष्टक चूर्ण 1–2 ग्राम भोजन के बाद गुनगुने पानी से। पुनर्नवादि काढ़ा या पुनर्नवा आधारित औषधियां सूजन और जल संचय में उपयोगी मानी जाती हैं। अविपत्तिकर चूर्ण पाचन सुधारने में सहायक हो सकता है।
••नमस्कार। जो लक्षण आपने बताए हैं—जैसे पेट में अत्यधिक गैस बनना, पेट का कड़ा (tight) होना, पेट में पानी भर जाना (Ascites/जलोदर), पेशाब (bathroom) कम आना, भूख न लगना और कुछ भी खाने पर पेट भारी हो जाना—ये सभी संकेत काफी गंभीर हैं, विशेषकर 75 वर्ष की आयु में। ••एक आयुर्वेदिक दृष्टिकोण (Ayurvedic Perspective) से इसे ‘जलोदर’ (Jalodara) या ‘उदर रोग’ की श्रेणी में देखा जाता है, जहाँ शरीर की ‘अग्नि’ (पाचन शक्ति) बहुत मंद हो जाती है और ‘व्यान वायु’ व ‘अपान वायु’ के दूषित होने से जल का संचय पेट में होने लगता है। ••तुरंत आवश्यक चिकित्सा जांच (Emergency Actions) बिना देरी किए डॉक्टर से मिलकर ये जांचें करवाएं, ताकि पानी भरने का सही कारण पता चल सके: Abdomen USG (पेट की सोनोग्राफी): इससे पेट में पानी की मात्रा और लिवर/किडनी की स्थिति का पता चलेगा। LFT (Liver Function Test) और KFT (Kidney Function Test): लिवर और किडनी की कार्यक्षमता देखने के लिए। पेशाब कम आना एक आपातकालीन संकेत (Emergency) हो सकता है, इसलिए तुरंत डॉक्टर को दिखाना अनिवार्य है। 2. खान-पान और पथ्य-अपथ्य (Dietary Management) आयुर्वेद में जलोदर (पेट में पानी भरने) के रोगियों के लिए आहार का बहुत कड़ा नियम है: ••पानी और तरल पदार्थों पर नियंत्रण (Fluid Restriction): पेट में पानी होने पर सबसे बड़ी गलती ज्यादा पानी पीना है। जब तक डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ जांच न कर लें, पानी की मात्रा को सीमित रखें। प्यास लगने पर गुनगुने पानी की घूंट लें या सूखा मुँह गीला करें। ••नमक का त्याग (No Salt): आहार में नमक (Salt) को पूरी तरह बंद या बेहद कम कर देना चाहिए। नमक शरीर में पानी को रोकता है (Water Retention बढ़ाता है), जिससे पेट में पानी और बढ़ेगा तथा पेशाब और कम हो सकता है। ••दुग्ध आहार (Milk Diet/दुग्धपान): आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रंथों में उदर रोग और जलोदर में रोगी को केवल ऊँटनी के दूध (Camel Milk) या गाय के हल्के दूध पर रखने का निर्देश है, क्योंकि यह बिना पानी बढ़ाए पोषण देता है और मूत्रल (Diuretic) होता है। ••हल्का भोजन: यदि भूख लगे तो बिना नमक के मूंग की दाल का पानी या मांड (बिना गाढ़ा किए) बहुत कम मात्रा में दें। ••पुनर्नवादि मंडूर / पुनर्नवासव (Punarnava): पुनर्नवा आयुर्वेद की सर्वश्रेष्ठ मूत्रल (Diuretic) औषधि है, जो पेशाब की मात्रा को बढ़ाती है और पेट की सूजन व पानी को कम करने में मदद करती है। ••उदरारि रस / आरोग्यवर्धिनी वटी: लिवर की कार्यक्षमता को सुधारने और मंदाग्नि (कम भूख) को ठीक करने के लिए। ••नाराच रस या इच्छाभेदी रस: आयुर्वेद में जलोदर की चिकित्सा में ‘विरेचन’ (पेट साफ करना/पानी निकालना) को मुख्य माना गया है, लेकिन 75 साल की बुजुर्ग उम्र में यह बेहद सावधानी से और केवल डॉक्टर की देखरेख में ही किया जा सकता है।
हमारे डॉक्टरों के बारे में
हमारी सेवा पर केवल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही परामर्श देते हैं, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अन्य चिकित्सा अभ्यास प्रमाणपत्रों की उपलब्धता की पुष्टि की है। आप डॉक्टर के प्रोफाइल में योग्यता की पुष्टि देख सकते हैं।