15 साल तक हस्तमैथुन करने से आमतौर पर स्थायी शारीरिक नुकसान, नपुंसकता या लिंग का सूख जाना नहीं होता। लेकिन चिंता, तनाव, प्रदर्शन की चिंता, खराब नींद या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं ED और शीघ्रपतन में योगदान दे सकती हैं। आयुर्वेदिक उपचार अश्वगंधा चूर्ण 5 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ। कौंच बीज चूर्ण 3 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ। शिलाजीत रसायन 250–500 mg दिन में 2 बार। चंद्रप्रभा वटी 2 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद। शीघ्रपतन (1 मिनट टाइमिंग) अश्वगंधा और कौंच का नियमित सेवन। पेल्विक फ्लोर (केगल) व्यायाम। तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें। लिंग में सूखापन नारियल तेल या तिल तेल की हल्की मालिश कर सकते हैं। पर्याप्त पानी पिएं।
15 साल तक हस्तमैथुन करने के क्या नुकसान होते हैं और सूखे लिंग के साथ इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कैसे करें? - #56615
15 साल हस्तमैथुन के क्या क्या नुकसान हैं? ईडी प्रॉब्लम लिंग बहुत सूखा रहता है कोई अच्छी मेडिसिन? टाइमिंग 1 मिनट है, इसे सही कैसे करें?
How long have you been experiencing erectile dysfunction?:
- 1-6 monthsHow would you describe the severity of your erectile dysfunction?:
- Consistent inabilityHave you noticed any specific triggers for your erectile dysfunction?:
- Stress or anxietyHow is your overall energy level during the day?:
- Very low — constantly fatiguedWhat is your current diet like?:
- Balanced and nutritiousHow often do you engage in physical exercise?:
- Not at allHave you sought any treatments or remedies for this issue before?:
- No, this is the first timeडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
••घबराने की कोई बात नहीं है, सही दृष्टिकोण, निदान परिवर्जन और रसायन व वाजीकरण चिकित्सा से इस स्थिति को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। 1. 15 साल के हस्तमैथुन (Hastmaithun) के नुकसान: आयुर्वेदिक दृष्टिकोण लंबे समय तक अति-हस्तमैथुन करने से शरीर में निम्नलिखित विकृतियाँ आती हैं: वात दोष का प्रकोप (Vata Prakopa): अति-अवरोध या अति-त्याग (अति शुक्र क्षय) से शरीर में मुख्य रूप से व्यान वायु और अपान वायु दूषित हो जाती है। अपान वायु का काम है इरेक्शन और एजाकुलेशन को नियंत्रित करना। जब यह कुपित होती है, तो ध्वजभंग (ED) और शुक्रगत वात (PE) की स्थिति बनती है। धातु क्षय (Dhatu Kshaya): आयुर्वेद के अनुसार शुक्र सातवीं धातु है। अत्यधिक शुक्र क्षय से उत्तरोत्तर धातुओं का पोषण रुक जाता है, जिससे ओज का क्षय (Loss of Ojo-bala) होता है। इसी कारण लिंग की नसों में शुष्कता (Sushkata) और कमजोरी महसूस होती है। शारीरिक और मानसिक शिथिलता: नसों में रक्त संचार (Blood circulation) कम होना, मानसिक तनाव और ग्लानि (Guilt), जिससे परफॉर्मेंस एंग्जायटी बढ़ती है। 2. ED और लिंग की शुष्कता (Sushkata) के लिए चिकित्सा लिंग में शुष्कता और कड़ापन न आना मुख्य रूप से स्थानीय वात प्रकोप और रक्त संचार की कमी के कारण है। इसके लिए बहिर-परिमार्जन (Local application) और अभ्यंतर चिकित्सा दोनों की आवश्यकता है। क) स्थानीय चिकित्सा (Local Application) नसों की शुष्कता को दूर करने और रक्त संचार बढ़ाने के लिए स्नेहन सबसे उत्तम है: श्रीगोपाल तेल (Shri Gopal Taila) या अश्वगंधादि तेल। प्रयोग विधि: रात को सोने से पहले इस तेल की 4-5 बूंदें लेकर लिंग के अग्रभाग (Glans) और निचले हिस्से को छोड़कर, केवल शाफ्ट (Shaft) पर हल्के हाथों से पीछे से आगे की ओर मालिश करें। यह नसों की शुष्कता दूर कर कॉर्पोरा केवर्नोसा (Corpora Cavernosa) में रक्त प्रवाह सुधारेगा। ख) आभ्यंतर औषधि (Oral Medicines) वात शमन और बल बढ़ाने के लिए: वानरी कल्प (Vanari Kalpa): यह केवांच (Kapikacchu) से बनता है, जो प्राकृतिक रूप से डोपामाइन बढ़ाता है और ED व लिबिडो में बेहद कारगर है। 1 चम्मच सुबह-शाम गुनगुने दूध के साथ। अश्वगंधा अवलेह या कल्क: 1 चम्मच रात को दूध के साथ (यह वात शमन करेगा और नसों को ताकत देगा)। 3. टाइमिंग (1 मिनट) कैसे सही करें? (शीघ्रपतन / Premature Ejaculation) शीघ्रपतन (शुक्रगत वात या शुक्र का चंचल होना) को ठीक करने के लिए स्तंभक और वात-शामक औषधियों की आवश्यकता होती है: क) प्रभावी औषधियाँ (Medicines) मन्मथ रस (Manmath Ras) या कामचूड़ामणि रस: 1-1 गोली सुबह और शाम को दूध या मिश्री के साथ लें। (इसमें शुद्ध पारद-गंधक कज्जली और जड़ी-बूटियाँ होती हैं जो अपान वायु को नियंत्रित करती हैं)। यौवनामृत वटी (Yovnamrit Vati): 1-1 गोली दिन में दो बार गुनगुने दूध से। सिद्ध मकरध्वज (Siddha Makardhwaj): यदि कमजोरी बहुत अधिक महसूस हो, तो चिकित्सक की देखरेख में इसकी एक-एक रत्ती (125mg) मात्रा मक्खन या मलाई के साथ ली जा सकती है (यह बेहतरीन वाजीकरण और रसायन है)। ख) यौगिक और व्यावहारिक उपाय (Behavioral Techniques) चूंकि आप डॉक्टर हैं, आप जानते हैं कि एजाकुलेशन एक रिफ्लेक्स है। इसे री-ट्रेन करने के लिए: अश्विनी मुद्रा (Ashwini Mudra) / Kegel Exercises: दिन में 2-3 बार गुदा मार्ग की मांसपेशियों को सिकोड़ें और छोड़ें। इससे पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां मजबूत होंगी और टाइमिंग बढ़ेगी। स्टॉप-स्टार्ट तकनीक (Stop-Start Technique): संभोग या उत्तेजना के दौरान जब लगे कि वीर्य स्खलन होने वाला है, तो 30 सेकंड के लिए रुक जाएं, गहरी सांसें लें, और शांत होने पर पुनः शुरू करें। 4. आहार-विहार और जीवनशैली (Pathya-Apathya) पथ्य (क्या खाएं): गाय का घी, गुनगुना मीठा दूध, बादाम, छुहारे, शतावरी कल्प। अपथ्य (क्या न खाएं): अत्यधिक तीखा (कटु), खट्टा (अम्ल), नमक (लवण), जंक फूड, और मानसिक चिंता। विहार: रात को 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद की कमी से वात बढ़ता है, जो ED को और खराब करेगा
दिसंबर में शादी है क्या शादी करना ठीक होगा या नहीं, बहुत डर लग रहा है।
Jii bilkul kare …koi bhi tarah ki pareshani nhi hogi aapko…ho maine medicine batayi ha usko lete rahe…aur shadi kare aap…baki aage kabhi koi pareshani hoti ha to aap mujse personal consult kar sakte ha yaha per bhi …
Agar aap mere answer se sahmat huay to aap apna question close kar sakte ha aur mujko select kar sakte ha…aapka bahut bahut dhanyabad…
Pencil ka normal size and erection size kya hota hai sir please last question
Flaccid Size (Normal state/Bina erection ke): Lagbhag 2.8 inches se 3.6 inches (7 cm se 9 cm) ke beech hota hai. Erect Size (Erection ke baad): Lagbhag 5.1 inches se 5.6 inches (13cm se 14.2cm) ke beech hota hai. Erect Girth (Motai): Erection ke waqt average motai lagbhag 4.5 inches (11.5cm) ke aas-paas hoti hai. Aap isk question ko close jarur kariyega aur mujko select kar review jarurr dijyega…aaka bhut bahut dhanyawad…dr. Harsh
15 साल तक हस्तमैथुन (masturbation) करने से आमतौर पर स्थायी शारीरिक नुकसान, लिंग का सूख जाना, कमजोरी या ED सीधे नहीं होता। यह एक सामान्य यौन क्रिया है। लेकिन यदि बहुत अधिक मात्रा में, पोर्न की लत के साथ, या अपराधबोध/तनाव के साथ किया जाए तो कुछ समस्याएँ हो सकती हैं: -यौन चिंता (performance anxiety) -पोर्न-जनित उत्तेजना की आदत -शीघ्रपतन (1 मिनट में स्खलन) -तनाव, आत्मविश्वास में कमी -जननांगों में अस्थायी जलन या संवेदनशीलता -----Rx: 1) Ashwagandha Churna 5 g with warm milk at bedtime × 8 weeks. 2) Shilajit 250 mg twice daily after meals × 8 weeks. 3) Kaunch Beej Churna 3 g twice daily with milk × 8 weeks. 4) Manasmitra vati 1 tab at bedtime ----Pathya (Diet & Lifestyle): Warm, nourishing diet; milk, ghee, almonds, dates. Avoid excess spicy food, alcohol, tobacco, and late-night waking. Daily brisk walk 30–45 min. —Yoga: Vajrasana, Bhujangasana, Setubandhasana. Pranayama: Anulom-Vilom and Bhramari 10 minutes twice daily. Avoid pornography and excessive sexual stimulation. ----Panchakarma -Abhyanga with Bala-Ashwagandha taila. -Shirodhara for stress/anxiety. -Matra Basti/Ksheera Basti under supervision. -------Investigations advised: CBC, Fasting Blood Sugar/HbA1c TSH Serum Testosterone (morning) Vitamin D3, Vitamin B12 —Follow-up: 4–6 weeks.
क्या शादी करना ठीक होगा या नहीं, बहुत डर लग रहा है।
Don’t worry be relax, u can go with marriage,take a deep breath. It’s treatable just take care of your body and go with the path
हमारे डॉक्टरों के बारे में
हमारी सेवा पर केवल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही परामर्श देते हैं, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अन्य चिकित्सा अभ्यास प्रमाणपत्रों की उपलब्धता की पुष्टि की है। आप डॉक्टर के प्रोफाइल में योग्यता की पुष्टि देख सकते हैं।