आयुर्वेदिक और अंग्रेजी दवाइयों के साथ हाई ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कैसे मैनेज करें? - #56860
मै प्रवीण कुमार पिछले,चार दिनसे शुगरकी,गोली, M2लेरहा,हु,मेरा,शुगर, 246,खालीपेट,था,cholestrolकी296,tryglisryde 1000थाजिसकी, ursozyd 300,लेरहा,हु दवाई,से,पहले,bp 160 104,था, ecosprinभी,लेरहा, हुअब bp 125 80आ,रहा,है,आजदिनांक, 12,6,2026,से,अर्जुनरिष्ठ,सिरपभी,शुरू,किया,क्या,ये,आयुर्वेद,और,english,दवा,चालू,रखु.
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
••नमस्ते प्रवीण जी। आप अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हैं और नियमित रूप से अपनी रीडिंग ट्रैक कर रहे हैं, यह बहुत अच्छी बात है। आपका ब्लड प्रेशर (BP) जो पहले 160/104 था, वह दवाओं के बाद अब 125/80 आ रहा है, जिसका मतलब है कि आपकी एलोपैथिक (English) दवाएं बहुत अच्छे से काम कर रही हैं। एक आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से और आपकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, मैं आपके सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब दे रहा हूँ। ••मुख्य सलाह: क्या दोनों दवाएं साथ में चालू रखें? हाँ, आप अर्जुनारिष्ट और अपनी एलोपैथिक दवाएं साथ में चालू रख सकते हैं, लेकिन आपको कुछ बेहद ज़रूरी नियमों का पालन करना होगा: ••दवाओं में अंतर (Gap): अपनी एलोपैथिक दवाओं (जैसे M2, Ursozyd, Ecosprin) और आयुर्वेदिक सिरप (अर्जुनारिष्ट) के बीच कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे का अंतर ज़रूर रखें। दोनों को एक साथ कभी न निगलें। ••अर्जुनारिष्ट लेने का सही तरीका: अर्जुनारिष्ट को हमेशा भोजन के बाद, बराबर मात्रा में गुनगुने पानी के साथ मिलाकर लें (जैसे 15-20 ml अर्जुनारिष्ट और 15-20 ml पानी)। इसे खाली पेट बिल्कुल न लें। ••एलोपैथिक दवाएं खुद से बंद न करें: आपका BP अभी नियंत्रित है क्योंकि आपकी एलोपैथिक दवाएं चल रही हैं। अर्जुनारिष्ट शुरू करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप ब्लड प्रेशर या शुगर की डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं बंद कर दें या उनकी डोज़ कम कर दें। आपके रिपोर्ट्स का आयुर्वेदिक व चिकित्सकीय विश्लेषण हाई ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides 1000) और ••कोलेस्ट्रॉल (296): आयुर्वेद में इसे ‘मेदोरोग’ और ‘साम अवस्था’ (शरीर में अत्यधिक टॉक्सिन्स या आम का संचय) माना जाता है। ट्राइग्लिसराइड्स का 1000 होना काफी बढ़ा हुआ स्तर है, जो आपके लिवर और हृदय पर दबाव डालता है। Ursozyd और Ecosprin इसमें आपके खून को पतला रखने और लिवर/लिपिड को संभालने का काम कर रही हैं। ••खाली पेट शुगर (246): यह स्तर भी काफी बढ़ा हुआ है (आयुर्वेद में इसे ‘मधुमेह’ या कफज प्रमेह की विकृति कहते हैं)। अभी आपको M2 टैबलेट लेते हुए सिर्फ 4 दिन हुए हैं। एंटी-डायबिटिक दवाओं को शरीर में पूरी तरह असर दिखाने और शुगर को स्थिर करने में 1 से 2 हफ्ते का समय लगता है। ••अर्जुनारिष्ट का महत्व: अर्जुन (Arjuna) हृदय की मांसपेशियों को ताकत देता है, रक्त वाहिनियों को साफ करता है और बढ़े हुए कफ व मेद (फैट) को कम करने में मदद करता है। यह आपके दिल की सुरक्षा के लिए एक बेहतरीन सप्लीमेंट है, लेकिन यह शुगर या अत्यधिक बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड्स का प्राथमिक (Main) इलाज नहीं है। आपके लिए बेहद ज़रूरी सावधानियां (Precautions) •• महत्वपूर्ण चेतावनी: चूंकि आपका ट्राइग्लिसराइड लेवल (1000) बहुत अधिक है और शुगर भी 246 है, इसलिए अगले 7 से 10 दिनों तक अपने शरीर पर पैनी नज़र रखें। ••नियमित रूप से जांचें: हफ्ते में कम से कम दो बार खाली पेट और खाने के बाद की शुगर चेक करें, और हर 2-3 दिन में BP नापते रहें। ••आहार और जीवनशैली में बदलाव (Pathya-Apathya) •सिर्फ दवाओं से 1000 ट्राइग्लिसराइड और 246 शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल होगा, आपको आज से ही अपने खान-पान में कड़े बदलाव करने होंगे: ••पूरी तरह बंद करें: मीठा, आलू, चावल, मैदा, रिफाइंड तेल, डालडा, घी, समोसे-कचौड़ी जैसे तले हुए पदार्थ और पैक्ड फूड्स पूरी तरह बंद कर दें। ••आहार में शामिल करें: फाइबर से भरपूर चीजें जैसे चोकर वाली रोटी (जूं, चना और गेहूं मिक्स), हरी पत्तेदार सब्जियां, मेथी दाना (रात में भिगोकर सुबह पानी और मेथी खाएं) और लौकी का सूप। ••हल्का व्यायाम: सुबह या शाम को कम से कम 30-45 मिनट धीमी गति से टहलना (Wrisk Walking) शुरू करें। भारी कसरत अभी न करें जब तक ट्राइग्लिसराइड्स कम न हो जाएं।
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