••जब अग्नि मन्द होती है, तो आहार का सही पाचन नहीं होता, जिससे रस धातु विकृत होती है। यही विकृत रस धातु आगे चलकर शुक्र धातु का पोषण सही से नहीं कर पाती, जिसके कारण संभोग के बाद अत्यधिक सुस्ती (क्लम) और इरेक्शन में कमी (क्लैब्य या शिथिलता) जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ••पिछले 20-25 दिनों से कफ और आम का संचय आपके स्रोतों (body channels) को अवरुद्ध कर रहा है, जिससे वीर्य का सही वहन नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति को ठीक करने के लिए हमें दीपनीय-पाचनीय (अग्नि बढ़ाने वाली) और कफ-हर चिकित्सा के साथ-साथ वृष्य (शक्तिवर्धक) चिकित्सा की आवश्यकता है। आपके लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा योजना नीचे दी जा रही है: 1. आम-पाचन और कफ-हर चिकित्सा (सुबह के आलस्य के लिए) सुबह की सुस्ती और आँखों के भारीपन को दूर करने के लिए सबसे पहले दीपन-पाचन अनिवार्य है। ••अमृतारिष्ट (Amritarishta): 4 चम्मच (20 ml) दवा में बराबर मात्रा में गुनगुना पानी मिलाकर दोपहर और रात के भोजन के आधे घंटे बाद लें। यह अग्नि को प्रदीप्त करेगा और स्रोतों के अवरोध को हटाएगा। ••शिवा गुटिका (Shiva Gutika) या चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati): 2-2 गोली सुबह और शाम को गुनगुने पानी या शहद के साथ लें। यह शरीर से कफ और ‘आम’ को हटाकर स्फूर्ति लाएगी। 2. वृष्य और वाजीकरण चिकित्सा (जोश और स्टैमिना के लिए) जब 7-10 दिनों में पाचन थोड़ा सुधर जाए और सुबह का भारीपन कम होने लगे, तब इस चिकित्सा का पूर्ण प्रभाव दिखेगा। ••अश्वगंधादि चूर्ण (Ashwagandhadi Chूर्ण) + कौंच पाक (Kaunch Pak): 3 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण और आधा चम्मच कौंच पाक को मिलाकर रात को सोने से पहले गुनगुने मीठे दूध के साथ लें। यह शुक्र धातु को पुष्ट करेगा और संभोग के बाद होने वाली सुस्ती को रोकेगा। ••सिद्ध मकरध्वज (Siddha Makardhwaj - साधारण): 1 रत्ती (लगभग 125 mg) सुबह के समय शहद या मलाई के साथ लें। यह एक बेहतरीन योगवाही और वाजीकर औषधि है जो इरेक्शन की शिथिलता को दूर कर नसों में तुरंत जोश भरती है। 3. जीवनशैली और आहार में बदलाव (Daily Regimen) औषधियों के साथ-साथ स्रोतों को शुद्ध करना बेहद जरूरी है: उष्णोदक पान: दिनभर केवल गुनगुना पानी ही पिएं। सुबह उठते ही 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीने से कफ का विलायन होगा और आँखों का भारीपन कम होगा। ••आहार: कफ वर्धक आहार जैसे—दही, केला, मिठाई, मैदा, और अत्यधिक ठंडी चीजों का पूरी तरह त्याग करें। भोजन में अदरक, लहसुन, काली मिर्च और हींग का प्रयोग बढ़ाएं। ••रात्रि भोजन: रात का भोजन जितना हो सके हल्का रखें (जैसे मूंग दाल की खिचड़ी या सूप) और सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले कर लें। ••प्रतिमर्श नस्य: सुबह ब्रश करने के बाद दोनों नथुनों में 2-2 बूंद अणु तेल (Anu Taila) या शुद्ध गाय का घी डालें। यह ऊर्ध्वजत्रुगत कफ को हटाकर आँखों के भारीपन और सुबह के आलस्य को तुरंत दूर करेगा।
सुबह आंखों में भारीपन और सेक्स के बाद 20-25 दिनों तक थकान का इलाज कैसे करें? - #56990
सुबह के टाइम अलसी बहुत रहता है आंखें भारी भारी सी रहती है बड़ी मुश्किल से उठाना पड़ता है पहले ऐसा नहीं होता था यह समस्या 20-25 दिन से है इसके लिए कोई आयुर्वेदिक दवाई या समाधान बताएं जिससे यह समस्या ठीक हो सके और शरीर में स्फूर्ति आए जोश में भी बहुत ढीलापन है संभोग करने के बाद बहुत सुस्ती आती है और रिएक्शन भी बहुत कम होता है धन्यवाद
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
नमस्कार। आपकी समस्या को समझा जा सकता है। पिछले 20–25 दिनों से सुबह आंखों में भारीपन, उठने में कठिनाई, शरीर में सुस्ती और संभोग के बाद अत्यधिक थकान महसूस होना सामान्य नहीं माना जाता, लेकिन अधिकांश मामलों में यह उचित जांच और सही उपचार से सुधर सकता है। अभी से 7–8 घंटे की नियमित नींद, देर रात जागने से बचाव और पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें। आपके बताए लक्षण केवल “वीर्य कमजोरी” के कारण ही हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे: नींद की गुणवत्ता खराब होना या स्लीप एपनिया मानसिक तनाव या चिंता शरीर में आयरन, विटामिन B12 या विटामिन D की कमी थायरॉइड की समस्या शुगर या अन्य मेटाबॉलिक कारण अत्यधिक शारीरिक/मानसिक थकान आयुर्वेदिक दृष्टि से यह स्थिति वात-कफ असंतुलन, धातु-क्षीणता तथा सामान्य शारीरिक दुर्बलता से भी संबंधित हो सकती है। आयुर्वेदिक उपचार योजना 1. अश्वगंधा चूर्ण 3–5 ग्राम गुनगुने दूध के साथ रात को भोजन के बाद। शक्ति, सहनशक्ति और थकान कम करने में सहायक। 2. च्यवनप्राश 1–2 चम्मच सुबह दूध के साथ। रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं स्फूर्ति बढ़ाने में मददगार। 3. ब्राह्मी या शंखपुष्पी सिरप 10–15 ml दिन में 2 बार। मानसिक थकान, तनाव और सुस्ती में लाभकारी। आहार एवं दिनचर्या सुबह हल्का व्यायाम या 20–30 मिनट तेज चाल से चलना। दूध, घी, मूंग दाल, बादाम, खजूर और मौसमी फल लें। पर्याप्त पानी पिएं। रात 10–11 बजे तक सोने का प्रयास करें। देर रात मोबाइल चलाना, अधिक तला-भुना भोजन, शराब, तंबाकू और अत्यधिक चाय-कॉफी से बचें।
20–25 दिनों से सुबह आंखों में आलस्य, भारीपन, शरीर में सुस्ती और संभोग के बाद अधिक थकान होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे नींद की कमी, तनाव, एनीमिया, थायरॉइड विकार, मधुमेह, विटामिन B12 या D की कमी। यदि समस्या बनी रहे तो जांच कराना उचित रहेगा। आयुर्वेदिक उपचार (संक्षेप में): Ashwagandha Churna 3–5 ग्राम दूध के साथ रात में। Chyawanprash 1–2 चम्मच सुबह दूध के साथ। Brahma Rasayana 1 चम्मच सुबह-शाम भोजन के बाद। साथ में: रात में 7–8 घंटे की नींद लें। सुबह हल्का व्यायाम और प्राणायाम करें। अत्यधिक तैलीय, भारी और देर रात का भोजन कम करें।
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