आपकी बेटी के लक्षण (पेट दर्द, कभी-कभी कब्ज, इंफेक्शन हिस्ट्री) आयुर्वेद अनुसार अग्नि कमजोरी + वात दोष वृद्धि की तरफ संकेत करते हैं। इसका उपचार पाचन सुधारना, आंतों को साफ रखना और इन्फेक्शन कम करना है। 1. सिरप / टॉनिक (पाचन सुधार के लिए) द्राक्षासव 5–10 ml + बराबर पानी, दिन में 2 बार खाना खाने के बाद 2. कब्ज के लिए (माइल्ड) गंधर्व हरितकी चूर्ण 1/4 चम्मच रात को गुनगुने पानी से (जरूरत के अनुसार) 3. पेट दर्द व गैस के लिए बाल चतुरभद्र चूर्ण 125–250 mg शहद के साथ, दिन में 2 बार 4. इन्फेक्शन सपोर्ट गिलोय सत्व 125 mg दिन में 2 बार गुनगुने पानी से 4–6 सप्ताह, फिर सुधार अनुसार जारी/बंद करें। डाइट व परहेज क्या दें हल्का, ताजा भोजन (दलिया, मूंग दाल, खिचड़ी) फाइबर बढ़ाएं: फल (पपीता, सेब), हरी सब्जियां गुनगुना पानी, दिन में 6–7 गिलास सुबह खाली पेट 1 चम्मच शहद + गुनगुना पानी क्या न दें जंक फूड, मैदा, पैकेज्ड फूड ज्यादा तला-भुना, ठंडी चीजें (कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम) ज्यादा मसालेदार खाना दिनचर्या रोज 20–30 मिनट हल्की एक्टिविटी/खेल सुबह उठकर गुनगुना पानी टॉयलेट की आदत नियमित बनाएं
Is age me recurrent stomach pain + occasional constipation usually weak digestion (mandagni) + mild infection tendency ki wajah se hota hai. Ultrasound normal hai, so functional issue hai — reversible hai. Diet (most important) Avoid: Junk food, chips, bakery, cold drinks, excess मैदा Give: Ghar ka fresh khana Moong dal, rice, roti, sabzi Fruits (papaya best for constipation) Warm water Routine Fixed meal timings Do not skip meals Encourage daily toilet habit (morning) Ghar par Morning: warm water Night: 1 tsp ghee in warm milk (if suits) → constipation relief Medicines (child-safe) Bal chaturbhadra churna – ¼ tsp + honey, 2 times daily after food Arvindasava – 5 ml + equal water, 2 times daily after food Hingwashtak churna – pinch with first bite of meals If constipation: Triphala syrup – 5 ml at bedtime (only when needed) Duration Follow for 4–6 weeks regularly. Important UTI history hai → ensure proper hydration + hygiene If severe pain, fever, or vomiting increases → doctor check again Gradually pain frequency kam hoga once digestion improves. Regards, Dr Raghuveer (Ayurvedacharya)
1.बालचतुर्भद्र सिरप 1 चम्मच (5ml) बराबर पानी के साथ,सुबह और शाम (खाना खाने के बाद) 2.कुमारी आसव 1 चम्मच (5ml) बराबर पानी के साथ,सुबह और शाम (खाना खाने के बाद) 3.गिलोय घनवटी 1/2 (आधी) गोली सुबह, पानी के साथ 4.अभयारिष्ट 1 चम्मच (5ml) बराबर पानी के साथ,सुबह और शाम (खाना खाने के बाद) कुछ घरेलू उपाय---- नाभि पर हींग: यदि अचानक पेट दर्द हो, तो शुद्ध हींग को थोड़े से पानी में घोलकर नाभि के चारों ओर लगाएं। गुनगुना सेक: पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली से हल्का सेक करें। परहेज (Avoid These)----- बाहर का खाना: मैदा, पास्ता, नूडल्स, पिज्जा, और बिस्किट पूरी तरह बंद करें। ठंडी चीजें: फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम न दें। भारी भोजन: बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना न खिलाएं। पैकेट बंद जूस: डिब्बाबंद जूस की जगह ताजा फल खिलाएं। डाइट प्लान (Diet Plan)---- फाइबर बढ़ाएं: बच्ची को पपीता, अमरूद और सेब (छिलके सहित) खिलाएं। इससे कब्ज दूर होगी। तरल पदार्थ: दिन भर में गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। यह यूरिन इंफेक्शन को साफ करने में मदद करेगा। हल्का भोजन: मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया और ताजी लौकी/तोरई की सब्जी खिलाएं। छाछ (Takra): दोपहर के खाने के बाद ताजी छाछ में भुना हुआ जीरा और काला नमक डालकर दें। यह पेट के इंफेक्शन के लिए अमृत समान है। यूरिन इंफेक्शन के लिए: नारियल पानी और जौ का पानी (Barley water) पिलाएं।