Ask Ayurveda

मुफ्त! आयुर्वेदिक डॉक्टरों से पूछें 24/7

प्रमाणित डॉक्टरों से किसी भी समय विशेषज्ञ उत्तर प्राप्त करें

तेज़ प्रतिक्रियाएँ
1000+ सत्यापित डॉक्टर
/
/
/
पेट में कीड़े बार-बार पढ़ना और यह मुझे करीब 6 साल से पड़े हुए हैं इनके करण मेरा वजन भी नहीं बढ़ता कारण मेरा वीडियो भी नहीं भरता
Panchakarma
प्रश्न #35304
231 दिनों पहले
1,690

पेट में कीड़े बार-बार पढ़ना और यह मुझे करीब 6 साल से पड़े हुए हैं इनके करण मेरा वजन भी नहीं बढ़ता कारण मेरा वीडियो भी नहीं भरता - #35304

Vaibhav dhangar
$3.51

पेट में कीड़े बार-बार पढ़ना और यह मुझे करीब 6 साल से पड़े हुए हैं इनके करण मेरा वजन भी नहीं बढ़ता कारण मेरा वीडियो भी नहीं बढ़ता और मैं बहुत ही परेशान हूं बहुत लंबे समय से मैंने एल्बम और झूला 400 एमजी मेडिसिन भी कई बार ले ली है उसके बाद भी कीड़े नहीं मार रहे मेरा शरीर कमजोर कर रहे हैं कृपया मुझे आप सलाह दें मेरे शरीर को कीड़ों ने ने बहुत ही कमजोर कर दिया है और खाया पिया मुझे कुछ भी नहीं लगता है इनके कारण और नहीं यह जड़ से खत्म हो रहा है मेरे पेट में कुछ लेता हूं थोड़े दिन खत्म उसके बाद वापस हो जाते हैं कृपया रामबाण जड़ से खत्म करने का बताइए और यह माल में चींटी बराबर छोटे-छोटे दिखाई देते हैं सफेद कलर क

आयु: 19
पुरानी बीमारियाँ: Pet mein kide बार-बार padhna
प्रश्न बंद है
Writing an explanation of your symptoms through Ayurveda...
Analyzing through Ayurvedic framework0%

डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं

Avoid dairy and bakery products and packed foods. Regular exercise. Increase intake of raw vegetables and fruits. Tab. Krumikuthar ras 2-0-2 Vidangasav 15ml twice Follow up after 4weeks

13386 उत्तरित प्रश्न
39% सर्वश्रेष्ठ उत्तर
डॉक्टर ने आपके लिए उपचार योजना तैयार की है
Vidangarishtam - Dhootapapeshwar
Krumikuthar Rasa - Dhootapapeshwar
स्वीकृत प्रतिक्रिया

0 उत्तर

1.कृमिघ्न वटी - 2 गोली सुबह और रात खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ 2.विडंग चूर्ण - 1 चम्मच खाली पेट सुबह गुनगुने पानी के साथ 3.नीमघ्न वटी - 2 गोली सुबह और रात खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ

आहार और दिनचर्या सुझाव - परहेज़ करें: मीठा, दूध, दही, केला, तले हुए और भारी भोजन - खाएं: हल्का, गर्म, मसालेदार भोजन जैसे जीरा, अजवाइन, हल्दी युक्त सब्जियाँ - घरेलु उपाय: - अजवाइन + काला नमक: 1/2 चम्मच भोजन के बाद - लहसुन की कली: सुबह खाली पेट चबाएं

🧘‍♀️ शरीर को मजबूत करने के लिए - अश्वगंधा चूर्ण: 1 चम्मच रात को दूध के साथ - शतावरी चूर्ण: 1 चम्मच सुबह दूध के साथ - च्यवनप्राश: 1 चम्मच सुबह खाली पेट

12155 उत्तरित प्रश्न
27% सर्वश्रेष्ठ उत्तर
स्वीकृत प्रतिक्रिया

0 उत्तर

Start with Vidangarist 10ml twice daily after food with water Tablet Liv-52 1-0-1 after food with water Avoid sweet, high sugar, jaggery, honey diet

13642 उत्तरित प्रश्न
30% सर्वश्रेष्ठ उत्तर
डॉक्टर ने आपके लिए उपचार योजना तैयार की है
Liv 52 Drops - Himalaya
Vidangarishtam - Dhootapapeshwar
स्वीकृत प्रतिक्रिया

0 उत्तर

नमस्ते वैभव

आपकी समस्या आंतों में कीड़े (Intestinal Worms / Krimi Rog) से संबंधित है, जो लंबे समय से बार-बार हो रही है। ऐसा तब होता है जब पाचन अग्नि कमजोर, आहार असंतुलित या स्वच्छता का ध्यान ठीक से नहीं रखा जाता। लगातार कीड़े रहने से शरीर का पोषण ठीक से नहीं होता, इसलिए वज़न नहीं बढ़ता, कमजोरी, भूख न लगना और थकान जैसी शिकायतें बनी रहती हैं।

आयुर्वेदिक उपचार (Medicines)

आपके जैसे पुराने केस में केवल एल्बेंडाजोल (Allopathic deworming) लेने से अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन जड़ से इलाज के लिए अग्नि सुधार और कीड़े नाशक दोनों ज़रूरी हैं।

✅Krimighna (Worm Killing) औषधियां:

1. Vidangarishta – 20 ml दिन में 2 बार भोजन के बाद पानी के साथ 2. Krimimudgar Ras – 1 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद गुनगुने पानी से 3. Vidangaristha 30ml-0-30ml गुनगुने पानी के साथ 4. Neem capsule – 1-0-1 सुबह-शाम

✅पाचन सुधारने के लिए:

1. Hingvashtak Churna – 1 चम्मच भोजन के बाद गुनगुने पानी से 2. Chitrakadi Vati – 1 गोली दो बार भोजन के पहले 3. Arogyavardhini Vati – 1 गोली दिन में दो बार (यदि कब्ज या भूख कम हो)

✅घरेलू उपाय (Home Remedies):

1. सुबह खाली पेट 2 चम्मच कच्चा नारियल या नारियल पानी, 3 घंटे बाद 30 ml castor oil (एरंड तेल) गुनगुने दूध के साथ लें — यह पुराने कीड़ों को बाहर निकालता है। 2. रोज़ सुबह खाली पेट 1 गिलास गाजर का रस लें। 3. पपीते के बीज 5–6 को पीसकर शहद के साथ सुबह लें (7 दिन तक)। 4. रोज़ाना भोजन से पहले थोड़ी अजवाइन + काला नमक चबाएं।

✅ आहार-विहार (Diet & Lifestyle):

✅ क्या खाएं:

हल्का सुपाच्य खाना, मूंग दाल, लौकी, तोरई, चावल गुनगुना पानी नीम की पत्तियां कभी-कभी चबाएं

❌क्या न खाएं:

मिठाई, दूध, दही, मैदा, बिस्किट, जंक फूड ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, बासी खाना दिन में सोना

उपचार के साथ स्वच्छता, नियमित मल त्याग और पाचन सुधार ज़रूरी है, वरना कीड़े फिर लौट आते हैं।

शुभकामनाएं Dr Snehal Vidhate

12010 उत्तरित प्रश्न
28% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

पेट में कीड़ों की समस्या लंबे समय से बनी रहना जाहिर तौर पर आपके लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। यह समस्या अक्सर पाचन प्रणाली की कमजोरी, दूषित वातावरण, या आहार के कारण हो सकती है। आपके मामले में, आपको एक गहरी और दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है।

आयुर्वेद में, यह समस्या ‘कृमी रोग’ के अन्तर्गत आती है, और इसका इलाज दोष संतुलन, पाचन शक्ति (अग्नि) को मजबूत करने और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके किया जाता है। आप निम्नलिखित आयुर्वेदिक सुझावों पर विचार कर सकते हैं:

1. आहार में सुधार: - अपने आहार में हलके और सुपाच्य भोजन को शामिल करें। गरम और ताजा खाना ग्रहण करें। - फल, हरी सब्जियाँ, और मूंग दाल, खिचड़ी का सेवन बढ़ाएँ।

2. तुलसी और अदरक का प्रयोग: - तुलसी के पत्तों का रस दिन में दो बार 5-10 बूँद पियें। - अदरक के छोटे टुकड़े को चबाएं या अदरक का रस एक चम्मच लें।

3. पंचकर्म: - पंचकर्म, विशेषकर विरेचन (लक्ष्यबद्ध रूप से शुद्धिकरण) आपके शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने और कीड़ों को समाप्त करने में मददगार साबित हो सकता है। सुनिश्चित करें कि यह प्रक्रिया किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में हो।

4. कृमि अनुलोमक चूर्ण: - यह आयुर्वेदिक चूर्ण कृमी के संक्रमण को कम करने में प्रभावी होता है। इसे एक चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह के बाद दिन में दो बार खाली पेट लें।

5. योग और प्राणायाम: - नियमित योग और प्राणायाम आपकी पाचन शक्ति बढ़ाते हैं और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं।

6. आयुर्वेदिक परामर्श: - किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से नियमित परामर्श लें। यह उनके निर्देशन में व्यक्तिगत और सहायक उपचार रणनीतियों को लागू करने में मदद करेगा।

ध्यान रखें कि दीर्घकालिक या गंभीर स्थितियों में, किसी चिकित्सक का परामर्श लेना अति आवश्यक होता है। आपकी स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, इसलिए एक सक्षम आयुर्वेदिक चिकित्सक के संपर्क में रहना सबसे अच्छा होगा।

15589 उत्तरित प्रश्न
33% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

Vidangasava 4 tsp with equal quantity of water twice daily after food Arogyavardini vati 1-0-1 Triphala churna 1 tsp with warm water at night Avoid sweet and bakery products

13600 उत्तरित प्रश्न
29% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

Take Krimimudgar rasa 1-0-1 forb3 days then repeat after 15 days for 3 days Chitrakadi vati 1-0-1 Vidangasava 10-0-10ml Drakshaaristha 10-0-10 ml Avoid sweets heavy food milk oily foods during treatment

4939 उत्तरित प्रश्न
37% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

HELLO VAIBHAV,

19 year old person suffering from recurrent intestinal worms for about 6 years, with symptoms like failure to gain weight and persistent digestive issues

In Ayurveda, Krimi roga arises due to -weak digestive fire -improper diet habits -accumulation of undigested food -poor hygiene and irregular bowel movements

These factors create an environment where intestinal parasites (worms) thrive. Chronic infestation leads to weakness, low weight, loss of appetite, and general debility

AYURVEDIC MANAGEMENT PLAN

1) DEEPANA- PACHANA (enhancing digestion and removing toxins) To improve digestion and remove Ama

-TRIKATU CHURNA= 1/2 tsp twice a day before food with warm water

- HINGWASTAKA CHURNA= 1/2 tsp after meals to improve appetite and digestion

2) ANTI PARASITIC TREATMENT To eliminate worms from the intestines

-VIDANGA CHURNA= 1/2 tsp twice daily with warm water

-KRIMIMUDGAR RAS= 1 tab twice daily after meals with warm water

-NEEM CAPSULES= 1 cap twice daily after meals for internal cleansing and antimicrobial action

Take for 7-10 days, then repeat after 15 days if necessary

3) VIRECHANA (mild purgation for complete cleansing) After the initial course of Krimighna herbs, do mild cleansing -CASTOR OIL= 2 tsp in warm milk early morning once a week for 2-3 weeks (strictly dont take daily- once in a week preferable Saturday) = this helps flush out remaining worms and toxins

4) REJUVINATION AND NOURISHMENT Once digestion improves and worms are cleared, strengthen the body

-CHYAWANPRASHA= 1 tsp daily in morning to improve immunity and weight gain

-ASHWAGANDHA LEHYA= 1 tsp with milk at bedtime to build strength and muscle

-DRAKSHARISHTA= 2 tsp twice daily after meals to improve appetite and digestion

5) DIET -Avoid sweets, bakery items, and fermented foods- they aggravate krimi -Include garlic, turmeric, ginger, and black pepper in the diet- natural anti parasitic -Eat freshly cooked, light, and warm food -drink lukewarm water and avoid cold, stale, or heavy food -take buttermilk with a pinch of black salt and cumin daily- improves digestion

6) LIFESTLYE MEASURES -maintain proper hygiene- wash hands before eating -trim nail regularly and avoid eating food outside frequently -get deworming every 6 months- natural or medical -practice suryanamaskar, and pavanmuktasana daily for digestive health

DO FOLLOW

HOPE THIS MIGHT BE HELPFUL

THANK YOU

DR. MAITRI ACHARYA

13187 उत्तरित प्रश्न
27% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

नमस्ते वैभव,

19 वर्षीय व्यक्ति लगभग 6 वर्षों से बार-बार होने वाले आँतों के कीड़ों से पीड़ित है, जिसके लक्षण हैं: वज़न न बढ़ना और लगातार पाचन संबंधी समस्याएँ।

आयुर्वेद में, कृमि रोग निम्न कारणों से उत्पन्न होता है: -कमज़ोर पाचन अग्नि -अनुचित आहार-विहार -अपचित भोजन का संचय -अस्वच्छता की कमी और अनियमित मल त्याग।

ये कारक एक ऐसा वातावरण बनाते हैं जहाँ आँतों के परजीवी (कृमि) पनपते हैं। लंबे समय तक संक्रमण से कमजोरी, कम वजन, भूख न लगना और सामान्य दुर्बलता हो सकती है।

आयुर्वेदिक प्रबंधन योजना

1) दीपन-पाचन (पाचन को बेहतर बनाना और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना) पाचन में सुधार और आमाशय को दूर करने के लिए

-त्रिकटु चूर्ण = भोजन से पहले दिन में दो बार आधा चम्मच गर्म पानी के साथ

- हिंग्वाष्टक चूर्ण = भूख और पाचन में सुधार के लिए भोजन के बाद आधा चम्मच

2) परजीवी-रोधी उपचार आंतों से कीड़ों को खत्म करने के लिए

-विदंग चूर्ण = दिन में दो बार आधा चम्मच गर्म पानी के साथ

-कृमिमुद्गर रस = भोजन के बाद दिन में दो बार 1 गोली गर्म पानी के साथ

-नीम कैप्सूल = आंतरिक सफाई और रोगाणुरोधी क्रिया के लिए भोजन के बाद दिन में दो बार 1 गोली

7-10 दिनों तक लें, फिर ज़रूरत पड़ने पर 15 दिनों के बाद दोहराएँ

3) विरेचन (पूर्ण सफाई के लिए हल्का विरेचन) कृमिघ्न जड़ी बूटियों का प्रारंभिक कोर्स, हल्की सफाई करें -अरंडी का तेल = 2 चम्मच गर्म दूध में सुबह-सुबह, सप्ताह में एक बार, 2-3 हफ़्तों तक (रोज़ाना न लें - सप्ताह में एक बार, बेहतर होगा शनिवार को) = यह बचे हुए कृमियों और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है

4) कायाकल्प और पोषण पाचन में सुधार और कृमि मुक्त होने के बाद, शरीर को मज़बूत बनाएँ

-च्यवनप्राश = रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और वज़न बढ़ाने के लिए रोज़ाना सुबह 1 चम्मच

-अश्वगंधा लेह्य = ताकत और मांसपेशियों के निर्माण के लिए सोते समय दूध के साथ 1 चम्मच

-द्राक्षारिष्ट = भूख और पाचन में सुधार के लिए भोजन के बाद दिन में दो बार 2 चम्मच

5) आहार -मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और किण्वित खाद्य पदार्थों से बचें - ये कृमि को बढ़ाते हैं -आहार में लहसुन, हल्दी, अदरक और काली मिर्च शामिल करें - प्राकृतिक परजीवी रोधी -ताज़ा पका हुआ, हल्का और गर्म भोजन करें -गुनगुना पानी पिएं और ठंडा, बासी, या भारी भोजन -रोज़ाना एक चुटकी काला नमक और जीरा मिलाकर छाछ पिएँ- पाचन क्रिया में सुधार करता है

6) जीवनशैली संबंधी उपाय -उचित स्वच्छता बनाए रखें- खाने से पहले हाथ धोएँ -नियमित रूप से नाखून काटें और बाहर का खाना बार-बार खाने से बचें -हर 6 महीने में कृमिनाशक दवा लें- प्राकृतिक या चिकित्सीय -पाचन स्वास्थ्य के लिए रोज़ाना सूर्यनमस्कार और पवनमुक्तासन करें

अनुसरण करें

आशा है कि यह मददगार होगा

धन्यवाद

डॉ. मैत्री आचार्य

13187 उत्तरित प्रश्न
27% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

आपकी स्थिति को देखते हुए, सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप पेट के कीड़ों या परजीवी संक्रमण का सही निदान करवा रहें हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक या पेट विशेषज्ञ से परामर्श लें, जो आपके लक्षणों की पूरी जाँच करके सही उपचार की सलाह दे सकें। हालाँकि, आयुर्वेद में कुछ उपचार है जो पेट के कीड़ों को खत्म करने में सहायक हो सकते हैं।

1. भृंगराज और विधारा: ये दोनों जड़ी-बूटियां पेट के कीड़ों के लिए कारगर मानी जाती हैं। आप भृंगराज और विधारा चूर्ण को हल्का गर्म पानी के साथ रात सोने से पहले ले सकते हैं।

2. अज्वैन और काला नमक: भोजन के बाद आधा चम्मच अज्वैन और एक चुटकी काला नमक लेने से पाचन शक्ति बेहतर होती है और कीड़े खत्म करने में मदद मिलती है।

3. तुलसी और अदरक का रस: सुबह खाली पेट 2-3 पत्तियां तुलसी और अदरक का रस लेना फायदेमंद हो सकता है।

4. हरीतकी चूर्ण: सोते समय एक चम्मच हरितकी चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से आंतरिक सफाई होती है और पाचन में सुधार होता है।

5. नियमित योग प्राणायाम: सूर्य नमस्कार और पेट को स्फूर्तिवान बनाने वाले आसनों का अभ्यास करें। इससे आप अपने पेट के कायापलट को तेज कर सकते हैं।

इस उपचार के दौरान आप अपनी भोजन शैली को भी ध्यान में रखें। तैलीय, मिर्च-मसालेदार और भारी भोजन से बचें, और फाइबर युक्त आहार जैसे साबूत अनाज, फल और सब्जियां खाएं।

ध्यान रहे, कि यदि लक्षण गंभीर हो रहे हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना आवश्यक है। और इन उपचारों को करने से पहले अपने चिकित्सक से सम्मति अवश्य लें।

10635 उत्तरित प्रश्न
28% सर्वश्रेष्ठ उत्तर

0 उत्तर

ऑनलाइन डॉक्टर

हमारे डॉक्टरों के बारे में

हमारी सेवा पर केवल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही परामर्श देते हैं, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अन्य चिकित्सा अभ्यास प्रमाणपत्रों की उपलब्धता की पुष्टि की है। आप डॉक्टर के प्रोफाइल में योग्यता की पुष्टि देख सकते हैं।


घी के दिनों के बाद सफाई के लिए कड़वा नमक का उपयोग कैसे करें?
Concerns About Purgation Effectiveness
अब्रक क्या है?
S N Pandit Suvirechana
क्या मेरी एनिमा रूटीन सामान्य है?
what is shirodhara
Inquiry about Snehapana Regimens during Rhuthu Virechana
Shilajit in cirrhosis and high bp
Diabetes reversal medicine... .... ...
How to detoxbody with home remedies
पंचगव्य घृत का उपयोग गैस्ट्रिक समस्याओं, अनिद्रा और याददाश्त की कमी के लिए
किचड़ी क्लीनज़ के दौरान चिंताएँ: खुजली वाली त्वचा और नींद में खलल
Considering Panchakarma Treatment for Detoxification
पंचगव्य घृत का उपयोग गैस्ट्रिक समस्याओं, अनिद्रा और याददाश्त की कमी के लिए
पूरे शरीर के पंचकर्म उपचार जैसे धारा और स्टीमिंग के बाद मुझे कितने दिन आराम की जरूरत होती है?
घर पर पंचकर्म कैसे करें?
डीमोनोरॉप्स ड्रेको का उपयोग गहरी आंत की सफाई के लिए
General Ayurvedic Treatment Needed
I have done virechana first then my doctor is advising vamana
what is famous in kerala
दुबई में पंचकर्म के लिए एक भरोसेमंद वैद्य कैसे ढूंढें?
आयुर्वेद में पंचकर्म उपचार क्या है?
what is panchakarma therapy
स्नेहपान कब बंद करना चाहिए?
Concerns about Thaila Vasthi Retention Time
Liver problem causes Mand agni....
मंदिर जाने से पहले कषाय एनीमा का समय और प्रभाव
what to eat after virechana
SNA Panchasneham
पंचकर्म थेरेपी क्या है?
क्या मेरे आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा सुझाई गई बस्ती थेरेपी का उपयोग करना सुरक्षित है?
Seeking Anti-Parasite Cure and General Support
which oil is used for shirodhara
दुबई में पंचकर्म के लिए योग्य वैद्य कैसे खोजें?
Nagarjuna Panchagavya Ghrutham
कषाय वस्ती प्रशासन में समस्याएँ
वास्कुलाइटिस के लिए पंचकर्म का सही समय जानने के लिए मार्गदर्शन चाहिए।
क्या मुझे पहले विरेचन चुनना चाहिए या बस्ती?
I am suffering from iron deficiency .anemia since 1 year
what is basti treatment in ayurveda
what is panchakarma treatment in ayurveda
मेरे पास खाने के बाद मंद अग्नि और सुस्ती होती है।
what is virechana
पंचकर्म उपचार के बाद कब्ज और पीठ दर्द
पंचकर्म ट्रीटमेंट क्या है?
पंचकर्म के आखिरी दिन और एनिमा के नतीजों को लेकर चिंताएं
पुरुषों के लिए वजन घटाने और डिटॉक्स के लिए मुफ्त पंचकर्म उपचार केंद्र कैसे खोजें?
How to Prepare for Colon Cleansing with Salt Water?
Treatment of virechan atiyog I av small red color tiny marks on my body
How to reduce breast size and get relief in back pain and neck pain
what is panchakarma in ayurveda
क्या आयुर्वेद पंचकर्म उपचार मेरी 36 साल पुरानी अल्सरेटिव कोलाइटिस में मदद कर सकता है?
Looking for recommendation - clinic in Pune
I am going under panchakarma treatment
क्या पंचकर्म सुरक्षित है?
is panchakarma safe
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद कब्ज क्यों होती है?
जोड़ों के दर्द के लिए पंचकर्म की सिफारिशें चाहिए
पंचकर्म उपचार के बाद एसएलई के लिए गंभीर गैस्ट्रिक समस्याओं और थकान से कैसे उबरें?
can i sleep during virechana
क्या त्वचा के घावों पर पंचवल्कडी तेल का अधिक उपयोग करने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं और इसे सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें?
क्या हम स्नेहपान के दौरान सो सकते हैं?
I taking iron tablets but still my hemoglobin is not increasing significantly from 1 year if I stop iron tablet my hemoglobin leveled dropping
Considering Panchakarma Treatment at 41
My urethral stricture thik achi trah kese hoga digestive
which oil is used for shirodhara
how to do panchakarma at home
Malabar Dasamoola Panchakola Kashayam
गर्दन के स्पॉन्डिलाइटिस और शरीर की डिटॉक्स के लिए आयुर्वेदिक इलाज के बारे में जानकारी चाहिए।
बाएं गुर्दे में नेफ्रॉन सिस्ट और हेमांगीओमा के लिए मैं घर पर कौन-कौन से पंचकर्म उपचार कर सकता हूँ?
What is given to wear to women during Abhyanga massage ?
पंचकुलाचूर्ण कैसे लें - खाने से पहले या बाद में?
Sciatica radiating painnumbnesson right leg foot
पंचकर्म के बाद की डाइट और एसिडिटी से जुड़ी चिंताएँ
USA में बस्ती ट्रीटमेंट के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर की तलाश
क्या विरेचन कर्म के बाद पीठ दर्द और सिरदर्द होना सामान्य है?
what is virechana treatment
5 पंचकर्म क्या हैं?
स्नेहपान उपचार के बाद भोजन का शेड्यूल कैसे बनाएं?
घर पर शिरोधारा कैसे करें?
how many days panchakarma treatment
पंचकर्म उपचार कितने दिनों का होता है?
शिरोधारा ट्रीटमेंट क्या है?
पंचामृत लोह गुग्गुल कैसे लें?
पंचकर्म के बाद की डाइट सिफारिशें
what to eat after virechana
फेफड़ों की समस्याओं के लिए पंचकर्म को समझना
what is panchakarma treatment cost
For pandu roga or anemia vamana is best or virechana is best
पंचकर्म थेरेपिस्ट डिप्लोमा कोर्स की फीस और अवधि के बारे में जानकारी चाहिए।
पंचकर्म ट्रीटमेंट की कीमत क्या है?
How to join this platform as an ayurvedic doctor
Hanging and baloon like tummy after c section
what is panchakarma in ayurveda
क्या पंचामृत पर्पटी मेरे भूख और लिवर ट्रीटमेंट के बाद दस्त में मदद कर सकती है?
Vaidyaratnam Panchasneham
मेरे बेटे में इचथियोसिस वल्गारिस के लिए पंचतिक्ता घृत का लंबे समय तक उपयोग
what is shirodhara treatment
Mouth ulcer white spot on tounge many year problem
For mand agni virechana or vamana is is best

ऑनलाइन डॉक्टर

नवीनतम समीक्षाएँ

Vesper
6 घंटे पहले
Really helpful and detailed advice! Appreciate the info about natural options for breast health and fibroadenoma. Super grateful! 🤗
Really helpful and detailed advice! Appreciate the info about natural options for breast health and fibroadenoma. Super grateful! 🤗
Natalie
7 घंटे पहले
Huge thanks! This answer was super clear and detailed. Really helped me understand how to manage the pain better. Much appreciated!
Huge thanks! This answer was super clear and detailed. Really helped me understand how to manage the pain better. Much appreciated!
Zachary
23 घंटे पहले
I'm so grateful for this detailed answer! It was clear and really helped put my mind at ease about my dad's options. Thanks!
I'm so grateful for this detailed answer! It was clear and really helped put my mind at ease about my dad's options. Thanks!
Sydney
23 घंटे पहले
Thanks for the clear advice. Really helpful in understanding the balance between modern meds and Ayurveda. Appreciate the guidance!
Thanks for the clear advice. Really helpful in understanding the balance between modern meds and Ayurveda. Appreciate the guidance!