स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के लिए अपने शरीर को उसकी अनोखी संरचना के अनुसार पोषण देना जरूरी है। सिद्ध-आयुर्वेदिक परंपरा के अनुसार, अपने दोषों को संतुलित करना और अपने अग्नि या पाचन अग्नि को बढ़ाना महत्वपूर्ण है। ऐसा लगता है कि यहां वात दोष प्रमुख हो सकता है, जो कम वजन की समस्याओं का कारण बन सकता है। इन सिफारिशों पर ध्यान दें:
1. घने, पोषक खाद्य पदार्थ खाएं: गर्म, अच्छी तरह से पके हुए भोजन का सेवन करें। साबुत अनाज (ब्राउन राइस, क्विनोआ), प्रोटीन युक्त दालें (मूंग, मसूर) और स्वस्थ वसा (घी, तिल का तेल) शामिल करें। अगर दूध और पनीर अच्छी तरह से सहन होते हैं, तो उन्हें भी शामिल करें।
2. अपने भोजन का समय निर्धारित करें: दिन में तीन मुख्य भोजन करें और बीच में हल्के स्नैक्स लें। रात का खाना हल्का होना चाहिए, जबकि नाश्ता और दोपहर का भोजन अधिक भरपूर होना चाहिए। स्नैक्स के लिए, नट्स और सूखे मेवे (बादाम, किशमिश) चुनें क्योंकि वे आवश्यक वसा और पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
3. ध्यानपूर्वक खाने की आदतें: भोजन को जल्दी-जल्दी न खाएं; बेहतर पाचन के लिए ठीक से चबाएं। खाने के दौरान अपने शरीर को आरामदायक महसूस करने दें ताकि पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ सके।
4. हर्बल सप्लीमेंट्स: अश्वगंधा, मिल्क थिसल और शतावरी को मार्गदर्शन में लिया जा सकता है, क्योंकि वे भूख बढ़ाने और वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। किसी भी जड़ी-बूटी को शुरू करने से पहले हमेशा एक आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करें।
5. व्यायाम में संयम: योग और चलने जैसे हल्के व्यायाम आपके पाचन को बढ़ा सकते हैं बिना आपके शरीर पर अधिक भार डाले, जो स्वस्थ वजन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
पृथ्वी और मीठे स्वाद आमतौर पर वात दोष के लिए संतुलनकारी होते हैं और पोषण की भावना पैदा करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर कोई सुधार नहीं होता है या आपको अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो किसी भी अंतर्निहित समस्या को दूर करने के लिए एक विस्तृत व्यक्तिगत आयुर्वेदिक परामर्श आवश्यक हो सकता है।



