आपके लक्षण (कम वजन, कम भूख, घबराहट, वात प्रकृति) वात वृद्धि + अग्नि (digestive fire) की कमजोरी को दर्शाते हैं। आयुर्वेद में इसका समाधान “वात शमन + अग्नि दीपन + पोषण वृद्धि” है। आयुर्वेदिक उपाय 1. अग्नि बढ़ाने के लिए भोजन से 30 मिनट पहले: अदरक का छोटा टुकड़ा + नींबू + चुटकी नमक दिन में 2 बार: त्रिकटु चूर्ण (सौंठ, काली मिर्च, पिपली) गुनगुने पानी के साथ (डॉक्टर की सलाह से) 2. वात शमन आहार गरम, ताज़ा, स्निग्ध भोजन लें घी 1–2 चम्मच रोज़ भोजन में शामिल करें खिचड़ी, मूंग दाल, दूध, केला, सूखे मेवे (भीगे हुए बादाम/किशमिश) 3. वजन बढ़ाने के लिए टॉनिक अश्वगंधा चूर्ण 1 चम्मच रात में गुनगुने दूध के साथ च्यवनप्राश 1–2 चम्मच सुबह 4. जीवनशैली रोज़ हल्की मालिश (अभ्यंग) तिल के तेल से योग: वज्रासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम देर रात जागना और अनियमित भोजन से बचें 5. मानसिक शांति (बहुत जरूरी) ध्यान (Meditation) 10–15 मिनट रोज़ स्क्रीन टाइम और तनाव कम करें
36 साल के व्यक्ति के लिए, जिनकी वात प्रकृति है, भूख कैसे बढ़ाएं और वजन कैसे बढ़ाएं? - #55818
मेरी उम्र 36 साल है, वजन 42 किलो है। मेरी वात प्रकृति है। मेरा वजन बढ़ता नहीं है, भूख भी बहुत कम लगती है और हमेशा घबराहट/नर्वस महसूस होता है। वजन बढ़ाने और भूख बढ़ाने के लिए कोई स्थायी उपाय या इलाज उपलब्ध है क्या?
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आयुर्वेद अनुसार आपकी समस्या में वात वृद्धि, कमजोर पाचन अग्नि और मानसिक तनाव मुख्य कारण हो सकते हैं। नियमित उपचार, पौष्टिक आहार और दिनचर्या से भूख व वजन दोनों धीरे-धीरे स्थायी रूप से बढ़ सकते हैं। –rx 1) Ashwagandha Churna 1 चम्मच + गुनगुना दूध — सुबह व रात भोजन बाद 2) Chyawanprash 1 चम्मच — सुबह खाली पेट दूध के साथ 3) Draksharishta 15 ml + बराबर पानी — रात भोजन बाद 4) Hingwashtak Churna ½ चम्मच — पहले कौर में घी के साथ, दिन में 2 बार 5) SYP Alkacip 2 चम्मच पानी मिलाकर — भोजन के बाद दिन में 2 बार —घबराहट/नर्वसनेस के लिए 6) Saraswatarishta 15 ml + बराबर पानी — रात भोजन बाद —आहार सलाह: दूध, घी, मूंग दाल, खजूर, मुनक्का, केला, भीगे बादाम नियमित लें ज्यादा चाय-कॉफी, सूखा/फास्ट फूड और देर रात जागना बंद करें रोज हल्की तेल मालिश व अनुलोम-विलोम करें —यदि वजन लगातार घट रहा हो या बहुत कमजोरी हो तो थायरॉइड, Hb और Vitamin B12 की जांच भी करवाएं।
1. भूख बढ़ाने और अग्नि प्रदीप्त करने के उपाय (Deepana & Pachana) जब तक पेट की अग्नि सही नहीं होगी, आप जो भी भारी या पौष्टिक चीज खाएंगे, वह पचेगी नहीं और आम (Toxins) बनाएगी। ••चित्रकादि वटी (Chitrakadi Vati): भोजन करने से 10-15 मिनट पहले 1-1 गोली गुनगुने पानी के साथ चबाकर या चूसकर लें। यह भूख को तेजी से बढ़ाती है। ••अदरक और सेंधा नमक: भोजन करने से आधा घंटा पहले अदरक के एक छोटे टुकड़े पर सेंधा नमक और नींबू का रस लगाकर चबाएं। यह लार (Saliva) और पाचक रसों को सक्रिय करता है। 2. वजन बढ़ाने के लिए उत्तम आयुर्वेदिक औषधियां (Weight Gain / Brimhana) भूख खुलने के 7 से 10 दिनों बाद निम्नलिखित औषधियां शुरू करें: ••अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण: दोनों को बराबर मात्रा में मिला लें। 1 छोटा चम्मच (approx. 3-5g) सुबह और रात को भोजन के बाद गुनगुने मीठे दूध के साथ लें। अश्वगंधा मांसपेशियों को मजबूत करता है और शतावरी शरीर में कफ और रस धातु को बढ़ाती है। ••दशमूलारिष्ट (Dashmularishta): यह वात को शांत करने और भूख बढ़ाने की सर्वश्रेष्ठ टॉनिक है। भोजन के बाद 3 चम्मच (15ml) दवा में 3 चम्मच गुनगुना पानी मिलाकर सुबह-शाम लें। 3. घबराहट और नर्वसनेस को दूर करने के उपाय (Vata-Anxiolytic) वात का मुख्य स्थान मस्तिष्क और न्यूरोलॉजिकल सिस्टम भी है। जब वात बढ़ता है, तो चंचलता और डर (Anxiety) बढ़ता है। ••शंखपुष्पी या सारस्वतारिष्ट: सारस्वतारिष्ट की 2 चम्मच मात्रा को बराबर पानी के साथ दोपहर के भोजन के बाद लें। यह नसों को ताकत देता है और घबराहट को जड़ से खत्म करता है। ••शिरो-अभ्यंग और पाद-अभ्यंग: रात को सोने से पहले सिर पर और पैरों के तलवों में तिल के तेल (Sesame Oil) या बादाम रोगन से मालिश करें। वात शमन के लिए यह अचूक उपाय है, इससे गहरी नींद आएगी और सुबह घबराहट नहीं होगी। 4. आहार और जीवनशैली (Diet & Lifestyle for Vata) ••स्निग्ध और गर्म भोजन: सूखा खाना (जैसे पोहा, कड़क रोटी, बिस्कुट, नमकीन) पूरी तरह बंद कर दें। भोजन में शुद्ध गाय का घी अच्छी मात्रा में शामिल करें। घी वात को शांत करता है और वजन बढ़ाता है। •दूध और ड्राई फ्रूट्स: रात को 4-5 बादाम और 2 अंजीर पानी में भिगो दें। सुबह इन्हें पीसकर दूध में उबालकर पिएं। भोजन का समय: वात प्रकृति वालों के लिए समय पर खाना बहुत जरूरी है। दिन में 3-4 बार थोड़ा-थोड़ा, लेकिन गर्म और ताजा भोजन करें।
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