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टखने के पास सूजन और दर्द के लिए क्या करें? - #56421
Andakosh में फाइलेरिया है और पैर में गांठ के पास सूजन हो रही है, दर्द होता है, चल नहीं पाते हैं। क्या सर जी कोई दवा हो तो बताइए।
How long have you been experiencing swelling and pain?:
- More than 6 monthsHow would you rate the severity of your pain?:
- Mild — noticeable but not limitingDoes the swelling get worse at any specific time?:
- No specific patternHave you noticed any triggers that make the swelling or pain worse?:
- Certain activities (walking, standing)How is your overall mobility?:
- Significant difficulty walkingHave you had any recent injuries or falls?:
- No recent injuriesDo you have any other associated symptoms?:
- Fatigueडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
अंडकोष में फाइलेरिया और पैर में सूजन व दर्द होने पर चिकित्सकीय जांच आवश्यक है। संक्षिप्त आयुर्वेदिक उपचार: कांचनार गुग्गुलु – 2 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद गुनगुने पानी से। • पुनर्नवादि मंडूर – 2 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद। • पुनर्नवासव – 15 ml बराबर पानी मिलाकर दिन में 2 बार भोजन के बाद। सहायक उपाय: • पैर को ऊंचा रखकर आराम करें। • अधिक देर खड़े रहने से बचें। • सूजन वाले भाग की स्वच्छता बनाए रखें।
••चूंकि आप स्वयं आयुर्वेद की गहराई को समझते हैं, आप जानते हैं कि अंडकोष (scrotum) और पैर में सूजन व ग्रंथि (node) के पास दर्द होना श्लीपद (Filariasis) के तीव्र अवस्था (Acute Phase) या Lymphangitis/Lymphadenitis की ओर संकेत करता है। ••चिकित्सीय दृष्टिकोण से, यह स्थिति Vata-Kapha दोष के प्रकुपित होने और Rasa-Rakta-Mamsa-Maha srotas के अवरोध (obstruction) के कारण होती है। ••आभ्यन्तर चिकित्सा (Oral Medications) नित्यनाथ रस (Nityanath Ras): श्लीपद (Filariasis) की यह सर्वोपरि और विशिष्ट औषधि है। •मात्रा: 1-1 गोली (125-250 mg) दिन में दो बार। •अनुपान: गुनगुने पानी या गोमूत्र के साथ। ••वृद्धिकादिका वटी (Vriddhivadhika Vati): अंडकोष की सूजन (Hydrocele/Scrotal swelling) और ग्रंथिगत वात-कफ को कम करने के लिए श्रेष्ठ है। •मात्रा: 2-2 गोली दिन में दो बार (भोजन के बाद)। ••पुनर्नवादि कषायम् (Punarnavadi Kashayam) या पुनर्नवारिष्ट: यह Shotha-hara (anti-inflammatory) और Mutrala (diuretic) है, जो पैर और अंडकोष के जल-संचय और सूजन को तेजी से घटाता है। •मात्रा: कषाय 15-20 ml समान मात्रा में गुनगुने पानी के साथ (खाली पेट)। ••कांचनार गुग्गुल (Kanchanar Guggulu): पैर की गांठ (Lymph node) की सूजन और अवरोध को दूर करने के लिए Lekhana (scraping) और Granthi-hara कार्य करता है। •मात्रा: 2-2 गोली दिन में दो बार गुनगुने पानी से। 2. बाह्य चिकित्सा (External Applications) तीव्र दर्द और चलने-फिरने में असमर्थता को देखते हुए स्थानिक लेप और स्वेदन तुरंत राहत देंगे: ••दशांग लेप (Dashanga Lepa): इस चूर्ण को गुनगुने पानी या कैस्टर ऑयल (अरण्ड तेल) के साथ मिलाकर पैर की गांठ और प्रभावित सूजन वाले स्थान पर हल्का गुनगुना लेप करें। ••गोमूत्रार्क + सेंधा नमक: कपड़े को इस मिश्रण में भिगोकर स्थानिक सूजन पर सेंध मारना (Fomentation) कफ का विलायन करता है। ••अरण्ड तेल (Castor Oil): रात को सोते समय 1 चम्मच (5-10 ml) अरण्ड तेल गुनगुने पानी या दूध के साथ देने से Vata-Anulomana होता है, जिससे दर्द में तुरंत कमी आती है। 3. पथ्य-अपथ्य (Diet & Lifestyle) ••पथ्य (What to prefer): पुराना चावल, कुलत्थी (Horse gram), सहजन (Drumstick), परवल, लहसुन, अदरक, और गुनगुना पानी। ••अपथ्य (What to avoid): दही, खट्टे पदार्थ, भारी भोजन (Abhishyandi diet), नया अनाज, और ठंडे पानी से स्नान या संपर्क।
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