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गर्भाशय में सूजन और शरीर में दर्द
General Medicine
प्रश्न #47843
72 दिनों पहले
642

गर्भाशय में सूजन और शरीर में दर्द - #47843

Tej

Garbhashay mein sojan पूरे बदन में दर्द रहता है कोलेस्ट्रॉल 242 है कृपया दवा बताइए दो से तीन महीने से दवा करवा रहे/

How long have you been experiencing these symptoms?:

- More than 6 months

What treatments have you tried so far?:

- Allopathic medications

How would you describe your energy levels?:

- Moderate energy
पेड
प्रश्न बंद है

इस स्थिति के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार

55 Doctors recommend

डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं

Hlo,

आपकी जानकारी के अनुसार गर्भाशय में सूजन (uterine inflammation), पूरे शरीर में दर्द और कोलेस्ट्रॉल 242 है, और आप 2–3 महीने से एलोपैथिक दवा ले रही हैं। नीचे मैं सुरक्षित आयुर्वेदिक उपचार + आहार-विहार बता रही हूँ, जो आम तौर पर 3 महीने में लाभ देता है।

🌸 आयुर्वेदिक उपचार (3 महीने) 1️⃣ गर्भाशय की सूजन के लिए

👉 अशोकारिष्ट मात्रा: 20 ml सुबह-शाम बराबर पानी मिलाकर, भोजन के बाद

👉 लोध्रासव मात्रा: 20 ml सुबह-शाम भोजन के बाद (ये दोनों दवाएँ गर्भाशय की सूजन, भारीपन और हार्मोनल असंतुलन में सहायक हैं)

2️⃣ पूरे शरीर के दर्द व सूजन के लिए

👉 योगराज गुग्गुल मात्रा: 1 गोली सुबह + 1 शाम गुनगुने पानी से, भोजन के बाद

👉 दशमूल क्वाथ मात्रा: 20 ml सुबह खाली पेट बराबर पानी मिलाकर

3️⃣ कोलेस्ट्रॉल (242) कम करने के लिए 👉 अरजुन चूर्ण मात्रा: 1 चम्मच रात को गुनगुने पानी या छाछ के साथ

👉 त्रिफला चूर्ण मात्रा: ½ चम्मच रात को गुनगुने पानी के साथ

🥗 आहार (बहुत ज़रूरी) ✔ तली-भुनी चीजें, घी-मक्खन, बेकरी, मैदा बिल्कुल कम करें ✔ हरी सब्ज़ियाँ, लौकी, तोरी, पपीता, सेब ✔ लहसुन 1–2 कली रोज ✔ गुनगुना पानी पिएँ ❌ ठंडा, फ्रीज का खाना, ज्यादा चाय-कॉफी न लें

🧘‍♀️ जीवनशैली ✔ रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना ✔ तनाव कम करें (प्राणायाम, अनुलोम-विलोम) ✔ देर रात जागना न करें

⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी अगर अत्यधिक दर्द, बुखार, असामान्य ब्लीडिंग हो → तुरंत डॉक्टर से मिलें एलोपैथिक दवा अचानक बंद न करें, धीरे-धीरे डॉक्टर की सलाह से गर्भावस्था की संभावना हो तो पहले बताएं

Tq

12068 उत्तरित प्रश्न
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Pentacare Arjuna Churna - PentaCare
Triphala Churna - Dabur
Ashokarishta - Dhootapapeshwar
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Tab Lasuna 1-0-1 Triphala tab 1-0-1 Strirasayana vati 1-0-1 Dashamoola aristha 4 tsp-0-4 tsp with warm water

4802 उत्तरित प्रश्न
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Triphala Tablets - Dabur
Rasnadi Vati (Tablets) - Sri Sri Tattva
Lasuna Tablets - Himalaya
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1.Haridra tablets 1 tab with warm milk or water empty stomach in the morning 2.Dashmoolarishta 20 ml with 20 ml water twice daily after meals 3.Tab.Cholest Guard 2 tab twice daily with water after meals 4.Tab.Femiforte 1 tab twice daily with water after meals

🍽️ Diet & Lifestyle - Avoid: Fried foods, excess dairy, red meat, refined sugar, pickles. - Include: Moong dal khichdi, leafy greens, bitter vegetables (karela, methi), flax seeds, garlic, pomegranate.

Routine: - Morning: Warm water + lemon. - Yoga: Anulom Vilom, Bhramari pranayama, gentle stretching. - Weekly Abhyanga (oil massage) with sesame oil for pain relief.

Warm Regards DR. ANJALI SEHRAWAT

11612 उत्तरित प्रश्न
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Haridra Tablets - Himalaya
Sitaram Dasamoolarishtam - Sitaram Ayurveda
Lipistat Capsules - Dabur
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Avoid sour, oily spicy and processed foods. Regular exercise and meditation. Increase intake of raw vegetables and fruits. Sy M2 Tone 15ml twice Tab.Dashmulghan vati 2-0-2 Use boiled water for drinking. Tab.Abana 2-0-2 Follow up after 4weeks.

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Consulting the AYURVEDIC prasuti stree roga specialist

14151 उत्तरित प्रश्न
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नमस्ते, आपके बताए गए लक्षण — गर्भाशय में सूजन, शरीर में दर्द, लंबे समय से समस्या और कोलेस्ट्रॉल 242 — यह दर्शाते हैं कि शरीर में वात-पित्त असंतुलन, आम (toxins) का जमाव और रक्त संचार की कमी हो सकती है। आयुर्वेद में इसका समग्र उपचार संभव है। 🩺 आयुर्वेदिक औषधि (2–3 माह नियमित लें) ✅ M2-Tone Syrup ➡️ 2 चम्मच दिन में 2 बार, भोजन के बाद ✅ अशोकारिष्ट ➡️ 15 ml दिन में 2 बार, बराबर मात्रा में पानी मिलाकर ✅ दशमूल क्वाथ ➡️ 15 ml दिन में 1 बार, सुबह खाली पेट ✅ अर्जुन टैबलेट ➡️ 1 टैबलेट दिन में 2 बार (हृदय व कोलेस्ट्रॉल संतुलन के लिए) ✅ गार्लिक पर्ल्स ➡️ 1 कैप्सूल दिन में 2 बार (कोलेस्ट्रॉल और सूजन कम करने में सहायक) 🧘‍♀️ योग व प्राणायाम (रोज़ 20–25 मिनट) ✔️ भुजंगासन ✔️ पवनमुक्तासन ✔️ सेतुबंधासन ✔️ अनुलोम-विलोम – 10 मिनट ✔️ भ्रामरी प्राणायाम – 5–7 राउंड 👉 ये आसन गर्भाशय की सूजन, दर्द और हार्मोन असंतुलन में बहुत लाभकारी हैं। 🥗 आहार व जीवनशैली सुझाव ✔️ हल्का, सुपाच्य भोजन लें ✔️ हरी सब्ज़ियाँ, लौकी, तोरी, चुकंदर शामिल करें ✔️ गुनगुना पानी दिन भर पिएँ ✔️ तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और बाहर का खाना कम करें ✔️ रात का भोजन हल्का व जल्दी करें ✔️ रोज़ 7–8 घंटे की नींद ज़रूरी 🚫 मैदा, अधिक तेल, फास्ट फूड और ठंडे पेय से परहेज़ करें

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नमस्ते मैं पूरी तरह समझता हूँ कि आप क्यों चिंतित हैं। गर्भाशय में सूजन, लगातार शरीर में दर्द, और हाई कोलेस्ट्रॉल, ये सभी मिलकर एक गहरी समस्या की ओर इशारा करते हैं, खासकर जब से यह छह महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है और एलोपैथिक दवाओं से भी ठीक नहीं हुआ है।

आपकी चिंताएँ

– गर्भाशय में सूजन – पूरे शरीर में दर्द – हाई कोलेस्ट्रॉल (242) – 6 ​​महीने से ज़्यादा समय से लक्षण – पहले से एलोपैथिक दवाएँ ले रहे हैं – एनर्जी ठीक है, बहुत कम नहीं है

आपकी मुख्य चिंताएँ हैं

– सूजन और दर्द क्यों नहीं जा रहा है – कोलेस्ट्रॉल को प्राकृतिक रूप से कैसे कम करें – क्या आयुर्वेद स्थायी रूप से मदद कर सकता है

आयुर्वेदिक समझ

आयुर्वेद के अनुसार, यह मुख्य रूप से इन कारणों से होता है:

1. कफ-वात असंतुलन: * कफ सूजन, भारीपन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। * वात शरीर में दर्द, अकड़न और लगातार बेचैनी पैदा करता है।

2. आम (टॉक्सिन) का जमाव: * यह तब होता है जब पाचन कमजोर होता है। * इससे सूजन, दर्द और रुकावटें होती हैं।

3. मेद धातु की समस्या: * इससे हाई कोलेस्ट्रॉल होता है। * यह गर्भाशय और जोड़ों को प्रभावित करता है।

4. अपान वात का असंतुलित होना: * इससे गर्भाशय संबंधी समस्याएँ होती हैं जैसे सूजन, दर्द और भारीपन।

आसान शब्दों में खराब पाचन + टॉक्सिन + कफ-वात असंतुलन = गर्भाशय में सूजन, दर्द और हाई कोलेस्ट्रॉल।

आयुर्वेदिक उपचार योजना

आंतरिक दवाएँ

1. कांचनार गुग्गुलु: 1 टैबलेट, दिन में दो बार खाने के बाद। * गर्भाशय की सूजन में मदद करता है। * फाइब्रॉइड और सूजन के लिए अच्छा है। * अतिरिक्त कफ और मेद को साफ करता है।

2. चंद्रप्रभा वटी: 1 टैबलेट, दिन में दो बार खाने के बाद। * गर्भाशय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। * दर्द और सूजन को कम करता है। * अपान वात को संतुलित करता है।

3. त्रिफला गुग्गुलु: 1 टैबलेट, दिन में दो बार खाने के बाद। * कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। * शरीर को साफ करता है। * सूजन कम करता है।

4. दशमूलारिष्ट 20 मिली, दिन में दो बार खाने के बाद। * शरीर के दर्द के लिए बहुत अच्छा है। * सूजन और जलन को कम करता है। डाइट प्लान

✅ शामिल करें

* गर्म, हल्का खाना * मूंग दाल * सब्जियों का सूप * लौकी, तोरी, करेला जैसी सब्जियां * भुने हुए जीरे के साथ छाछ * लहसुन (अगर आप इसे पचा सकें)

❌ इनसे बचें

* तला हुआ खाना * बेकरी का सामान * ज़्यादा तेल और घी * ठंडा खाना और ड्रिंक्स * रात में दही * चीनी और जंक फूड

लाइफ़स्टाइल टिप्स:

* हर सुबह 30 मिनट चलें। * ज़्यादा देर तक न बैठें। * कुछ हल्की स्ट्रेचिंग या योग करें। * रात 11 बजे तक सो जाएं। * तनाव कम करें (यह बहुत ज़रूरी है!)।

पंचकर्म (अगर आप कर सकें):

* विरेचन: कफ-पित्त की समस्याओं के लिए सबसे अच्छा। कोलेस्ट्रॉल और सूजन में मदद करता है। * बस्ती थेरेपी: गर्भाशय की समस्याओं और शरीर के दर्द के लिए बहुत अच्छी। अपान वात को ठीक करती है। * (ये केवल आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में ही किए जाने चाहिए)

ज़रूरी बात

* अपनी एलोपैथिक दवाएं एकदम से बंद न करें। * आयुर्वेद सबसे अच्छा तब काम करता है जब आप बाकी चीज़ों पर भी ध्यान देते हैं। * 3 महीने बाद एक और अल्ट्रासाउंड और लिपिड प्रोफाइल करवाएं।

आपकी समस्या लंबे समय की है लेकिन निश्चित रूप से ठीक हो सकती है। आयुर्वेद सिर्फ़ लक्षणों को छिपाने के बजाय सूजन कम करने, शरीर को साफ़ करने, कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने और पाचन को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।

अगर आप डाइट, लाइफ़स्टाइल और दवाओं का पालन करते हैं, तो आपको कुछ महीनों में साफ़ सुधार दिखेगा।

शुभकामनाएं डॉ. स्नेहल विधाते

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दवाइयाँ कुमारी आसव – 20 ml + 20 ml गरम पानी लंच & डिनर के बाद कांचनार गुग्गुलु – 2 गोली सुबह + 2 गोली रात खाने के बाद पुनर्नवादी मंडूर – 250 mg सुबह + रात खाने के बाद योगराज गुग्गुलु – 2 गोली सुबह + 2 गोली रात खाने के बाद अश्वगंधा लेह्य – 10 gm रात गरम दूध से

तेल (रोज लगाएं) गरम महारास्नादी तेल – पूरे शरीर पर हल्की मालिश रात को → गर्म पानी की थैली 10 मिनट

डाइट – जरूर फॉलो करें दें रोज: मूंग खिचड़ी + घी, अनार, नारियल पानी, पतली छाछ + भुना जीरा बंद करें: तला-भुना, मसालेदार/खट्टा, ज्यादा नमक, चाय-कॉफी 4 बजे के बाद

लाइफस्टाइल हल्की वॉक 20–30 मिनट रोज वज्रासन भोजन के बाद 10 मिनट नींद 10 PM – 6 AM सख्त

डॉ. गुरसिमरन जीत सिंह एम.डी. पंचकर्म

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HELLO,

The uterus is a very sensitive organ that is influenced by -hormones -digestion -stress -circulation of blood and nutrients

When digestion becomes weak and toxins start accumulating in the body, they disturb the normal balance of Vata and kapha dosha

WHAT HAPPENS INSIDE THE BODY? -Kapha dosha causes swelling, heaviness and growth -Vata dosha causes pain, stiffness, pulling sensation, and irregularity -Ama (toxins) block normal channels and worsens inflammation

Because of this -the uterus becomes congested or swollen -blood circulation to the pelvic organs reduces -pain appears not only in the lower abdomen but also as general body pain, backache, fatigue, or heaviness

This condition is commonly seen in -Fibroids -Adenomyosis -chronic uterine inflammation -hormonal imbalance -long standing digestive weakness

TREATMENT GOALS -remove toxins -improve digestion -reduce uterine swelling and congestion -balance vata and kapha dosha -relieve pain and stiffness -improve uterine strength and hormonal balance -prevent recurrence

INTERNAL MEDICATIONS

1) KANCHANAR GUGGULU= 2 tabs twice daily after meals with warm water for 3 months = reduces uterine swelling, helps in fibroids, cysts, glandular enlargement, clears kapha accumulation

2) PUNARNAVA MANDURA= 2 tabs twice daily after meals for 4 months =reduces inflammation and fluid retention, improves circulation, helps weakness and heaviness

3) YOGARAJ GUGGULU= 2 tabs twice daily after meals for 3 months =excellent for body pain, stiffness, vata imbalance, improves joint and muscle pain, helps chronic pelvic pain

4) ASHOKARISHTA= 20 ml with equal water twice daily after meals for 3 months =stengthens uterus, reduces congestion and pain, helps hormonal regulation

5) TRIPHALA CHURNA= 1 tsp at night with warm water =removes toxins, improves bowel movement, reduces inflammation

6) SHATAVARI CHURNA= 1/2 tsp with warm milk at night for 2 months =nourishes reproductive tissues, supports hormonal balance

EXTERNAL THERAPIES

1) OIL MASSAGE = DASHMOOLA TAILA -gentle full body massage -especially lower abdomen, back and legs -3-4 times per week = reduces vata, relieves body pain, improves circulation

2) HOT WATER FOMENTATION -after oil massage -use warm water bottle or steam =helps reduce uterine congestion and pain

DIET -warm, freshly cooked meals -moong dal, rice , wheat -vegetable soups -cooked vegetales= bottle gourd, ridge gourd, pumpkin -small amounts of ginger, cumin, turmeric

AVOID COMPLETELY -cold food and drinks -ice cream, bakery items -cheese, panner, excess curd -fried, oily, junk food -refined sugar

LIFESTYLE CHANGES -avoid late nights -avoid long sitting -reduce mental stress -gentle daily walking 20-30 min -keep lower abdomen warm

YOGA ASANAS -baddha konasana -supta baddha konasana -viparita karani -setu bandhasana

PRANAYAM -Anulom Vilom= 10 min -Bhramari= 5 rounds -Deep abdominal breathing

HOME REMEDIES -warm water throughout the day -turmeric milk at night pinch of turmeric -ginger-cumin tea once daily -castor oil pack on lower abdomen once weekly

DURATION OF TREATMENT AND EXPECTATIONS -Improvement starts in 4-6 weeks -Sweeling reduction takes 3-6 months -Consistency is key

This condition is manageable with Ayurveda, but it requires -regular medicine -proper diet -lifestyle correction -pateince Ayurveda treats the root cause, not just symptoms. Do not stop medicines abruptly , and always keep follow up

DO FOLLOW

HOPE THIS MIGHT BE HELPFUL

THANK YOU

DR. MAITRI ACHARYA

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हेलो,

यूट्रस एक बहुत सेंसिटिव अंग है जिस पर इन चीज़ों का असर होता है -हॉर्मोन -डाइजेशन -स्ट्रेस -ब्लड सर्कुलेशन और न्यूट्रिएंट्स

जब डाइजेशन कमजोर हो जाता है और शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, तो वे वात और कफ दोष के नॉर्मल बैलेंस को बिगाड़ देते हैं

शरीर के अंदर क्या होता है? -कफ दोष से सूजन, भारीपन और ग्रोथ होती है -वात दोष से दर्द, अकड़न, खिंचाव और अनियमितता होती है -अमा (टॉक्सिन) नॉर्मल चैनल को ब्लॉक कर देते हैं और सूजन को और खराब कर देते हैं

इस वजह से -यूट्रस कंजस्टेड या सूज जाता है -पेल्विक अंगों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है -दर्द सिर्फ पेट के निचले हिस्से में ही नहीं बल्कि पूरे शरीर में दर्द, पीठ दर्द, थकान या भारीपन के रूप में भी होता है

यह कंडीशन आमतौर पर इनमें देखी जाती है -फाइब्रॉएड -एडेनोमायसिस -क्रोनिक यूट्रस इन्फ्लेमेशन -हार्मोनल इम्बैलेंस -लंबे समय से पाचन संबंधी कमजोरी

ट्रीटमेंट गोल -टॉक्सिन निकालना -पाचन में सुधार -यूट्रस की सूजन और कंजेशन कम करना -वात और कफ दोष को बैलेंस करना -दर्द और अकड़न से राहत -यूट्रस की ताकत और हार्मोनल बैलेंस में सुधार -दोबारा होने से रोकना

इंटरनल मेडिकेशन

1) कांचनार गुग्गुल = 2 टैब दिन में दो बार खाना खाने के बाद 3 मिनट तक गर्म पानी के साथ महीने = यूटेरस की सूजन कम करता है, फाइब्रॉएड, सिस्ट, ग्लैंडुलर एनलार्जमेंट में मदद करता है, कफ जमा होने को साफ करता है

2) पुनर्नवा मंडुरा= 4 महीने तक खाना खाने के बाद दिन में दो बार 2 टैब =सूजन और फ्लूइड रिटेंशन कम करता है, सर्कुलेशन बेहतर करता है, कमजोरी और भारीपन में मदद करता है

3) योगराज गुग्गुल= 3 महीने तक खाना खाने के बाद दिन में दो बार 2 टैब =शरीर दर्द, अकड़न, वात इम्बैलेंस के लिए बहुत अच्छा, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में सुधार, पुराने पेल्विक दर्द में मदद करता है

4) अशोकारिष्ट= 3 महीने तक खाना खाने के बाद दिन में दो बार बराबर पानी के साथ 20 ml =यूटेरस को मजबूत करता है, कंजेशन और दर्द कम करता है, हार्मोनल रेगुलेशन में मदद करता है

5) त्रिफला चूर्ण= रात में 1 tsp गर्म पानी के साथ =टॉक्सिन निकालता है, बाउल मूवमेंट बेहतर करता है, सूजन कम करता है

6) शतावरी चूर्ण= 2 महीने तक रात में 1/2 tsp गर्म दूध के साथ =रिप्रोडक्टिव टिशू को पोषण देता है, हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट करता है

एक्सटर्नल थेरेपी

1) ऑयल मसाज = दशमूल तेल -पूरे शरीर की हल्की मसाज -खासकर पेट के निचले हिस्से, पीठ और पैरों की -हफ्ते में 3-4 बार =वात कम करता है, शरीर का दर्द कम करता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है

2) गर्म पानी से सिंकाई -तेल मसाज के बाद -गर्म पानी की बोतल या स्टीम का इस्तेमाल करें =यूटेराइन कंजेशन और दर्द को कम करने में मदद करता है

डाइट -गर्म, ताज़ा पका हुआ खाना -मूंग दाल, चावल, गेहूं -सब्जी का सूप -पकी हुई सब्जियां = लौकी, तुरई, कद्दू -थोड़ी मात्रा में अदरक, जीरा, हल्दी

पूरी तरह से बचें -ठंडी खाने की चीजें और ड्रिंक्स -आइसक्रीम, बेकरी आइटम -चीज़, पनीर, ज़्यादा दही -तला हुआ, ऑयली, जंक फूड -रिफाइंड चीनी

लाइफस्टाइल में बदलाव -देर रात तक जागने से बचें -लंबे समय तक बैठने से बचें -मानसिक तनाव कम करता है -रोज़ हल्की वॉक करें 20-30 मिनट -पेट के निचले हिस्से को गर्म रखें

योग आसन -बद्ध कोणासन -सुप्तबद्ध कोणासन -विपरीत करणी -यह बंधासन

प्राणायाम -अनुलोम विलोम = 10 मिनट -भ्रामरी = 5 राउंड -पेट की गहरी सांस

घरेलू नुस्खे -दिन भर गर्म पानी -रात में हल्दी वाला दूध, चुटकी भर हल्दी -दिन में एक बार अदरक-जीरे की चाय -हफ्ते में एक बार पेट के निचले हिस्से पर कैस्टर ऑयल पैक

इलाज का समय और उम्मीदें -4-6 हफ्तों में सुधार शुरू होता है -स्वीमिंग कम होने में 3-6 महीने लगते हैं -लगातार करना ज़रूरी है

यह कंडीशन आयुर्वेद से मैनेज की जा सकती है, लेकिन इसके लिए ज़रूरी है -रेगुलर दवाएं -सही डाइट -लाइफस्टाइल में सुधार -धैर्य आयुर्वेद सिर्फ लक्षणों का नहीं, बल्कि असली वजह का इलाज करता है। दवाइयां अचानक बंद न करें, और हमेशा फॉलो-अप करते रहें

फॉलो करें

उम्मीद है यह मददगार होगा

धन्यवाद

डॉ. मैत्री आचार्य

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Start with Kanchanar guggul 1-0-1 after food with water Tablet M2TONE 1-0-1 after food with water. Triphala guggul 1-0-1 after food with water Tablet Liv-52 1-0-1 after food with water Do pranayam lom -vilom bhastrika bhamri 5-10mins twice daily.

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Levi
20 घंटे पहले
Super relieved after your response! You made things alot clearer for me. Grateful for the guidance and support! 😊
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Grace
20 घंटे पहले
Really appreciate the clear guidance! Helped me feel more confident about what’s best for my baby’s recovery. Thanks a ton!
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Alexander
21 घंटे पहले
Thanks so much for the detailed answer! Really appreciate the clear advice, especially on how to keep the treatment simple and safe for my daughter.
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Madison
21 घंटे पहले
Really appreciate your advice! The explanation was clear and touched on everything I asked. Feeling more reassured now about the steps forward. Thanks!
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