मेरी 9 साल की बेटी के पेट दर्द और कभी-कभी होने वाली कब्ज के लिए कौन सा आयुर्वेदिक इलाज मदद कर सकता है? - #54347
9 साल की लड़की जिसके पेट में दर्द रहता है। अल्ट्रासाउंड भी करवा लिया, सब कुछ नॉर्मल है। उसको पेट का इन्फेक्शन और यूरिन इंफेक्शन बताया है।इससे पहले एक बार और अल्ट्रासाउंड भी करवाया था, जिसमें थोड़ी सी सुजन बताई गई थी। उसको कभी कभी कब्ज भी हो जाती है। इसके लिए आयुर्वेदिक इलाज बताएं कौन सी दवा लेनी है और किस कंपनी की लेनी है, लेने का तरीका, कितनी बार लेनी है और कितने समय तक यह आयुर्वेदिक इलाज चलेगा, कृपा सब बातें बताएं। परहेज और डाइट प्लान भी बताएं।
How long has your daughter been experiencing stomach pain?:
- More than 6 monthsHow would you describe the intensity of her stomach pain?:
- Moderate — affects daily activitiesDoes she have any other symptoms along with stomach pain?:
- Nausea or vomitingHow often does she experience constipation?:
- OccasionallyWhat does her diet typically include?:
- Low in fiber (processed foods)Has she had any previous treatments for these issues?:
- Over-the-counter medicationHow is her overall energy level and activity?:
- Moderately activeडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या पेट की अग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर होने और कब्ज की वजह से है, जिससे गैस और दर्द हो रहा है। साथ में शरीर में हल्का संक्रमण (UTI) भी है। इलाज में पाचन सुधारना, कब्ज ठीक करना और हल्का संक्रमण खत्म करना जरूरी है। इसके लिए हल्की आयुर्वेदिक दवाएं, सही डाइट और दिनचर्या अपनानी होगी। लगभग 1–2 महीने में सुधार आ जाएगा। –Medicines 1) Aimil Neeri Syrup Dose: 5 ml Time: Twice daily after food 2) Aimil Lukol Syrup Dose: 5 ml Time: Twice daily after food 3) Aimil Gasex Tablets Dose: ½ tablet Time: Twice daily after food 4) draksharishta 5ml at night with equal amount of water —Pathya Light diet: Khichdi, moong dal, soft vegetables Fruits: Papaya, apple Lukewarm water, adequate fluids — Apathya Junk food, bakery, maida Cold drinks, spicy/fried food Urine suppression ----- Duration-4 weeks Review after 15 days
आपकी बेटी के लक्षण (पेट दर्द, कभी-कभी कब्ज, इंफेक्शन हिस्ट्री) आयुर्वेद अनुसार अग्नि कमजोरी + वात दोष वृद्धि की तरफ संकेत करते हैं। इसका उपचार पाचन सुधारना, आंतों को साफ रखना और इन्फेक्शन कम करना है। 1. सिरप / टॉनिक (पाचन सुधार के लिए) द्राक्षासव 5–10 ml + बराबर पानी, दिन में 2 बार खाना खाने के बाद 2. कब्ज के लिए (माइल्ड) गंधर्व हरितकी चूर्ण 1/4 चम्मच रात को गुनगुने पानी से (जरूरत के अनुसार) 3. पेट दर्द व गैस के लिए बाल चतुरभद्र चूर्ण 125–250 mg शहद के साथ, दिन में 2 बार 4. इन्फेक्शन सपोर्ट गिलोय सत्व 125 mg दिन में 2 बार गुनगुने पानी से 4–6 सप्ताह, फिर सुधार अनुसार जारी/बंद करें। डाइट व परहेज क्या दें हल्का, ताजा भोजन (दलिया, मूंग दाल, खिचड़ी) फाइबर बढ़ाएं: फल (पपीता, सेब), हरी सब्जियां गुनगुना पानी, दिन में 6–7 गिलास सुबह खाली पेट 1 चम्मच शहद + गुनगुना पानी क्या न दें जंक फूड, मैदा, पैकेज्ड फूड ज्यादा तला-भुना, ठंडी चीजें (कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम) ज्यादा मसालेदार खाना दिनचर्या रोज 20–30 मिनट हल्की एक्टिविटी/खेल सुबह उठकर गुनगुना पानी टॉयलेट की आदत नियमित बनाएं
हमारे डॉक्टरों के बारे में
हमारी सेवा पर केवल योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर ही परामर्श देते हैं, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अन्य चिकित्सा अभ्यास प्रमाणपत्रों की उपलब्धता की पुष्टि की है। आप डॉक्टर के प्रोफाइल में योग्यता की पुष्टि देख सकते हैं।