15 साल से इस समस्या से जूझने के बाद मैं शीघ्रपतन के लिए क्या कर सकता हूँ? - #56020
Mera ek 43 Hai Mera sexual problem hai 15 sal se mera bahut jaldi gir jata Hai Mera timing bahut hi Shubh hai aur ek bar sex karta hun to dobara sex karne ki ichcha nahin karti hai main is health issue se bahut dikkat hai mera 1 minut bhi nahin rukta Hai
How long does the issue of premature ejaculation last?:
- Less than 1 minuteHave you noticed any specific triggers that lead to this problem?:
- No clear triggersHow would you describe your overall sexual health?:
- Low libido or interestDo you experience any other symptoms along with this issue?:
- No other symptomsHave you tried any treatments or remedies for this condition before?:
- Home remedies or lifestyle changesHow is your diet and lifestyle?:
- Balanced and healthyHow do you feel emotionally about this issue?:
- Calm and acceptingडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
आपके स्वास्थ्य, उम्र (43 वर्ष) और वजन (75 किलो, जो आपकी लंबाई 5.3 फीट के हिसाब से थोड़ा ज्यादा है) को ध्यान में रखते हुए, यहाँ एक संपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा और जीवनशैली योजना दी जा रही है: 1. प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियाँ (Ayurvedic Medicines) ये औषधियाँ वात दोष को शांत करेंगी, शुक्र धातु को गाढ़ा और मजबूत बनाएँगी, और आपकी खोई हुई शारीरिक शक्ति को वापस लाएँगी। ••वानरी कल्प (Vanari Kalpa): यह केवांच (Kaunch Beej) से तैयार एक बेहतरीन कल्प है। खुराक: 1 चम्मच (लगभग 5 ग्राम) सुबह और रात को भोजन के बाद हल्के गुनगुने दूध के साथ लें। यह दोबारा संबंध बनाने की इच्छा (Libido) को जगाता है और नसों को ताकत देता है। ••शिलाजित्वादि वटी या चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati): खुराक: 2-2 गोली सुबह और शाम को गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। यह वीर्य के जल्दी गिरने की समस्या को नियंत्रित करने और वजन को संतुलित रखने में मदद करती है। ••अश्वगंधादि चूर्ण या मकरध्वज वटी: खुराक: यदि थकान और कमजोरी बहुत ज्यादा है, तो किसी अच्छे ब्रांड की सिद्ध मकरध्वज वटी (1 गोली रोज रात को दूध के साथ) या अश्वगंधा चूर्ण (आधा चम्मच रात को) लें। यह मानसिक तनाव को कम करेगी और स्टैमिना बढ़ाएगी। 2. आहार में बदलाव (Dietary Recommendations) आयुर्वेद में आहार को ही सबसे बड़ी औषधि माना गया है। शुक्र धातु को पोषण देने के लिए आपको अपने भोजन में सुधार करना होगा: ••क्या खाएं (Dos): रात को बादाम और छुआरे पानी में भिगो दें। सुबह इनका छिलका निकालकर पीस लें और दूध में उबालकर पिएं। भोजन में गाय का शुद्ध घी, दूध, शतावरी, सफेद मूसली, और कद्दू के बीज (Pumpkin seeds) शामिल करें। खजूर और अंजीर का सेवन शारीरिक कमजोरी को तुरंत दूर करता है। ••क्या न खाएं (Don’ts): अत्यधिक खट्टा, तीखा, मिर्च-मसालेदार और फास्ट फूड पूरी तरह बंद कर दें। ये शरीर में ‘पित्त’ और ‘वात’ बढ़ाकर वीर्य को पतला करते हैं, जिससे शीघ्रपतन की समस्या बढ़ती है। चाय, कॉफी या तंबाकू/धूम्रपान का सेवन कम से कम करें। 3. वाजीकरण और पंचकर्म थेरेपी (Therapies) चूँकि समस्या 15 साल पुरानी है, इसलिए केवल दवाइयों से ज्यादा फायदा नहीं होगा। आपको शरीर की नसों को बाहर से भी ताकत देनी होगी: ••बाध्य तेल मालिश (Abhyanga): रात को सोने से पहले पैरों के तलवों पर और नाभि के निचले हिस्से (पेड़ू) पर ‘अश्वगंधा बला लक्ष्ादि तेल’ या ‘महानारायण तेल’ से हल्के हाथों से मालिश करें। यह वात दोष को शांत करता है। मानसिक और शारीरिक व्यायाम (Vajraoli & Yoga) जल्दी स्खलन होना अक्सर कमजोर पेल्विक मांसपेशियों (Pelvic muscles) और मानसिक घबराहट के कारण होता है। ••अश्विनी मुद्रा (Kegel Exercises): जैसे आप पेशाब को बीच में रोकते हैं, वैसे ही अपने गुदा मार्ग और लिंग की मांसपेशियों को ऊपर की तरफ खींचें (सिकोड़ें), 5 सेकंड रोकें और फिर ढीला छोड़ें। ऐसा दिन में 20 से 30 बार कभी भी बैठकर करें। यह 1 मिनट के समय को बढ़ाने में सबसे ज्यादा मददगार है। ••प्राणायाम: रोज सुबह 15 मिनट अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करें। इससे दिमाग शांत होगा और परफॉर्मेंस एंग्जायटी (डर या घबराहट) दूर होगी।
ye normal hai; ek baar karke second time phir se karna sirf pura bajikaran se hi ho sakta hai. 43 age koi badi baat nahi hai; ayurvedic bajikaran se pehle andar ka swashya thik kar lena hai, phir aswaghandha aur anya aushad kaam karengi.
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