Masterbation से उत्पन्न हुई परेशानियाँ आपके शरीर में dosha असंतुलन, विशेषकर vata और पित्त dosha से संबंधित हो सकती हैं। पूरी तरह से ध्यान देने के लिए, और स्थिरता हासिल करने के लिए, अब समय आ गया है कि आप कुछ विशिष्ट तरीकों को अपनाएं। एक प्रभावशाली treatment शुरू करने के लिए diet का संतुलन बेहद ज़रूरी है। अपने आहार में वात और पित्त को सन्तुलित करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। दूध, घी, वंशलोचन (bamboo silica) और अश्वगंधा जैसी चीज़ें अपने रोज़ाना के खाने में शामिल करें।
व्यायाम से भी निश्चित रूप से आपको लाभ होगा, लेकिन थकावट से बचें। सहज और हल्के आसनों का अभ्यास करें, जैसे भुजंगासन और शवासन। ध्यान और प्राणायाम आपकी mental strenght को पुनर्स्थापित करने में सहायता करता है। रोज़ाना 10-15 मिनट अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करें।
संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को स्थिर बनाने के लिए आपके digestive system का ठीक रहना भी आवश्यक है। वात और पित्त के संतुलन के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन रात में हल्के गुनगुने पानी के साथ करें। इससे आपका agni बेहतर होगा और dhatu पोषण में मदद मिलेगी।
Herbal supplements जैसे शिलाजीत और सफेद मूसली आपकी संरचना को मज़बूत बनाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी siddha-vaidy की सलाह के बाद ही लेना सुनिश्चित करें। यदि असंतुलन गंभीर हो रहा है या ठीक नहीं हो रहा है, तो एक certified Ayurvedic चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है। इससे सही स्थिति का उचित मूल्यांकन और tailored treatment प्राप्त हो सकेगा।