Seeking Help for Chronic Pancreatitis and Weight Loss - #45957
२०२२ से डायबिटीज का पता चला और जब से वजन 75kg से अब 49 हो गया है। कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन सही उपचार कहीं से भी नहीं मिला। कुछ दिन पहले किसी डॉक्टर ने बताया कि मुझे टाइप 2 नहीं बल्कि टाइप 1 डायबिटीज है। 2017 में मुझे पैंक्रिटाइटिस भी हुआ था लेकिन कुछ महीने बाद मैं स्वस्थ भी गया था लेकिन 2022 के बाद वजन घटता चला गया और 15–20 दिन पहले ड्रिंक कर लिया था तो तब से पेट में दिक्कत चल रही है। लूज और तेलीय लैट्रिन हो रही है और पेट में दर्द बना रहता है। खाने के बाद फिर जाना पड़ता है। अल्ट्रासाउंड करवाया तो Chronic Calcification Pancreatitis (मतलब अग्नाश्य में कैल्शियम जमा है) निकला है । कुछ बताएं🙏🏻जिससे अग्नाश्य ठीक हो सके🙏🙏🙏
How long have you been experiencing digestive issues?:
- 1-4 weeksWhat is your typical diet like?:
- Balanced dietHave you noticed any specific triggers for your symptoms?:
- Alcohol consumptionDoctor-recommended remedies for this condition
Doctors' responses
आपकी परिस्थिति को देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि आप तुरंत एक अच्छे गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से संपर्क करें, क्योंकि आपकी समस्या गंभीर हो सकती है और अलोपैथिक देखरेख की आवश्यकता है। हालांकि, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, कुछ उपाय आपको आपके पाचन प्रणाली को समर्थन देने में मदद कर सकते हैं। ध्यान दें कि यह केवल सहायक सुझाव हैं और आपको अपने डॉक्टर की सलाह के साथ ही इसे अपनाना चाहिए।
1. आहार और जीवनशैली में सुधारः - अधिक तरल पदार्थ लें, जैसे कि गर्म पानी, ताकि शरीर में कैल्शियम का जमाव न हो। - मसालेदार, तली हुई और भारी खाने से बचें। रुचिवर्धक और हल्का भोजन लें जैसे बासमती चावल और मूंग दाल। - ज्यादा मात्रा में खाना एक बार में न खाएं। छोटे-छोटे मात्रा में नियमित अंतराल पर खाएं।
2. हर्बल सपोर्ट: - आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जैसे कि कुटकी, विशाला, और पिठ्या अग्नाशय की स्वास्थ्य में सुधार कर सकती हैं। व्यक्तिगत अनुशासन समझते हुए इन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही लें।
3. योग और प्राणायाम: - योगासन जैसे कि पवनमुक्तासन और भुजंगासन पेट की समस्याओं में लाभकारी हो सकते हैं। प्राणायाम करने से पाचन सुधरता है और मानसिक तनाव कम होता है।
4. पंचकर्म: - आयुर्वेदिक पंचकर्म आपके लिए लाभकारी हो सकता है यदि एक प्रमाणित चिकित्सक द्वारा किया जाए। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने और बेहतर करने के लिए अच्छा उपाय हो सकता है।
याद रहें कि आपके लक्षण गंभीर है और आपके द्वारा चयनित किसी भी उपचार पद्धति को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से चर्चा अवश्य करें।
आपकी स्थिति को देखते हुए, chronic pancreatitis के लिए सुरक्षा और उचित उपचार महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले, यह सलाह देना उचित है कि आप एक गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट से परामर्श लें क्योंकि chronic pancreatitis और अत्यधिक वजन घटाव गंभीर हो सकते हैं, जिन्हें पेशेवर चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है।
आयुर्वेद में, अग्नाश्य की समस्या मुख्य रूप से वायु और पित्त दोष के असंतुलन से जुड़ी होती है। यहाँ कुछ सुझाव हैं जो आपके स्थिति में सहायक हो सकते हैं:
1. आहार में परिवर्तन: आपके खाने में तेल और घी की मात्रा को कम करें। हल्के और सुपाच्य आहार करें जैसे खिचड़ी और मूंग दाल। मिर्च और मसालेदार खाने से बचें जो पित्त को बढ़ा सकते हैं।
2. जड़ी-बूटियों का उपयोग: कुटकी (Picrorhiza kurroa) और पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) का सेवन करें, ये जड़ी-बूटियाँ अग्निशामक के साथ यकृत को भी सहारा दे सकती हैं। सुबह खाली पेट 1 चमच पुनर्नवा के काढ़े का सेवन करें।
3. त्रिफला: दिन में दो बार त्रिफला चूर्ण का सेवन करें यह पाचन में सहायता कर सकता है और आँतों की सफाई में मदद कर सकता है।
4. योग और प्राणायाम: नियमित रूप से प्राणायाम करें जो वायु दोष को संतुलित कर सकता है। वज्रासन और पवनमुक्तासन जैसे आसन भी फायदेमंद हो सकते हैं।
5. तरल पदार्थ: हाइड्रेटेड रहें और तरल पदार्थों का सेवन बाध्य करें, जैसे नारियल पानी और बेल का शरबत।
आपको जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की भी आवश्यकता होगी। यह सुनिश्चित करें कि आप डॉक्टर की निगरानी में रहकर ही किसी भी घरेलू उपचार का अनुसरण करें। किसी भी नए उपचार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर को अवश्य सूचित करें।
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