How to treat eczema and skin issues with Ayurveda for a 35-year-old male with sweating and dryness problems? - #56041
मैं पुरुष आयु 35 साल का हूं। शरीर की प्रकृति मुझे नहीं पता है। लक्षणों के आधार पर मेरा शरीर ऐसा रहता है:- गर्मी और बारिश के मौसम में:- शरीर में ज्यादा पसीना आना, चेहरा ऑयली होना, चेहरे का रंग काला या टैन होना, गर्मी ज्यादा लगना, शरीर में गर्मी और जलन (एसिडिटी) रहना, मुंह सूखा रहना। सर्दी के मौसम में:- रूखी त्वचा होना, चेहरा का रंग काला होना(असमान रंगत) मुख्य समस्या त्वचा में एक्जिमा की है। फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण आदि त्वचा बीमारी होती रहती है। कई बार एक्जिमा की समस्या हो गई है। शुरूआत में तो पता ही नहीं था कि एक्जिमा नाम की कोई त्वाचा बीमार होती है। आखिरी बार 2024 में हुआ था। जिसमें दोनों पैर के तलवो में छोटी बिंदी जैसे लाल दाने हुए थे, कुछ दिन बाद उसमें पस पानी चलना शुरू हो गया था। त्वचा विशेषज्ञ से इलाज करवाया गया था। उसके द्वार दी गई दवाइयाँ इस प्रकार थी। 1. टेबलेट ओम्नाकोर्टिल 2. टेबलेट साइरा डी 3. टैबलेट ईबास्ट 4. टैबलेट लोरैक्ट 5. क्रीम हेलोवेट-एफ अभी मई 2026 में दाएँ पैर के टखने के ऊपर एक्जिमा हुआ है (जैसा कि एलोपैथिक डॉक्टर ने बताया है)। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा प्रकार है:- 1. टैबलेट लेवोसेटिरिज़िन 5एमजी 2. क्रीम क्लोबेटासोल और जेंटामाइसिन 3. साबुन डर्माप्राइम (एलोवेरा+विटामिन ई) एक्जिमा इस प्रकार है:- सबसे भीतरी जगह परत में मवाद यानि खून+पानी आ रहा है। उससे बाहर वाली परत लाल है, सुजन है, लालिमा है। सबसे बाहर वाली परत में छोटी बिंदी जैसे लाल निशान है जो आगे तक फैले हुए हैं। इन सब लेयर को सर्कल टाइप मान सकते हैं। खुजली खारिश जलन होती है। एलोपैथिक डॉक्टर ने कोई खास परहेज के लिए नहीं बोला। नारियल तेल लगाने को बोला है। मगर किस कंपनी का लेना है, इस उलझन में हूं। किस कंपनी का शुद्ध नारियल तेल है, जो मेरी शरीर और त्वाचा के लिए सही रहे। कब्ज़ की भी समस्या है, जिसकी पीने की सिरप डॉक्टर ने दी है। डॉक्टर ने रात को हल्के गरम पानी में मिलाकर लेने को कहा है। टेस्ट रिपोर्ट सामान्य है, ना डायबिटीज है और ना बीपी की समस्या है, ना ही कोई अन्य समस्या है। 2018 में 'हेपेटाइटिस सी' का पता चला था। जिसका इलाज करवाया गया था. तब से लेकर अब मई 2026 तक वायरस इनएक्टिव शो कर रहा है। मैंने अपने स्तर पर भी कारण, लक्षण ढूंढने की कोशिश की है। मुझे एक कारण या लक्षण मिला है, जो एक्जिमा को ट्रिगर करता है। मौसम बदलने पर (सर्दी से गर्मी) दोनों पैरों और दोनों हाथों पर बिंदी टाइप लाल निशान उभर आते हैं। दोनों हाथों के ऊपर और अंदर की तरफ उंगली और हथेली में सफ़ेद दाने निकल आते हैं, जिसके फूटने पर पानी निकलता है। पूरे हाथो में खाज़ खुजली है। बाएं हाथ की सबसे छोटी उंगली के ऊपर की तरफ की त्वचा सफेद-लाल हो जाती है और छोटे-2 सफेद दाने हैं। मैं धूम्रपान नहीं करता फिर भी मेरे होठों का रंग काला है। मैं शराब भी नहीं पीता हूं। कभी साल 6 महीने में एक दो बार नॉन वेज खाता हूं, पर नॉन वेज खाने का कोई खास शौक नहीं है। मीठा, तैलीय खाद्य पदार्थ भी कम खाता हूं। मेरे दोस्त ने आयुर्वेदिक उपचार लेने को कहा है। उसने खदिरारिष्ट सिरप, महामंजिष्ठादि सिरप और सारिवाद्यासव सिरप लेने को कहा है। वो कहता है कि इससे सारी त्वचा की समस्या खत्म हो जाती है। सिरप कांच की बोतल और प्लास्टिक की बोतल दोनो में आती है। सुना है कि कांच की बोतल वाली सिरप अच्छी होती है, प्लास्टिक की बोतल से। मैंने एलोपैथिक डॉक्टर को आयुर्वेदिक इलाज शुरू करने के लिए पूछा, उन्हें इसकी कोई समस्या नहीं है। उनका कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार शुरू करो तो एलोपैथिक उपचार का जरूर बताएं। मैं आयुर्वेदिक तरीके से ठीक होना चाहता हूं क्योंकि मैंने सुना है आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और ये जड़ से बीमारी को खत्म करती है। इसलिए आप मेरे लिए आयुर्वेदिक उपचार के लिए दवा की लिस्ट बताएं। वो चाहे सिरप में हो, टैबलेट में हो, क्रीम फॉर्म में हो, या पाउडर फॉर्म में हो। आप असली कंपनी की ही दवा बताना ताकि इलाज सही रहे, उनका लेने का तरीका, समय, कितनी खुराक लेना है, ये सब बताना। ये आयुर्वेदिक उपचार कितने समय तक जारी रखना है, जरूर बताएं। जो भी दवा बताए, कंपनी का नाम जरूर लिखे ताकि किस कंपनी की दवा लेनी है, उसमें कोई कन्फ्यूजन ना रहे और आयुर्वेदिक उपचार पर कोई गलत असर ना पड़े। एक क्रीम या मॉइस्चराइजर जरूर बताएं जो मेरे शरीर और त्वचा की प्रकृति के लिए हर मौसम में सही रहे और एक्जिमा या फिर कोई त्वचा समस्या न हो। मुझे अन्य गतिविधियाँ भी बताईं जिससे मैं एक्जिमा और अन्य त्वचा बीमारियाँ से आप अपने आप को सुरक्षित रख सकूं। मैं आप सभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों का सहयोग और मार्गदर्शन चाहता हूं।
How long have you been experiencing eczema symptoms?:
- More than 6 monthsHow would you rate the severity of your eczema symptoms?:
- Severe — constant discomfortWhat triggers your eczema flare-ups the most?:
- Weather changesHave you noticed any other associated symptoms?:
- Swelling or blistersHow is your overall digestive health?:
- Frequent constipationWhat is your daily water intake like?:
- More than 2 litersHave you tried any Ayurvedic treatments before?:
- No, this is my first timeWhat is your current skincare routine?:
- No specific routineDoctors' responses
आपके लक्षणों के अनुसार यह समस्या मुख्यतः पित्त + कफ दोष, रक्तदूषिता (खून की अशुद्धि), त्वचा की संवेदनशीलता और पाचन/कब्ज़ की गड़बड़ी से जुड़ी हुई लगती है। बार-बार एक्जिमा, खुजली, पानी/मवाद आना, फंगल संक्रमण, गर्मी लगना और मौसम बदलते ही दाने निकलना — यह दर्शाता है कि शरीर में अंदरूनी सूजन और रक्तदोष बढ़ा हुआ है। आयुर्वेद में ऐसे रोगों में शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरफ उपचार करना जरूरी होता है। आयुर्वेदिक उपचार 1) रक्तशुद्धि और एक्जिमा के लिए महा मंजिष्ठादि क्वाथ / सिरप 15 ml बराबर पानी मिलाकर सुबह और शाम भोजन के बाद खून साफ करता है, खुजली और लालिमा कम करता है। खदिरारिष्ट 15 ml बराबर पानी मिलाकर दोपहर और रात भोजन के बाद एक्जिमा, फंगल संक्रमण और त्वचा एलर्जी में लाभकारी। सारिवाद्यासव 15 ml बराबर पानी मिलाकर शाम को भोजन के बाद शरीर की गर्मी, जलन, मुंह सूखना और पित्त शांत करने में मदद। 2) गोली / टैबलेट गंधक रसायन 2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद खुजली, संक्रमण और त्वचा रोग में उपयोगी। आरोग्यवर्धिनी वटी 1 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद पाचन सुधारती है, लीवर और त्वचा के लिए लाभकारी। क्योंकि आपको पहले Hepatitis C रहा है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लें और समय-समय पर LFT टेस्ट करवाते रहें। 3) कब्ज़ और शरीर की सफाई त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ रात में कब्ज़ कम करेगा और त्वचा रोग की जड़ को शांत करेगा। बाहरी लगाने की दवा यदि पानी/मवाद निकल रहा हो नीम तेल या हल्का आयुर्वेदिक त्वचा तेल रुई से हल्का लगाएं ज्यादा मोटी परत न लगाएं संक्रमण और खुजली कम करने में मदद मिलती है। मॉइस्चराइज़र / त्वचा की देखभाल वर्जिन नारियल तेल नहाने के तुरंत बाद हल्का लगाएं त्वचा को सूखने से बचाता है यदि लगाने से जलन या खुजली बढ़े तो बंद कर दें। जरूरी परहेज इन चीजों को कम करें: दही (विशेषकर रात में) बहुत तीखा और मसालेदार भोजन बासी भोजन ज्यादा चाय-कॉफी कोल्ड ड्रिंक ज्यादा चीनी बार-बार साबुन लगाना गर्म पानी से नहाना क्या खाएं गुनगुना पानी मूंग दाल लौकी, तोरी, परवल अनार, पपीता हल्का और सुपाच्य भोजन थोड़ी मात्रा में घी त्वचा को सुरक्षित रखने के नियम पसीना आने के बाद शरीर सूखा रखें कॉटन कपड़े पहनें सिंथेटिक कपड़े और टाइट जूते कम पहनें खुजलाने से बचें अलग तौलिया रखें त्वचा में नमी जमा न रहने दें उपचार कितने समय करें? शुरुआती सुधार: 3–4 सप्ताह पुरानी समस्या को नियंत्रित करने में: 3–6 महीने नियमित परहेज और दिनचर्या बहुत जरूरी है, तभी एक्जिमा बार-बार होने से रुकेगा।
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