yes lagaskte ho uske sath hi ap kumkumadi oil at night lagavo do nasya with cow ghee 2 drop each nostril 2 times day
1. मुल्तानी मिट्टी का उपयोग कैसे करें? जी हाँ, आप मुल्तानी मिट्टी का उपयोग कर सकते हैं। यह त्वचा से अतिरिक्त तेल सोखती है और छिद्रों (pores) को साफ करती है। विधि: मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं। समय: इसे हफ्ते में 2-3 बार 10-15 मिनट के लिए लगाएं। सावधानी: इसे चेहरे पर बहुत ज्यादा सूखने न दें, क्योंकि इससे त्वचा रूखी हो सकती है और वात दोष बढ़ सकता है। Ayurvedic mediciens– 1.खादिरारिष्ट-15 मिली बराबर मात्रा में पानी मिलाकर, भोजन के बाद 2.मंजिष्ठादि क्वा- 20 मिली गुनगुने पानी के साथ, भोजन के बाद 3.आरोग्यवर्धिनी वटी 2 गोली पानी के साथ, भोजन के बाद बाल झड़ने और अन्य उपाय बालों के लिए: बाल झड़ना भी पित्त दोष के कारण हो सकता है। आप आंवला, ब्राह्मी या नारियल तेल से हल्की मालिश करें। काले धब्बे: रात को सोने से पहले Kumkumadi Oil की 2-3 बूंदें प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। नस्य: प्रतिदिन सुबह गाय के घी की 2-2 बूंदें नाक में डालें (नस्य), यह त्वचा और बालों दोनों के लिए लाभकारी है
Hello,मुल्तानी मिट्टी तैलीय (oily) त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। यह अतिरिक्त तेल को सोखने, सूजन को कम करने और पिंपल्स को सुखाने में मदद करती है। लेकिन इसे रोज़ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए; आप इसे हफ्ते में दो बार लगा सकते हैं, और आपकी स्थिति को देखते हुए, ज़रूरत पड़ने पर तीन बार भी लगा सकते हैं। अत्यधिक उपयोग से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (skin barrier) को नुकसान हो सकता है। आपकी समस्या की जड़ को समझना बहुत ज़रूरी है। अत्यधिक पसीना और पिंपल्स, जलवायु और खान-पान के कारण बढ़े हुए ‘पित्त दोष’ का संकेत हो सकते हैं। हमें इसके हार्मोनल कारणों पर भी गौर करना होगा, खासकर तब जब यह समस्या पुरानी और काफी फैली हुई है। त्वचा की देखभाल (Skincare Routine): फेस वॉश: रोज़ाना ‘सैलिसिलिक एसिड’ (salicylic acid) वाले फेस वॉश का इस्तेमाल करें। यह पसीने और धूल को गहराई से साफ करेगा, जिससे रोमछिद्र (pores) बंद नहीं होंगे और पिंपल्स कम होंगे। लेप (Face Pack): मुल्तानी मिट्टी की जगह आप निम्बादी चूर्ण को दही में मिलाकर पेस्ट बना सकते हैं और हर दूसरे दिन चेहरे पर लगा सकते हैं। यदि समस्या गंभीर है, तो इसे 1-2 महीने तक लगातार करें। जब स्थिति में सुधार हो जाए, तो आप वापस मुल्तानी मिट्टी का उपयोग शुरू कर सकते हैं। त्रिफला स्प्रे: आधे चम्मच त्रिफला चूर्ण को पानी में उबालकर छान लें (त्रिफला कषाय)। इसे एक स्प्रे बोतल में भरें और दिन भर में कई बार इसे चेहरे पर छिड़कें और हल्के हाथों से डैब (dab) करें। आंतरिक औषधि (Internal Medication): गुडूच्यादि कषाय: 15 मिली, दिन में दो बार, भोजन से पहले। कैशोर गुग्गुलु: 2 गोली, दिन में दो बार, भोजन से पहले। खदिरा रिष्ट: 30 मिली, दिन में दो बार, भोजन के बाद। मणिभद्र गुड: 1 छोटा चम्मच, रात को सोते समय। आहार संबंधी परहेज: ज्यादा नमक, मसालेदार खाना, तली-भुनी चीजें और खमीरी (fermented) खाद्य पदार्थों व ड्रिंक्स से पूरी तरह परहेज करें। एक सादा और पौष्टिक आहार अपनाएं। विशेष सलाह: यदि 2 सप्ताह तक इस नियमित उपचार के बाद भी कोई राहत न मिले, तो आपको कुछ ज़रूरी ब्लड टेस्ट करवाने चाहिए, जैसे: CBC, ESR, LH, FSH, TFT, प्रोलैक्टिन (Prolactin), AMH और टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)।
Hello, From your details -oily skin+ pimples +dark spots ->In Ayurveda= kapha + pitta imbalance + rakta dushti -oily skin-> kapha excess -pimples/inflammation-> pitta -dark spots -> impure blood Can you use Multani mitti? yes, but carefully -use 2-3 times/week -mix with rose water (not plain water) -do not overuse (can increase dryness-> more oil rebound) Treatment goals -control excess oil -reduce pimples -clear dark spots -purify blood internally Internal management 1) Main blood purify -Mahamanjisthadi kashaya= 15ml + equal water twice daily before meals =reduces pimples + pigmentation 2) Anti-acne + skin detox -Gandhak rasayana= 1 tab twice daily after meals 3) Digestive support (hidden root) -Avipathi choornam= 1/2 tsp with wwarm water at bedtime 4) Mild detox -Triphala tablets= 2 tabs at bedtime with warm water External skin care -Eladi keram= apply lightly once daily Helps in -reducing acne marks -balancing oils Simple routine Morning -wash face with lukewarm water -light application of Eladi keram Evening -face wash -multani mitti (2-3 times/week) Diet very important -warm water -fruits (papaya, apple) -green vegetables -turmeric in food Avoid -oily, fried food -junk food -excess sugar -cold drinks Lifestyle -proper sleep -reduce stress -avoid touching/picking pimples Results Timeline -2-3 weeks= less oil and acne -4-6 weeks= marks starts reducing -2-3 months= clear important Important tips -overuse of face packs= worse oil production -internal treatment is Must for lasting results Best approach= internal purification + external care + diet control Do follow Hope this might be helpful Thank you
Hello namaste!! सुबह उठते ही चेहरे पर तेल (Oily skin), मुँहासे (Pimples) और काले धब्बे होना इस बात का संकेत है कि आपकी बॉडी में Pitta और Kapha dosha का असंतुलन है। मुल्तानी मिट्टी एक बेहतरीन नेचुरल उपाय है, लेकिन बालों के झड़ने के लिए आपको अलग ट्रीटमेंट की ज़रूरत होगी। यहाँ आपके लिए एक शॉर्ट और सटीक आयुर्वेदिक गाइड है: हाँ, आप मुल्तानी मिट्टी बिल्कुल लगा सकते हैं। यह एक्स्ट्रा ऑयल सोख लेती है और पिंपल्स को सुखाती है। कैसे लगाएं: मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा गुलाब जल (Rose Water) और एक चुटकी नीम पाउडर मिलाकर चेहरे पर लगाएं। सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। इसे हफ्ते में सिर्फ 2-3 बार ही करें। Medicines : स्किन और बालों की समस्या को अंदर से ठीक करने के लिए आप ये दवाएं ले सकते हैं: 1. Maha Thikthakam Kwath: यह खून को साफ (Blood purifier) करता है और पिंपल्स/धब्बों को कम करता है। Dose: 15ml दवा को 60ml गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह और शाम खाली पेट लें। 2. Khadirarishtam: यह स्किन इन्फेक्शन और ऑयली स्किन के लिए बेस्ट है। Dose: 15ml से 20ml दवा बराबर मात्रा में पानी मिलाकर खाना खाने के बाद दिन में दो बार लें। 3. Neelibringadi Keratailam (For Hair Fall): बालों के झड़ने के लिए यह तेल बहुत असरदार है। Dose: रात को सोने से पहले या नहाने से 30 मिनट पहले स्कैल्प पर हल्के हाथ से मसाज करें। दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स बाहर निकलें। ज्यादा मिर्च-मसालेदार, तला हुआ और बाहर का जंक फूड बंद कर दें, क्योंकि ये ‘पित्त’ बढ़ाते हैं जिससे पिंपल्स और बाल झड़ना शुरू होते हैं। दिन में 2-3 बार ठंडे पानी से चेहरा धोएं, साबुन की जगह बेसन या नीम वाले फेस वॉश का इस्तेमाल करें।