यह उच्च वात (तंत्रिका दर्द, हल्की नींद, कम वजन, थकान, अनियमित दर्द) जैसा लगता है। तंत्रिका दर्द (सर्वाइको-ब्रैकियल न्यूराल्जिया) के लिए महायोग गुग्गुलु गोल्ड 1 टैब दिन में दो बार लें। यह तंत्रिकाओं को शांत करता है, दर्द कम करता है, और नींद में सुधार करता है। रूमायोग गोल्ड 1 टैब दिन में दो बार लें। महा नारायण तेल बाहरी रूप से लगाएं। गर्दन, कंधे, और बाहों पर गर्म तेल लगाएं। नहाने से पहले 10-15 मिनट तक हल्की मालिश करें। अगर संभव हो तो रोज़ाना करें। बाहों को आराम दें। फिलहाल सूर्य नमस्कार बंद कर दें। थकान और काले घेरे के लिए 10:30 बजे से पहले सोएं। रात में गर्म सूप खाएं। रोज़ाना 1 चम्मच घी लें। कच्चे खाने और उपवास से बचें। ढीले मल के लिए अभयारिष्ट 20ml भोजन के बाद दिन में दो बार लें। कुटजगनवटी 1 टैब भोजन के बाद दिन में दो बार लें। हफ्ते में 2-3 बार खिचड़ी खाएं। केवल पकी हुई सब्जियाँ खाएं।

----निदान: क्रॉनिक वात मांसपेशियों की चोट (बायां हाथ, कंधा, कोहनी) वात-पित्त प्रकार की नसों की समस्या (सर्वाइको-ब्रैकियल न्यूराल्जिया, दायां हाथ) वात-पित्त असंतुलन के साथ हल्की पाचन कमजोरी (ढीला मल, थकान) ----उपचार आंतरिक दवाएं: 1) अश्वगंधा कैप: 500 मि.ग्रा., दिन में दो बार गर्म दूध या घी के साथ 2) योगराज गुग्गुलु: 500 मि.ग्रा., भोजन के बाद दिन में दो बार 3) शतावरी टैब: 2 टैब, दिन में एक बार गुनगुने दूध के साथ 4) हल्दी और घी: 1–2 ग्राम, भोजन के बाद दिन में एक बार 5) त्रिफला: 3 ग्राम सोने से पहले —बाहरी चिकित्सा: दैनिक गुनगुने तेल से मालिश करें हाथों, कंधों और गर्दन पर महानारायण तेल के साथ जरूरत के अनुसार दर्द वाले हिस्सों पर गर्म सेंक —आहार और जीवनशैली: गर्म, पका हुआ भोजन पसंद करें: सूप, खिचड़ी, जड़ वाली सब्जियां फुल्का घी के साथ; कच्ची सब्जियों से बचें अधिक मेहनत से बचें; शारीरिक काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लें हल्के वात-शामक स्ट्रेच करें; दर्द मुक्त होने तक सूर्य नमस्कार से बचें अच्छी नींद की आदतें बनाए रखें — 15 दिन बाद फॉलो अप करें

मसालेदार खाना और दूध व दूध से बने उत्पादों से बचें। गाय के घी से नस्य करें, हर नथुने में 2 बूंद, दिन में 2 बार। अश्वगंधा KSM 66 दिन में 2 बार लें। योगराज गुग्गुलु 2-0-2। शतावरी टैबलेट 2-0-2। त्रिफला: खाने के बाद 2-0-2। महानारायण तेल से मालिश करें।