Concerns About Ayurvedic Hair Treatment and Hair Fall - #45994
मैंने बाल के लिए आयुर्वैदिक ट्रीटमेंट लिया था और उसे मुझको काफी फायदा भी हुआ लेकिन जैसे ही मैंने उसकी ट्रीटमेंट बंद की वैसे ही मेरा हेयरफॉल बढ़ गया और hair density कम हो गई और मैं जब जब दवा का उपयोग करता हूं तब तक सही रहता है फिर छोड़ने पर वापस खराब हो जाता है क्या आयुर्वेदिक दवा में स्टेरॉयड मिलाया होता है जो सिर्फ उपयोग करने तक का ही फायदे देता है
How long have you been experiencing hair fall after stopping treatment?:
- 1-4 weeksHave you noticed any other symptoms related to your hair or scalp?:
- No other symptomsWhat was your overall health and lifestyle like during the treatment?:
- Mostly healthy, occasional issuesDoctor-recommended remedies for this condition


Doctors' responses
आयुर्वेदिक उपचारों में स्टेरॉयड्स का उपयोग पारंपरिक रूप से नहीं किया जाता, क्योंकि आयुर्वेद प्राकृतिक तत्वों और जड़ी-बूटियों पे आधारित चिकित्सा पद्धति है। ऐसा हो सकता है कि जो उत्पाद आप उपयोग कर रहे थे, उसमें उत्तेजित करने वाले तत्व थे जो बालों को अस्थायी रूप से बेहतर बनाते हैं। बालों की समस्या के समाधान के लिए यह जरूरी है कि आप अपने जीवनशैली, आहार, और मनोदशा पे भी ध्यान दें, क्योंकि ये सब आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
आपका बाल झड़ना संभवतः आपकी प्राकृतिक संरचना (प्रकृति) और संतुलन (विकार) से जुड़ा हो सकता है। यह जानने के लिए कि किस प्रकार का असंतुलन हो सकता है, एक आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करें जो आपकी प्रकृति और समस्या को समझ सके। इसके लिए, आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रख सकते हैं:
1. आहार और दिनचर्या: आयुर्वेद के अनुसार, बालों की जड़ों को मजबूत करने के लिए संतुलित आहार आवश्यक है। बाल तेल जैसे ब्राह्मी, भृंगराज या आंवला तेल का उपयोग करें और सिर की हल्की मालिश करें। शाम को सूरज अस्त होने से पहले तेल की मालिश उचित होगी।
2. तनाव प्रबंधन: तनाव बालों का झड़ना बढ़ा सकता है। ध्यान, प्राणायाम, और योग का अभ्यास आपके मानसिक संतुलन को सुधारने में मदद कर सकता है।
3. रोज़ की आदतें: काफी पानी पिएं, गर्मी के मौसम में नारियल पानी का सेवन अच्छा रहेगा। बालों को धुले के बाद उन्हें धीरे से सुखाएं और जड़ो को आराम दें।
4. हर्बल सप्प्लिमेन्ट्स: अश्वगंधा, शतावरी जैसी जड़ी-बूटियों का सेवन करने से भीतर से संतुलन प्राप्त होता है।
आगे स्वास्थ्य नुकसान या अधिक जानकारी के लिए, किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ या चिकित्सक से प्रत्यक्ष परामर्श जरूर करें।

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