How to Control Infection and Manage Cavities in My Teeth? - #49659
मुझे अपने दांतों में लगभग 7 में कैविटी लगी हुई है और 7 में दो की आरसीटी हो रखी है और वो काफी हद तक सड़ चुके हैं। और उनका जड़ ही बचा है और थोड़ा बहुत हिस्सा ऊपर का क्राउन है। लेकिन इनमें दर्द नहीं है, तो संक्रमण से बचने के लिए क्या कर सकता हूँ और जो कुछ संक्रमण है उसे कैसे कंट्रोल और कम करूँ?
How long have you been experiencing dental issues?:
- Less than 1 monthDo you have any other symptoms related to your dental health?:
- Swelling or rednessWhat is your current oral hygiene routine?:
- Brush once a day

Doctors' responses
नमस्ते मैं आपकी हालत समझ सकता हूँ जब आपके कई दाँतों में कैविटी है और आपको इन्फेक्शन होने की चिंता है। भले ही अभी दर्द न हो, लेकिन अभी कदम उठाने से चीजें गंभीर होने से बच सकती हैं और और सड़न रुक सकती है। आपकी चिंता –मरीज: वयस्क –मुख्य दाँतों की समस्या: –लगभग 7 दाँतों में छेद –2 दाँतों का रूट कैनाल हुआ था, लेकिन अब वे लगभग खराब हो चुके हैं –सिर्फ़ जड़ें और ऊपरी हिस्से के कुछ टुकड़े बचे हैं –कुछ सूजन और लालिमा –अभी ज़्यादा दर्द नहीं है –दिन में सिर्फ़ एक बार ब्रश करते हैं यह छिपे हुए इन्फेक्शन के लिए एक समस्या हो सकती है, भले ही दर्द न हो। आयुर्वेदिक समझ जब रूट कैनाल के बाद दाँत टूटते हैं: –कीटाणु दरारों से अंदर चले जाते हैं –वे रूट कैनाल में बढ़ते हैं –इन्फेक्शन धीरे-धीरे जबड़े की हड्डी में चला जाता है –आपका शरीर कुछ समय तक इससे लड़ता है इसलिए दर्द नहीं होता लेकिन यह अचानक खराब हो सकता है, जैसे सूजन, बुखार, पस, या यहाँ तक कि दिल और किडनी की समस्याएँ तो, दर्द न होने का मतलब यह नहीं है कि सब ठीक है। इलाज का लक्ष्य –इन्फेक्शन खत्म करना –मसूड़ों और हड्डियों को मजबूत बनाना –और सड़न रोकना आप तुरंत क्या कर सकते हैं (महत्वपूर्ण) 1. नीम, त्रिफला और लौंग से गरारे करें (दिन में दो बार) मिलाएँ: –½ चम्मच त्रिफला पाउडर –½ चम्मच नीम पाउडर –1 कुचली हुई लौंग इसे 1 कप पानी में उबालें, छान लें और गुनगुना होने पर गरारे करें यह कीटाणुओं को मारता है, पस को हटाता है, और आपको फोड़ा होने से बचाता है। 2. गंधक रसायन खाने के बाद दिन में दो बार 1 टैबलेट (30 दिनों के लिए) यह दाँतों की समस्याओं के लिए एक ठोस आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक है। 3. कैशोर गुग्गुलु खाने के बाद दिन में दो बार 1 टैबलेट यह गहरे इन्फेक्शन को खत्म करता है, आपकी जबड़े की हड्डी की रक्षा करता है, और सूजन को कम करता है। 4. लौंग का तेल रुई पर 1 बूंद डालें इसे टूटे हुए दांतों और मसूड़ों पर लगाएं दिन में 2-3 बार हर दिन अपने मुंह की देखभाल कैसे करें (इसे बदलना होगा) दिन में दो बार ब्रश करें इस्तेमाल करें: –नरम ब्रश –हर्बल टूथपेस्ट या नीम का पेस्ट खाने के बाद: गुनगुने पानी से कुल्ला करें रात में: तिल या नारियल के तेल से ऑयल पुलिंग करें (5 मिनट) इन चीज़ों से दूर रहें –चीनी –मीठी चीज़ें –कोल्ड ड्रिंक्स –बिस्कुट –टूटे हुए दांतों से चबाना ये कीटाणुओं को बढ़ाते हैं। जानने योग्य महत्वपूर्ण बात आयुर्वेद कर सकता है: –इन्फेक्शन को कंट्रोल –इसे फैलने से रोकना –गंदगी को दूर करना –हड्डी की रक्षा करना लेकिन… कैविटी, जड़ों और दांतों के इनेमल के लिए आपको अभी भी डेंटिस्ट की ज़रूरत होगी (उन्हें निकलवाएं या कैप लगवाएं) वरना इन्फेक्शन बार-बार वापस आता रहेगा। सही देखभाल से, हम गंभीर समस्याओं को रोक सकते हैं। शुभकामनाएं डॉ. स्नेहल विधाते
-Oral hygiene को मजबूत करें अभी आप दिन में 1 बार ब्रश कर रहे हैं — इसे बदलना बहुत ज़रूरी है: दिन में 2 बार ब्रश करें सुबह और रात को सोने से पहले Soft bristle brush Fluoride toothpaste ब्रश करते समय टूटे/सड़े दाँतों के आसपास बहुत हल्के हाथ से, लेकिन रोज़ साफ़ करें (गंदगी रुकी तो इन्फेक्शन बढ़ेगा) अगर संभव हो तो interdental brush या floss (हल्के से) -Provisional Diagnosis (Ayurveda): 👉 Danta Shoola (early stage) 👉 Krimi-janya Danta Roga 👉 Pitta-Kapha dushti 🧾 Rx 1️⃣ Gandusha / Kavala Triphala Kwath विधि: 1 चम्मच Triphala powder + 1 गिलास पानी, उबालकर आधा करें गुनगुना करके दिन में 2 बार (सुबह, शाम) ⏳ 15 दिन 2️⃣ Internal Medicines Cap. Gandhak Rasayan 1 capsule BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Infection control, krimighna) OR (अगर capsule न मिले): Gandhak Rasayan vati 250 mg BD after food Triphala Guggulu 2 tablet BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Inflammation + hidden infection) 3️⃣ Local Application Irimedadi Taila दाँतों व मसूड़ों पर हल्के से मालिश दिन में 2 बार 3–5 मिनट बाद थूक दें ⏳ 15 दिन 4️⃣ Optional (अगर सूजन ज़्यादा हो) Dashmool Kwath 20 ml + 20 ml गुनगुना पानी BD after meals ⏳ 7 दिन 🍽️ Pathya – Apathya Pathya (करें): ✔ गुनगुना पानी ✔ Soft भोजन ✔ खाने के बाद कुल्ला ✔ दिन में 2 बार दाँत साफ़ Apathya (न करें): ✘ बहुत मीठा ✘ ठंडा-गरम बार-बार ✘ सुपारी / तंबाकू ✘ टूटी साइड से चबाना ⚠️ Important Advice यह उपचार infection को शांत रखेगा, लेकिन root stumps / badly broken teeth का स्थायी समाधान extraction या dental procedure ही है Dental X-ray (IOPA/OPG) आवश्यक
Agr allopathic use Krna chahte ho - Mouthwash Alcohol-free chlorhexidine mouthwash दिन में 1 बार, 5–7 दिन से ज़्यादा नहीं ब्रश के 30 मिनट बाद इस्तेमाल करें ⚠️ लगातार लंबे समय तक न करें (दाँत काले पड़ सकते हैं) 🚫 इन चीज़ों से बचें बहुत मीठा चिपचिपा खाना उस साइड से चबाना जहाँ दाँत टूटे हैं सिगरेट / तंबाकू (अगर लेते हों)
-Oralhygiene को मजबूत करें अभी आप दिन में 1 बार ब्रश कर रहे हैं — इसे बदलना बहुत ज़रूरी है: दिन में 2 बार ब्रश करें सुबह और रात को सोने से पहले Soft bristle brush Fluoride toothpaste ब्रश करते समय टूटे/सड़े दाँतों के आसपास बहुत हल्के हाथ से, लेकिन रोज़ साफ़ करें (गंदगी रुकी तो इन्फेक्शन बढ़ेगा) अगर संभव हो तो interdental brush या floss (हल्के से) -Provisional Diagnosis (Ayurveda): 👉 Danta Shoola (early stage) 👉 Krimi-janya Danta Roga 👉 Pitta-Kapha dushti 🧾 Rx 1️⃣ Gandusha / Kavala Triphala Kwath विधि: 1 चम्मच Triphala powder + 1 गिलास पानी, उबालकर आधा करें गुनगुना करके दिन में 2 बार (सुबह, शाम) ⏳ 15 दिन 2️⃣ Internal Medicines Cap. Gandhak Rasayan 1 capsule BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Infection control, krimighna) OR (अगर capsule न मिले): Gandhak Rasayan vati 250 mg BD after food Triphala Guggulu 2 tablet BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Inflammation + hidden infection) 3️⃣ Local Application Irimedadi Taila दाँतों व मसूड़ों पर हल्के से मालिश दिन में 2 बार 3–5 मिनट बाद थूक दें ⏳ 15 दिन 4️⃣ Optional (अगर सूजन ज़्यादा हो) Dashmool Kwath 20 ml + 20 ml गुनगुना पानी BD after meals ⏳ 7 दिन 🍽️ Pathya – Apathya Pathya (करें): ✔ गुनगुना पानी ✔ Soft भोजन ✔ खाने के बाद कुल्ला ✔ दिन में 2 बार दाँत साफ़ Apathya (न करें): ✘ बहुत मीठा ✘ ठंडा-गरम बार-बार ✘ सुपारी / तंबाकू ✘ टूटी साइड से चबाना ⚠️ Important Advice यह उपचार infection को शांत रखेगा, लेकिन root stumps / badly broken teeth का स्थायी समाधान extraction या dental procedure ही है Dental X-ray (IOPA/OPG) आवश्यक
Agr allopathic use Krna chahte ho - Mouthwash Alcohol-free chlorhexidine mouthwash दिन में 1 बार, 5–7 दिन से ज़्यादा नहीं ब्रश के 30 मिनट बाद इस्तेमाल करें ⚠️ लगातार लंबे समय तक न करें (दाँत काले पड़ सकते हैं) 🚫 इन चीज़ों से बचें बहुत मीठा चिपचिपा खाना उस साइड से चबाना जहाँ दाँत टूटे हैं सिगरेट / तंबाकू (अगर लेते हों)
Oral hygiene को मजबूत करें अभी आप दिन में 1 बार ब्रश कर रहे हैं — इसे बदलना बहुत ज़रूरी है: दिन में 2 बार ब्रश करें सुबह और रात को सोने से पहले Soft bristle brush Fluoride toothpaste ब्रश करते समय टूटे/सड़े दाँतों के आसपास बहुत हल्के हाथ से, लेकिन रोज़ साफ़ करें (गंदगी रुकी तो इन्फेक्शन बढ़ेगा) अगर संभव हो तो interdental brush या floss (हल्के से) -Provisional Diagnosis (Ayurveda): 👉 Danta Shoola (early stage) 👉 Krimi-janya Danta Roga 👉 Pitta-Kapha dushti 🧾 Rx 1️⃣ Gandusha / Kavala Triphala Kwath विधि: 1 चम्मच Triphala powder + 1 गिलास पानी, उबालकर आधा करें गुनगुना करके दिन में 2 बार (सुबह, शाम) ⏳ 15 दिन 2️⃣ Internal Medicines Cap. Gandhak Rasayan 1 capsule BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Infection control, krimighna) OR (अगर capsule न मिले): Gandhak Rasayan vati 250 mg BD after food Triphala Guggulu 2 tablet BD after meals ⏳ 15 दिन 👉 (Inflammation + hidden infection) 3️⃣ Local Application Irimedadi Taila दाँतों व मसूड़ों पर हल्के से मालिश दिन में 2 बार 3–5 मिनट बाद थूक दें ⏳ 15 दिन 4️⃣ Optional (अगर सूजन ज़्यादा हो) Dashmool Kwath 20 ml + 20 ml गुनगुना पानी BD after meals ⏳ 7 दिन 🍽️ Pathya – Apathya Pathya (करें): ✔ गुनगुना पानी ✔ Soft भोजन ✔ खाने के बाद कुल्ला ✔ दिन में 2 बार दाँत साफ़ Apathya (न करें): ✘ बहुत मीठा ✘ ठंडा-गरम बार-बार ✘ सुपारी / तंबाकू ✘ टूटी साइड से चबाना ⚠️ Important Advice यह उपचार infection को शांत रखेगा, लेकिन root stumps / badly broken teeth का स्थायी समाधान extraction या dental procedure ही है Dental X-ray (IOPA/OPG) आवश्यक
Agr allopathic use Krna chahte ho - Mouthwash Alcohol-free chlorhexidine mouthwash दिन में 1 बार, 5–7 दिन से ज़्यादा नहीं ब्रश के 30 मिनट बाद इस्तेमाल करें ⚠️ लगातार लंबे समय तक न करें (दाँत काले पड़ सकते हैं) 🚫 इन चीज़ों से बचें बहुत मीठा चिपचिपा खाना उस साइड से चबाना जहाँ दाँत टूटे हैं सिगरेट / तंबाकू (अगर लेते हों)
आपके दांतों में काफी ज्यादा कैविटी और दो दांतों की RCT के बाद सिर्फ जड़ और थोड़ा क्राउन बचा है। अभी दर्द नहीं है, इसका मतलब यह नहीं कि संक्रमण नहीं है। ऐसे दांतों में अंदर साइलेंट इन्फेक्शन रह सकता है, जो आगे चलकर सूजन, पस, या हड्डी को नुकसान कर सकता है। आयुर्वेद से संक्रमण को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह खराब दांत अक्सर निकालना ही सुरक्षित रहता है (यह बात ध्यान रखें)। संक्रमण कंट्रोल करने के आयुर्वेदिक उपाय गण्डूष / ऑयल पुलिंग रोज सुबह खाली पेट तिल का तेल या नारियल तेल – 1 बड़ा चम्मच 5-10 मिनट मुंह में घुमाएं थूक दें, निगलना नहीं बैक्टीरिया कम करता है मसूड़ों को मजबूत करता है त्रिफला काढ़ा कुल्ला दिन में 2 बार 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण 1 गिलास पानी में उबालें गुनगुना होने पर कुल्ला करें संक्रमण और सड़न कम करता है मसूड़ों की सूजन कम करता है लवंग तेल (Clove oil) प्रभावित दांत पर रुई में 1 बूंद लगाकर दिन में 1-2 बार रखें एंटीसेप्टिक संक्रमण बढ़ने से रोकता है आंतरिक दवाएं (साधारण और सुरक्षित विकल्प) खदिरादि वटी 2 गोली दिन में 3 बार चूसें त्रिफला गुग्गुल 1-1 गोली दिन में 2 बार भोजन के बाद संक्रमण कम करता है मसूड़े और हड्डी को मजबूत करता है खान-पान सावधानी ज्यादा मीठा, ठंडा, चिपचिपा खाना बंद करें सॉफ्ट ड्रिंक, ज्यादा चाय-कॉफी कम करें नीम दातुन गुनगुना पानी कैल्शियम युक्त भोजन
Hi Apki condition ke anusaar aap ye medicine le sakte hain Irimedadi oil ko subah daanto mein lagaye Shaam ko laung ka tail ko lagaye Shaam ko triphala kwath ko muh mein bharkar jitni der tak rakh skte hai rakhe

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