बचपन की गलतियों के बाद 39 साल की उम्र में यौन शक्ति और स्टैमिना कैसे बढ़ाएं? - #55412
बचपन की गलतियों के कारण 39 की उम्र में समस्या बन रही है के उपाय है गुपतंग में उठतेजना की कमी बिस्तर में लंबे समय तक नहीं ठहर पाते हैं शरीर बड़ा पर गुप्तांग उसके अनुसार नहीं है 39 की उम्र में मैं वही जोश लाना चाहता हूं जो मेरा बीच में था क्या करना चाहिए बताएं
How long have you been experiencing these sexual vitality issues?:
- More than 1 yearHow would you describe the severity of your issue?:
- Moderate — frequent issuesHave you noticed any specific triggers for your condition?:
- Lack of physical activityHow is your overall energy level during the day?:
- Low — often tiredWhat does your current diet look like?:
- Low in fruits and vegetablesHow often do you exercise or engage in physical activity?:
- Rarely — less than once a weekHave you tried any treatments or supplements for this issue before?:
- No, this is my first time seeking helpडॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
● अश्वगंधा - वीर्यवर्धक, टेस्टोस्टेरोन का स्तर और मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाता है। ● कौंच - उत्कृष्ट वाजीकरण पदार्थ, शुक्राणु वर्धक। इसमें एल-डोपा होता है जो डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर शुक्राणु उत्पादन में मदद करता है। ● गोक्सुर - मूत्र संबंधी विकारों को दूर करता है, धातुओं को शुद्ध करता है और स्तंभन शक्ति प्रदान करता है। इसमें प्रोटोडायोसिन होता है जो यौन इच्छा और शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करता है। ● सफेद मुसली - शुक्राणु की शक्ति और वीर्य की चिकनाई बढ़ाती है। इसमें प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन होते हैं, जो प्रजनन क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं। ● विदारिकंद - शुक्राणु वर्धक, प्रजनन क्षमता में सहायक। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व होते हैं जो प्रजनन अंगों को पोषण देते हैं। ● सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह साफ और सुखा लें। बारीक छलनी से छान लें। बराबर मात्रा में लें और अच्छी तरह मिला लें। कौंच के बीजों को धीमी आंच पर भून लें ताकि खुजली पैदा करने वाले तत्व नष्ट हो जाएं। सभी जड़ी-बूटियों को अलग-अलग बारीक पाउडर (60-80 मेश) में पीस लें। इसे वायुरोधी कांच/टिन के डिब्बे में रखें। यह पाउडर 3-5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन उपयोग के लिए तैयार है। ● सेवन विधि: 1 छोटा चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम)। सेवन विधि: गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर। समय: सोने से पहले। अवधि: कम से कम 3 महीने तक नियमित सेवन। ●शिलाजीत कैप्सूल- 2 गोलियां, दिन में 2 बार भोजन के बाद लें। ● दिन में दो बार बादाम या अश्वगंधा से मालिश करें।
Aachi salah aur puri jankari ka liye aap mujse personal consultation le sakte ha ider he
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