लिंग का आकार और मोटाई कैसे बढ़ाएं और ढीलापन कैसे कम करें? - #55868
सर मेरा बचपन से लिंग छोटा है पतला है और ढीलापन है इसे कर बड़ा करना है और मोटा करना है लंबा करना है मोटा करना है और ढीलापन काम करना है सर
डॉक्टरों की प्रतिक्रियाएं
लिंग का आकार अधिकतर आनुवंशिक होता है। बाज़ार में मिलने वाली “स्थायी बड़ा करने” की दवाओं का वैज्ञानिक प्रमाण बहुत कम है। यदि ढीलापन, शीघ्र पतन या कमजोरी है तो उसमें सुधार संभव है अश्वगंधा चूर्ण 5 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ कौंच बीज चूर्ण 3 ग्राम रात को दूध के साथ शिलाजीत रसायन 250–500 mg सुबह खाली पेट चंद्रप्रभा वटी 2 गोली दिन में 2 बार भोजन बाद अश्वगंधा तेल या धन्वंतरम् तैल से हल्की मालिश 5 मिनट आहार: दूध, घी, खजूर, बादाम, काला चना पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम धूम्रपान, शराब, हस्तमैथुन की अति, तनाव कम करें
▪︎ मुख्य जड़ी-बूटियों के फायदे इस नुस्खे में पांच मुख्य औषधियों का उपयोग किया गया है जो पुरुषों की शारीरिक और यौन क्षमता को बढ़ाती हैं। ▪︎अश्वगंधा▪︎ शरीर को ताकत देता है, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ाता है। ▪︎कौंच के बीज▪︎ वीर्य को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से ‘एल-डोपा’ होता है जो दिमाग में डोपामाइन बढ़ाकर शुक्राणु (sperm) बनाने में मदद करता है। ▪︎अन्य महत्वपूर्ण बूटियों के लाभ नुस्खे की बाकी तीन दवाएं भी उतनी ही असरदार हैं। ▪︎गोखरू▪︎ पेशाब से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है, शरीर के अंगों को शुद्ध करता है और अंगों में कड़ापन (erectile power) लाता है। इसमें मौजूद ‘प्रोटोडायोसिन’ तत्व यौन इच्छा को जगाता है। ▪︎सफेद मूसली▪︎ वीर्य को गाढ़ा और चिकना बनाती है तथा मर्दाना ताकत को बढ़ाती है। वहीं ▪︎विदारीकंद▪︎ अपने प्राकृतिक गुणों से प्रजनन अंगों को पोषण देता है जिससे फर्टिलिटी (संतान उत्पत्ति की क्षमता) में सुधार होता है। ▪︎दवा बनाने की सही विधि इस चूर्ण को बनाने के लिए सभी जड़ी-बूटियों को अच्छे से साफ करके सुखा लें। ध्यान रखें कि सभी औषधियों को बराबर मात्रा में लेना है। कौंच के बीजों को इस्तेमाल करने से पहले हल्की आंच पर भून लें, ताकि उसकी खुजली करने वाले तत्व नष्ट हो जाएं। इसके बाद सभी जड़ी-बूटियों को अलग-अलग पीसकर बिल्कुल बारीक पाउडर (महीन छानकर) बना लें। अब इन सभी पाउडर को आपस में अच्छी तरह मिला लें और किसी साफ कांच या टिन के एयरटाइट (हवाबंद) डिब्बे में भरकर रख लें। ▪︎सेवन करने का तरीका और समय इस चूर्ण को रोज रात को सोते समय लेना है। इसकी मात्रा 2 छोटी चम्मच (लगभग 10 से 15 ग्राम) होनी चाहिए। इसे लेने के लिए एक गिलास हल्के गुनगुने दूध में थोड़ी सी मिश्री (sugar candy) मिला लें और उस दूध के साथ इस चूर्ण का सेवन करें। ▪︎कोर्स की अवधि और जरूरी तेल की मालिश बेहतर और स्थायी परिणाम देखने के लिए इस चूर्ण का लगातार कम से कम 3 महीने (90 दिन) तक सेवन करना जरूरी है। चूर्ण खाने के साथ-साथ, दिन में दो बार ▪︎बला , बादाम तेल या अश्वगंधा तेल से (संबंधित अंगों या शरीर पर) हल्के हाथों से मालिश (massage) भी करनी चाहिए। यह तेल मांसपेशियों को मजबूती देता है और रक्त संचार को सुधारता है। ▪︎शिलाजीत tablet 2 tab दिन दो बार खाना खाने के बाद.
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