avoid spicy food and milk and milk produts do nasya with cow ghee 2 drop each nostril 2 times day tab bramhi 2-0-2 tab ajex 2-0–2 after foods
1.औषधियों का मात्रा निर्धारण (Dosage & Proportion) इस पूरे योग को एक संतुलित और प्रभावी “वाजीकरण चूर्ण” बनाने के लिए जड़ी-बूटियों को निम्नलिखित अनुपात (Ratio) में मिलाना सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है। (कुल 400 ग्राम का पैमाना): औषधि का नाम अनुशंसित मात्रा (Ratio/Grams) मुख्य कार्य अश्वगंधा 50 ग्राम वातशामक, मानसिक तनाव एवं एंग्जायटी को कम करना। सफेद मूसली 50 ग्राम वृष्य, शुक्र धातु को बढ़ाना और बल प्रदान करना। शतावर 50 ग्राम धातु पौष्टिक, पित्तशामक और शरीर को पोषण देना। विदारीकंद 50 ग्राम बृंहण और रसायन, शारीरिक क्षमता बढ़ाना। गोखरू (छोटा) 40 ग्राम मूत्रल, टेस्टोस्टेरोन बूस्टर, वात-पित्त शामक। सलाम पंजा 40 ग्राम अत्यंत वीर्यवर्धक और स्तंभक (Erectile Strength के लिए)। काली मूसली 30 ग्राम धातु वर्धक और अंदरूनी कमजोरी दूर करना। मुलेठी 30 ग्राम योगवाही (दवाइयों के अवशोषण में मददगार) और मधुर। ईरानी अकरकरा 20 ग्राम उत्तेजक (Stimulant), रक्त संचार (Blood circulation) बढ़ाना। रुमी मस्तगी 20 ग्राम स्तंभक (Premature Ejaculation को रोकने के लिए बेस्ट)। कीड़ा जड़ी (Cordyceps) 20 ग्राम ऊर्जा, स्टेमिना और वाजीकरण गुणों से भरपूर (महंगी और अत्यंत प्रभावी)। धागा मिश्री 200 ग्राम (या स्वादानुसार) निर्माण विधि: रुमी मस्तगी और कीड़ा जड़ी को छोड़कर बाकी सभी सूखी जड़ी-बूटियों को कूटकर कपड़छन चूर्ण (Fine Powder) बना लें। रुमी मस्तगी को अलग से हल्के हाथों से पीसें (क्योंकि यह गोंद जैसी होती है, ज्यादा रगड़ने से चिपक जाती है)। कीड़ा जड़ी का भी महीन पाउडर अलग से बनाएं। अंत में सभी चूर्णों को और मिश्री पाउडर को एक साथ मिलाकर कांच के वायुरुद्ध (Air-tight) बर्तन में सुरक्षित रख लें। सेवन विधि (Anupana & Timing): मात्रा: 3 से 5 ग्राम (लगभग एक छोटा चम्मच)। समय: दिन में दो बार — सुबह खाली पेट (या नाश्ते के आधे घंटे बाद) और रात को सोने से एक घंटा पहले। अनुपान: गुनगुने गाय के दूध (Cow’s Milk) के साथ, जिसमें थोड़ा सा गाय का घी मिला हो तो परिणाम और बेहतर मिलते हैं। 2. अतिरिक्त औषधीय सुझाव सिद्व मकरध्वज (Siddha Makardhwaj - Gold Leaf): यदि इरेक्शन में बहुत कमी महसूस हो, तो 125 mg सिद्ध मकरध्वज को शहद के साथ चूर्ण से पहले लें। यह पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को तीव्र करता है। वानारी गुटिका (Vanari Gutika): कौंच बीज के इस क्लासिकल योग को भी साथ में शामिल किया जा सकता है, जो डोपामाइन लेवल बढ़ाकर प्रीमेच्योर इजैक्यूलेशन में उत्कृष्ट परिणाम देता है। 3. ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें (Clinical Precautions) पाचन अग्नि (Agni): यह योग अत्यंत गुरु (Heavy to digest) और स्निग्ध है। यदि आपकी जठराग्नि मंद (Weak digestion) है, तो यह आम (Toxins) पैदा कर सकता है। इसके पाचन के लिए शुरुआत में चूर्ण के साथ चित्रकादि वटी या लवनभास्कर चूर्ण का प्रयोग करें ताकि दवाएं पूरी तरह एब्जॉर्ब हों। अकरकरा की मात्रा: ध्यान रहे कि ईरानी अकरकरा स्वभाव से बेहद तीक्ष्ण और उष्ण होता है। यदि शरीर में पित्त या गर्मी ज्यादा महसूस हो (जैसे मुंह में छाले या एसिडिटी), तो अकरकरा की मात्रा आधी कर दें। मानसिक तनाव (Performance Anxiety): शीघ्रपतन का एक बड़ा कारण मानसिक होता है। अश्वगंधा इसमें मदद करेगा, लेकिन साथ में शंखपुष्पी या सारस्वतारिष्ट का सेवन रात में करने से न्यूरोलॉजिकल कंट्रोल बेहतर होता है।
नमस्ते बलराम जी, आप जिस दौर से गुजरे हैं—ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी, लंबे समय तक साइकाइट्रिक दवाइयां (नींद की गोलियों सहित) और अब 15 से 20 दिन की नाइट ड्यूटी—यह आपके शरीर और नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है। आयुर्वेद के दृष्टिकोण से, आपकी दिनचर्या और इतिहास गंभीर वात और पित्त प्रकोप (Vata and Pitta vitiation) को दर्शाता है, जो क्लैब्य (Erectile Dysfunction) और शुक्रगत वात (Premature Ejaculation) का मुख्य कारण है। आपकी स्थिति में बिना डॉक्टरी सलाह के भारी वाजीकरण (aphrodisiac) जड़ी-बूटियों का मिश्रण सीधे भारी मात्रा में लेना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि आपका नर्वस सिस्टम और पाचन अभी संवेदनशील हैं। मात्रा जो जड़ी-बूटियां आपने चुनी हैं (कीड़ा जड़ी, सालाम पंजा, अकरकरा, अश्वगंधा आदि) वे बहुत शक्तिशाली हैं। लेकिन ध्यान रहे: यदि शरीर में वात बढ़ा हो और नींद पूरी न हो, तो सीधे भारी दवाइयां पचती नहीं हैं और समस्या बढ़ सकती है। यदि आपका पाचन (Agni) अच्छा है, तो इन जड़ी-बूटियों का एक सुरक्षित और संतुलित योग नीचे दिए गए अनुपात में तैयार किया जा सकता है: • अश्वगंधा, सफेद मूसली, शतावर, विदारीकंद, गोखरू, कौंच बीज -प्रत्येक 20-20 ग्राम • सालम पंजा, रूमी मस्तगी, मुलेठी, धागा मिश्री-प्रत्येक 15-15 ग्राम • ईरानी अकरकरा, काली मूसली, हरी इलायची-प्रत्येक 5-5 ग्राम • कीड़ा जड़ी (Cordyceps Sinensis)-केवल 2 से 3 ग्राम (इसे अलग रखें) #आपकी नाइट ड्यूटी के कारण शरीर का नेचुरल क्लॉक (Circadian Rhythm) बिगड़ा हुआ है, जिससे Ojas (इम्यूनिटी और वाइटलिटी) का क्षय होता है। क्या करें (Dos) नींद की भरपाई: जिस दिन नाइट ड्यूटी न हो, या ड्यूटी के बाद, शांत और अंधेरे कमरे में 7-8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। अभ्यंग (Self-Massage): सप्ताह में 3 बार पूरे शरीर पर और रोज रात को पैरों के तलवों में तिल के तेल या क्षीरबला तेल से मालिश करें। यह वात को तुरंत शांत करता है। मानसिक विश्राम: संभोग के दौरान “परफॉर्मेंस एंग्जायटी” (Performance Anxiety) से बचें। एक बार संबंध बनाने के बाद दोबारा तुरंत प्रयास न करें, शरीर को रीचार्ज होने के लिए 24-48 घंटे का समय दें। क्या न करें (Don’ts) हस्तमैथुन या अत्यधिक प्रयास: लिंग में तनाव लाने के लिए बहुत अधिक घर्षण या दबाव न डालें। इससे वहां की नसें (Dorsal nerves) और कमजोर हो सकती हैं। चाय, कॉफी और तंबाकू: नाइट ड्यूटी के दौरान जागने के लिए अत्यधिक चाय या कॉफी न पिएं। यह नसों को उत्तेजित कर शीघ्रपतन की समस्या को गंभीर बनाती हैं। उत्तेजक सप्लीमेंट्स: बाजार में मिलने वाले असुरक्षित “इंस्टेंट पावर” वाले कैप्सूल न खाएं। •आहार और खान-पान के नियम (Dietary Regimen) क्या खाएं: शुद्ध गाय का घी (रोज 2 चम्मच), बादाम, अखरोट, खजूर, कद्दू के बीज (Pumpkin seeds), और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग की दाल, दलिया, और हरी सब्जियां। क्या न खाएं: अत्यधिक तीखा, मिर्च-मसालेदार, खट्टा (अचार, नींबू), मैदा, और डिब्बाबंद खाना। यह शरीर में पित्त बढ़ाकर वीर्य को पतला करते हैं।
Diet and Nutrition 1. Balanced diet: Focus on whole, unprocessed foods like fruits, vegetables, whole grains, lean proteins, and healthy fats. 2. Foods rich in antioxidants: Include foods high in antioxidants like berries, leafy greens, and nuts to help reduce oxidative stress. 3. Omega-3 fatty acids: Find omega-3 rich foods like fatty fish, flaxseeds, and walnuts to support heart health. Exercise and Physical Activites 1. Regular exercise: Engage in moderate-intensity exercise, like brisk walking, cycling, or swimming, for at least 30 minutes a day. 2. Pelvic floor exercises: Practice Kegel exercises to strengthen pelvic floor muscles. Stress Management 1. Mindfulness and relaxation: Try techniques like meditation, deep breathing, or yoga to reduce stress and anxiety. 2. Get enough sleep: Aim for 7-8 hours of sleep per night to help regulate hormones and reduce stress. 3. Practise yogasan: Molband, setu bandhasan, chakrasan, veer bhadrasan, halasan, gomukhasan. Other Lifestyle changes 1. Quit smoking 2. Limit alcohol consumption 3. Maintain a healthy weight ??Medication?? Cap. Boostex Forte 2 caps twice a day before food. Tab. Kapikachu Ghana Vati 2 tabs twice a day before food. Tab. Khadiradi Vati 2 tabs twice a day before food. Tab.Makardwaj Ras 2 tabs twice a day before food. Shilajit Gold gum 1 small spoon (the one that comes in the pack) with one cup of hot milk early in the morning. Shwet Musli Pak 1 tsp with a cup of hot cow milk in the morning