● अश्वगंधा - वीर्यवर्धक, टेस्टोस्टेरोन का स्तर और मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाता है। ● कौंच - उत्कृष्ट वाजीकरण पदार्थ, शुक्राणु वर्धक। इसमें एल-डोपा होता है जो डोपामाइन का स्तर बढ़ाकर शुक्राणु उत्पादन में मदद करता है। ● गोक्सुर - मूत्र संबंधी विकारों को दूर करता है, धातुओं को शुद्ध करता है और स्तंभन शक्ति प्रदान करता है। इसमें प्रोटोडायोसिन होता है जो यौन इच्छा और शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करता है। ● सफेद मुसली - शुक्राणु की शक्ति और वीर्य की चिकनाई बढ़ाती है। इसमें प्राकृतिक स्टेरॉयड और सैपोनिन होते हैं, जो प्रजनन क्षमता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं। ● विदारिकंद - शुक्राणु वर्धक, प्रजनन क्षमता में सहायक। इसमें फाइटोएस्ट्रोजेनिक तत्व होते हैं जो प्रजनन अंगों को पोषण देते हैं। ● बनाने की विधि: सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह साफ और सुखा लें। बारीक छलनी से छान लें। बराबर मात्रा में लें और अच्छी तरह मिला लें। 1. कौंच के बीजों को धीमी आंच पर भूनें ताकि खुजली पैदा करने वाले तत्व नष्ट हो जाएं। सभी जड़ी-बूटियों को अलग-अलग पीसकर बारीक पाउडर बना लें (60-80 मेश)। इसे एक वायुरोधी कांच/टिन के डिब्बे में रखें। यह पाउडर प्रतिदिन 3-5 ग्राम की मात्रा में उपयोग के लिए तैयार रहेगा। ● सेवन विधि: 1 चम्मच (लगभग 3-5 ग्राम) 1. सेवन विधि: गुनगुने दूध में मिश्री मिलाकर। 2. समय: सोने से पहले। 3. अवधि: कम से कम 3 महीने तक नियमित सेवन करें। ● दिन में दो बार बादाम की खरबूजे या अश्वगंधा से मालिश करें।
avoid spicy food take promoctil 2-0-2 after foods take tab makr dwaj -0-0-1 at night tab livtone 1-0-1 tab triphala 1-0-1 tab shatavri 1-0-1 take bramhi ghurth 5 ml/ at empty stomch at morning do nasya with cow ghee 2 drop each nostril 2 times day
यह एक काफी विस्तृत मामला है। चूंकि आपकी प्रकृति पित्त है, इसलिए हमें ऐसी औषधियों का चयन करना होगा जो शरीर की गर्मी न बढ़ाएं, बल्कि नसों को ताकत दें और वीर्य को गाढ़ा करें। आपकी अनियमित ड्यूटी और कब्ज इस समस्या को बढ़ा रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार ‘अपान वायु’ का असंतुलन ही धात और शीघ्रपतन का मुख्य कारण होता है। Prescription is given :- पित्त प्रकृति के लिए क्या खाएं: • ठंडी तासीर की चीजें: घी, मिश्री मिला हुआ दूध, अनार, मीठे फल और नारियल पानी। • वीर्य बढ़ाने के लिए: रात को 5 बादाम भिगोकर सुबह छिलका उतारकर खाएं। सख्त परहेज (Don’ts): • खट्टा और तीखा: अचार, मिर्च-मसाले, सिरका और अत्यधिक नमक का सेवन तुरंत बंद करें। ये पित्त बढ़ाकर वीर्य को पतला करते हैं। • नशा: बीड़ी, सिगरेट या शराब नसों की इरेक्टाइल क्षमता को खत्म कर देते हैं। • चाय/कॉफी: ड्यूटी के दौरान बार-बार चाय पीना बंद करें, यह कब्ज बढ़ाती है। 1. कब्ज का समाधान: आपकी धात गिरने की मुख्य वजह कब्ज है। जब पेट साफ नहीं होता, तो प्रेशर की वजह से वीर्य रिसता है। रात को सोते समय Triphala Churna या ऊपर बताई गई Abhayarishta नियमित लें। 2. मानसिक स्थिति: “नल की तरह रिसने” वाली बात से तनाव न लें। यह अत्यधिक संवेदनशीलता और अपान वायु के बिगड़ने से होता है। 3. वज्रासन: इसे खाने के बाद 10 मिनट तक जारी रखें, यह पाचन के लिए बहुत अच्छा है। * इस कोर्स को कम से कम 3 महीने तक नियमित करें। 15-20 दिनों में आपको धात और कब्ज में सुधार दिखने लगेगा।
डॉक्टर आपने दवाईयां नहीं लिखी हैं।
Hello, नमस्ते। आपकी स्थिति को आयुर्वेद के नजरिए से समझें तो आपकी पित्त प्रकृति और अनियमित जीवनशैली के कारण शरीर में ‘पित्त’ और ‘वात’ का असंतुलन हो गया है। अत्यधिक गर्मी और मानसिक तनाव से ‘शुक्र धातु’ (Semen) क्षीण हो गई है, जिससे वीर्य का पतलापन और धात (Dhat syndrome) की समस्या हो रही है। आपकी जॉब की अनियमितता और कब्ज (Constipation) इस स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं, क्योंकि पेट साफ न होने से नसों पर दबाव पड़ता है जिससे शीघ्रपतन बढ़ता है। Ayurveda Medicines : 1. Liposem Tablet: यह मेटाबॉलिज्म सुधारने और शरीर की अंदरूनी गर्मी कम करने के लिए है। डोज: 1 टैबलेट सुबह और 1 रात को खाना खाने के बाद। 2. Vigorlax Tablets: कब्ज (Constipation) के लिए यह बहुत प्रभावी है। पेट साफ रहेगा तो धात की समस्या कम होगी। डोज: 1 या 2 टैबलेट रात को सोते समय गुनगुने पानी के साथ। 3. Chyavanprash (Sugar-free if needed): यह शुक्र धातु को पोषण देगा। डोज: 1 चम्मच सुबह खाली पेट दूध के साथ। 4. Balarishta: यह नसों की कमजोरी (Nerve weakness) दूर करने के लिए है। डोज: 20ml दवा में 20ml पानी मिलाकर दोपहर और रात के खाने के बाद लें। 5. Pinda Thailam (External Use): लिंग की नसों के ढीलेपन और संवेदनशीलता (Sensitivity) के लिए इस तेल की हल्की मालिश करें। यह पित्त शामक है। डोज: रात को सोने से पहले 4-5 बूंद हल्के हाथ से लगाएं (टोपे पर न लगाएं)। अवधि: इन दवाओं को लगातार 3 से 4 महीने तक लें। लाल मिर्च, गरम मसाला, ज्यादा नमक और अचार पूरी तरह बंद कर दें। चाय, कॉफी, शराब और धूम्रपान से बचें। गंदी फिल्में या विचार नसों की संवेदनशीलता बढ़ाते हैं, इनसे दूर रहें। कोशिश करें कि जब भी समय मिले नींद पूरी करें, क्योंकि नींद की कमी से ‘वात’ बढ़ता है। सुबह: रात के भीगे हुए 5 बादाम और 2 मुनक्का खाएं। नाश्ता: दलिया, ओट्स या फलों का सेवन करें। दोपहर का खाना: सादा खाना, घी (1 चम्मच), लौकी, तोरई या कद्दू की सब्जी और छाछ (Buttermilk) जरूर लें। शाम: नारियल पानी या ताजे फलों का रस। रात का खाना: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का खाना खाएं। रात को एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच मिश्री मिलाकर पिएं। योग में ‘अश्विनी मुद्रा’ (गुदा मार्ग को सिकोड़ना और छोड़ना) का अभ्यास करें। यह पेल्विक मसल्स को मजबूत कर शीघ्रपतन रोकता है। पेशाब करने के बाद और सोने से पहले जननांगों को ठंडे पानी से धोएं। अगर लिंग के दानों में खुजली नहीं है, तो वे ‘Pearly Penile Papules’ हो सकते हैं जो सामान्य हैं। लेकिन जलन होने पर ध्यान देना चाहिए.
आपके लक्षण एक साथ देखकर यह साफ लगता है कि मुख्य कारण है: पित्त + वात असंतुलन, कमजोर अग्नि (पाचन), और शारीरिक-मानसिक थकान। RX- 1. सबसे पहले — कब्ज ठीक करें रात को: त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच गुनगुने पानी से सोने से पहले अगर कब्ज ज्यादा है। 2. सुबह (खाली पेट) अश्वगंधा चूर्ण 1 चम्मच + गुनगुना दूध 👉 तनाव कम करेगा, ताकत बढ़ाएगा सुबह नाश्ते के बाद 3. कौंच बीज चूर्ण 1/2 चम्मच + दूध 👉 टेस्टोस्टेरोन और वीर्य के लिए बहुत अच्छा 4.दोपहर भोजन के बाद शिलाजीत कैप्सूल 1 (गुनगुने पानी से) 👉 नसों की ताकत और erection के लिए 5.रात को सफेद मूसली चूर्ण 1 चम्मच + दूध+ 👉 वीर्य गाढ़ा करेगा, मात्रा बढ़ाएगा जटामांसी चूर्ण 1/2 चम्मच रात को 👉 मानसिक शांति और कंट्रोल के लिए 👉 बाहरी उपचार (बहुत असरदार) लिंग पर अश्वगंधा तेल या नारायण तेल से हल्की मालिश (दिन में 1 बार) बहुत तेज रगड़ या दबाव नहीं देना 🥣डाइट प्लान क्या खाएं✅ दूध, घी (छोटी मात्रा) भीगा हुआ बादाम (4–5 रोज) खजूर / मुनक्का मूंग दाल, हरी सब्जियां गेहूं, चावल (सादा खाना) क्या बिल्कुल बंद करें ❌ मसालेदार, तला हुआ, फास्ट फूड ज्यादा चाय/कॉफी शराब, सिगरेट देर रात जागना दिनचर्या सुधार रोज एक ही समय पर सोना-जागना (जितना संभव हो) 7 घंटे नींद जरूरी खाना समय पर 👉 योग और कंट्रोल तकनीक आप जो कर रहे हैं वह अच्छा है, इसमें जोड़ें: अश्विनी मुद्रा (बहुत जरूरी) मूलबंध अनुलोम-विलोम (10 मिनट) 👉 ये शीघ्रपतन में सबसे ज्यादा असरदार हैं। डॉ मुस्कान चोपड़ा आयुर्वेदाचार्य
Diet and Nutrition 1. Balanced diet: Focus on whole, unprocessed foods like fruits, vegetables, whole grains, lean proteins, and healthy fats. 2. Foods rich in antioxidants: Include foods high in antioxidants like berries, leafy greens, and nuts to help reduce oxidative stress. 3. Omega-3 fatty acids: Find omega-3 rich foods like fatty fish, flaxseeds, and walnuts to support heart health. Exercise and Physical Activites 1. Regular exercise: Engage in moderate-intensity exercise, like brisk walking, cycling, or swimming, for at least 30 minutes a day. 2. Pelvic floor exercises: Practice Kegel exercises to strengthen pelvic floor muscles. Stress Management 1. Mindfulness and relaxation: Try techniques like meditation, deep breathing, or yoga to reduce stress and anxiety. 2. Get enough sleep: Aim for 7-8 hours of sleep per night to help regulate hormones and reduce stress. 3. Practise yogasan: Molband, setu bandhasan, chakrasan, veer bhadrasan, halasan, gomukhasan. Other Lifestyle changes 1. Quit smoking 2. Limit alcohol consumption 3. Maintain a healthy weight ??Medication?? Cap. Boostex Forte 2 caps twice a day before food. Tab. Kapikachu Ghana Vati 2 tabs twice a day before food. Tab. Khadiradi Vati 2 tabs twice a day before food. Tab.Makardwaj Ras 2 tabs twice a day before food. Shilajit Gold gum 1 small spoon (the one that comes in the pack) with one cup of hot milk early in the morning. Shwet Musli Pak 1 tsp with a cup of hot cow milk in the morning
नमस्कार, आप निम्नलिखित समस्याओं का सामना कर रहे हैं: 1. कमज़ोर मनोदशा या कामेच्छा - आप संभोग शुरू तो करते हैं, लेकिन उत्साह या रुचि की कमी महसूस करते हैं। 2. कमज़ोर या अनुत्तरदायी इरेक्शन - अपूर्ण इरेक्शन या उसे बनाए रखने में कठिनाई। 3. शीघ्रपतन - संभोग से कुछ मिनट पहले या पहले ही वीर्य का निकल जाना। 4. यौन थकान - संभोग के बाद ऊर्जा या आत्मविश्वास की कमी या असफलता का भय। संभावित कारण: - मनोवैज्ञानिक तनाव = प्रदर्शन की चिंता, अवसाद, आत्मसम्मान में कमी। - रक्त प्रवाह में कमी = लिंग के ऊतकों में नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी। - तंत्रिका कमजोरी = उत्तेजना में देरी और संवेदना में कमी। - हार्मोनल असंतुलन = टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम या प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक। - शीघ्रपतन = अक्सर संवेदनशील तंत्रिकाओं और सहनशक्ति की कमी के कारण होता है। #आयुर्वेदिक समझ आपके लक्षण ‘शुक्र क्षय’ (शुक्र धातु की कमी) और ‘वात दुष्टि’ (वात दोष का असंतुलन) के विशिष्ट संकेत हैं, विशेष रूप से:- - क्लैब्य = इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (स्तंभन दोष) - कम जीवन शक्ति के कारण - शुक्र वेग = स्खलन को रोक पाने में असमर्थता - वीर्य की कमजोरी के कारण - ओजक्षय = कम ऊर्जा, थकान, मानसिक तनाव उपचार का लक्ष्य 1) स्तंभन की शक्ति और अवधि में सुधार करना 2) कामेच्छा (लिबिडो) और आत्मविश्वास बढ़ाना 3) शीघ्रपतन को नियंत्रित करना 4) शुक्र धातु (वीर्य और जीवन शक्ति) का पोषण करना 5) मानसिक तनाव/चिंता को कम करना #इन दवाओं को लगातार 3 महीने तक लेना शुरू करें *सुबह (खाली पेट) 1) शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल - 1 कैप्सूल गर्म दूध के साथ = यह सहनशक्ति (स्टैमिना), टेस्टोस्टेरोन और कामेच्छा को बढ़ाता है 2) अश्वगंधा चूर्ण - 1 चम्मच (tsp) आधा गिलास गर्म दूध के साथ = एडाप्टोजेन: तनाव कम करता है और वीर्य की गुणवत्ता में सुधार करता है #भोजन के बाद (दिन में दो बार, दोपहर और रात के भोजन के बाद) 3) वृहत् वातचिंतामणि रस (सादा) - 1 गोली शहद के साथ = नसों को मजबूत करता है और स्तंभन पर नियंत्रण में सुधार करता है 4) स्वर्ण माक्षिक भस्म - 125 mg, कौंच बीज चूर्ण (1 चम्मच) के साथ मिलाकर गर्म दूध के साथ लें = वीर्य धारण क्षमता में सुधार करता है और मूड को उत्तेजित करता है #सोते समय 5) योहिम्बाइन या आत्मगुप्ता चूर्ण - 1 चम्मच दूध के साथ सोते समय = प्राकृतिक कामोत्तेजक (एफ्रोडिसिएक), कामुकता (arousal) के लिए डोपामाइन बढ़ाता है #बाह्य चिकित्सा (External therapy) 1) गर्म तेल की मालिश - विशेष रूप से पेल्विक (श्रोणि) क्षेत्र की मालिश - शतावरी तेल या अश्वगंधा-बला तेल के साथ क्षेत्र - पीठ का निचला हिस्सा, पेट, जांघों का भीतरी भाग और कमर (ग्रोइन) का क्षेत्र समय - प्रतिदिन या सप्ताह में 3-4 बार अवधि - 15-20 मिनट - उपयोग करने से पहले तेल को हमेशा हल्का गर्म कर लें - पेट के निचले हिस्से और कमर के क्षेत्र पर हल्के गोलाकार स्ट्रोक (हाथ फेरने का तरीका) का उपयोग करें - अंत में गर्म तौलिए से पोंछ लें या गुनगुने पानी से स्नान कर लें 2) स्थानीय हर्बल भाप चिकित्सा (Localized herbal steam therapy) - तेल की मालिश के बाद इसे किया जाता है - वाहिका-विस्फारण (vasodilation) में मदद करता है - रक्त वाहिकाओं को खोलता है और स्तंभन को बढ़ाता है - बहुत उपयोगी है। नसों से जुड़ी ED (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) या कम संवेदनशीलता होने पर: - दशमूल, त्रिफला और वचा जैसी जड़ी-बूटियों वाला गर्म पानी का एक बड़ा बर्तन लें। - अपने शरीर के निचले हिस्से को एक कपड़े से ढक लें, और जड़ी-बूटियों वाली भाप को अपनी जांघों, पेट के निचले हिस्से और नितंबों पर लगने दें। अवधि = 10-12 मिनट 3) शुक्र तेल (Shukra Taila) - 2-3 बूंदें लें और उन्हें लिंग के शाफ्ट (मुख्य भाग) पर लगाएं (लिंग के ऊपरी सिरे/glans पर न लगाएं), और सोने से पहले 5 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें। 4) कपूर के साथ तिल का तेल - तिल के तेल को हल्का गर्म करें और उसमें कपूर के तेल की 2 बूंदें मिलाएं; इसे केवल लिंग के शाफ्ट पर लगाएं और हल्के हाथों से मालिश करें = रोज़ाना करें। नोट - केवल उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित आयुर्वेदिक ब्रांडों जैसे दूतपापेश्वर, बैद्यनाथ, उन्झा या दिव्य फार्मेसी के उत्पादों का ही उपयोग करें। #वीर्य-वर्धक आहार - बहुत महत्वपूर्ण इन चीज़ों का रोज़ाना सेवन करें: - गाय का घी, दूध के साथ सूखी खजूर या इलायची। - रात में सफेद प्याज का रस या लहसुन वाला दूध। - काले तिल, कद्दू के बीज, भीगे हुए बादाम। - उबला हुआ अंडा, केला, एवोकैडो, अंजीर, खजूर। - सफेद मूसली + गोक्षुर + अश्वगंधा से बनी हर्बल चाय। #इन चीज़ों से पूरी तरह बचें: - तला हुआ, खट्टा, या बहुत ज़्यादा मसालेदार भोजन। - बहुत ज़्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स। - धूम्रपान, शराब, पोर्न देखना, बार-बार हस्तमैथुन करना। - देर रात खाना खाना या रात में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना। अब आता है पालन करने वाला सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा: 1) कीगल व्यायाम (योग में ‘मूल बंध’ के नाम से जाना जाता है) उद्देश्य - पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मज़बूत बनाना, जो इरेक्शन (लिंग की कठोरता) और वीर्य पर नियंत्रण रखने में मदद करती हैं। करने का तरीका - - बैठ जाएं या लेट जाएं, और उन मांसपेशियों को कसें जिनका उपयोग आप पेशाब करते समय पेशाब को बीच में रोकने के लिए करते हैं। - इसे 5-10 सेकंड तक रोककर रखें, फिर ढीला छोड़ दें। - इसे 15-20 बार दोहराएं; रोज़ाना 3 सेट करें - सुबह, दोपहर और रात में। उन्नत स्तर - स्खलन (ejaculation) में देरी करने की क्षमता को मज़बूत बनाने के लिए, कामुक उत्तेजना, फोरप्ले, या पेशाब को नियंत्रित करते समय कीगल संकुचन (contractions) करने का प्रयास करें। 2) पेल्विक थ्रस्ट व्यायाम (ब्रिज पोज़) - अपनी पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ें, और पैरों को ज़मीन पर सीधा रखें। - अपने नितंबों को कसते हुए और पेट की मांसपेशियों (core) को नियंत्रित करते हुए, अपने कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं। - इसे 10 सेकंड तक रोककर रखें और फिर ढीला छोड़ दें। - इसे 15 बार दोहराएं (reps) * 3 सेट करें। 3) यौन शक्ति बढ़ाने के लिए योगासन - भुजंगासन (Cobra Pose) = शक्ति और ऊर्जा बढ़ाता है। पेल्विक सर्कुलेशन -पश्चिमोत्तानासन = वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाता है -भोजन के बाद वज्रासन = पाचन और शुक्र धातु को बेहतर बनाता है -अश्विनी मुद्रा (एनल लॉक) = शीघ्रपतन को नियंत्रित करती है #प्राणायाम - रोज़ 10-15 मिनट करें -अनुलोम-विलोम - नसों का संतुलन बनाता है -भ्रामरी - मन को शांत करता है, अत्यधिक उत्तेजना कम करता है -उद्गीथ - आत्मविश्वास + ओज (ऊर्जा) बढ़ाता है #भावनात्मक और मानसिक संतुलन आप शायद इन समस्याओं का सामना कर रहे हों - -अपने पार्टनर को निराश करने का डर -अतीत के असफल अनुभवों को लेकर अपराधबोध -पोर्न/कृत्रिम उत्तेजनाओं पर अत्यधिक निर्भरता -नींद की कमी/खराब खान-पान के कारण थकान क्या करें -इसे स्वीकार करें - यौन कमजोरी ठीक हो सकती है, घबराएँ नहीं -बातचीत करें - शारीरिक प्रदर्शन से ज़्यादा भावनात्मक निकटता ज़रूरी है -धीरे-धीरे फोरप्ले का आनंद लें - जल्दबाजी न करें -ब्रह्मचर्य-आधारित डिटॉक्स का अभ्यास करें - 10-15 दिनों तक पूर्ण संयम (कोई यौन क्रिया नहीं, कोई हस्तमैथुन नहीं, कोई उत्तेजना नहीं), फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें -रात में रोज़ कम से कम 7 घंटे सोएँ -पोर्न और अत्यधिक हस्तमैथुन से पूरी तरह बचें अंतिम सलाह -इस प्रोटोकॉल को 8-12 हफ़्तों के लिए शुरू करें और 1 हफ़्ते में ही स्पष्ट सुधार देखें -प्रदर्शन को लेकर तनाव न लें -प्राकृतिक रहेंसंतुलित, ज़मीन से जुड़े हुए, और उपचार के प्रति समर्पित। आशा है कि यह सहायक होगा। धन्यवाद। सादर,
आपके केस में problem single नहीं है — pitta aggravation + nerve weakness + constipation + irregular routine मिलकर ED, PE और dhat leakage दे रहे हैं. इसलिए treatment multi-directional होगा (digestion + nerves + semen strength). 🔴 सबसे पहले Root correction ❌ Avoid (बहुत ज़रूरी) Porn / excessive masturbation Late night जागना Spicy, fried, non-veg excess, alcohol Empty stomach रहना / irregular meals ✅ Diet (daily) Milk + ghee (night) Soaked badam (5) morning Banana, dates (2) Moong dal, roti, sabzi Constipation बिल्कुल नहीं होना चाहिए 🏠 Ghar par (very effective) Night: til oil massage (lower abdomen + thighs + soles) Before bath: lukewarm sesame oil massage on penis (very gentle) Daily 20–30 min walking 💊 Medicines (2–3 months) Ashwagandha churna – 1 tsp with milk at night Kaunch beej churna – ½ tsp morning with milk Shilajit capsule – 1 daily after food Brahmi vati – 1 tablet at bedtime Triphala tablet – 1 tablet at night (for constipation) 👉 If dhat leakage ज्यादा है: Chandraprabha vati – 1 tablet twice daily after food 🧘 Control for premature ejaculation Stop-start technique during intercourse Deep breathing (slow exhale) Avoid frequent ejaculation ⏳ Timeline 2–3 weeks → energy, control improve 4–6 weeks → erection & timing better 2–3 months → stable improvement ⚠️ Important Penis पर जो छोटे दाने हैं → अगर itching/pain नहीं है तो usually harmless (normal glands) अगर बढ़ें या change हों → check once आपका case reversible है, लेकिन consistency बहुत जरूरी है — खासकर constipation control + routine। अगर चाहें तो मैं आपके लिए exact diet chart + daily routine plan भी बना सकता हूँ।
1.त्रिफला चूर्ण-1 चम्मच रात को सोते समय ,गुनगुने पानी के साथ लें 2.अश्वगंधा चूर्ण -1 चम्मच सुबह और शाम दूध के साथ लें 3.सफ़ेद मुसली चूर्ण -½ चम्मच सुबह और शाम दूध के साथ लें 4.चंद्रप्रभा वटी 2-2 गोली सुबह-शाम भोजन के बाद लें 5.श्री गोपाल तेल -लिंग पर तेल की 4–5 बूंदों से हल्के हाथ से मालिश करें आहार और डाइट प्लान (पित्त शामक) क्या खाएं: घी, मिश्री वाला दूध, भीगे हुए बादाम (छिलका उतारकर), लौकी, तोरई, अनार और नारियल पानी। क्या न खाएं: अत्यधिक लाल मिर्च, गरम मसाला, अचार, खट्टी चीजें, चाय/कॉफी और नशा (सिगरेट/शराब) पूरी तरह बंद कर दें। ये वीर्य को पतला करते हैं। योग और एक्सरसाइज आप जो योग कर रहे हैं वह अच्छा है, लेकिन शीघ्रपतन के लिए इसमें निम्नलिखित जोड़ें: अश्विनी मुद्रा: गुदा मार्ग को सिकोड़ना और छोड़ना। यह पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करता है। अनुलोम-विलोम: 10-15 मिनट रोज करें, इससे मानसिक तनाव कम होगा। जरूरी बदलाव: अनियमित ड्यूटी के बावजूद कोशिश करें कि दिन में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें और पर्याप्त पानी पिएं।
Aapki Pitta prakriti aur aniyamit job ki wajah se aapka pachan bigad gaya hai. Sabse mukhya karan aapki purani kabz hai. Ayurveda ke anusaar jab Apana Vata kabz ke karan ruk jata hai, toh pelvic area mein bahut dabaav padta hai. Is dabaav ki wajah se prostate gland aur seminal vesicles se fluid bina kisi control ke lagatar risne lagta hai jise aap Dhat girna kehte hain. Pura tanaav na aana, virya ka patla hona aur pressure se na nikalna, aur andkosh ke paas dard hona yeh sab pelvic floor muscles ki behad kamzori aur Shukra Dhatu ke kshay ke lakshan hain. Ling par jo halke daane hain, unhe Pearly Penile Papules kehte hain. Yeh normal skin glands hain aur koi bimari nahi hai, isliye unki chinta bilkul chhod dein. ✓Ayurvedic Action Plan Hamein sabse pehle aapki kabz theek karni hai, dhat ka risna rokna hai aur fir nason ko takat deni hai. Yeh dawaaiyan aapko lagatar 3 mahine tak leni hain. 1. Kabz aur Apana Vata shanti ke liye Avipattikar Churna: 1 chammach raat ko sone se pehle halke gungune paani ke sath lein. Company: Baidyanath ya Dhootapapeshwar. 2. Dhat rokne aur mutra marg ke liye Chandraprabha Vati aur Kamdudha Ras: 2 tablet Chandraprabha Vati aur 1 tablet Kamdudha Ras milakar din mein do baar lein. Time: Khana khane ke 30 minute baad normal paani ke sath. Company: Dhootapapeshwar. 3. Shighrapatan aur Virya gadha karne ke liye Shatavari Churna aur Ashwagandha Churna: Dono ko barabar matra mein mila lein. Is mishran ka 1 chammach rozana subah nashte ke baad halke gungune doodh ke sath lein. Company: Patanjali ya Baidyanath. 4. Nason ke dheelepan aur Sensitvity ke liye Local Application Desi Cow Ghee: Rozana subah nahaane ke baad ling ke aage wale hisse jise topa kehte hain us par ek boond gunguna desi ghee halke haath se lagayein. Isse wahan ki extra sensitivity poori tarah theek ho jayegi aur shighrapatan mein aaram milega. Shri Gopal Taila: Raat ko sone se pehle ling ki jadh aur beech ke hisse par 3 se 4 boond tel se halke haath se massage karein. Aage ke hisse par yeh tel nahi lagana hai. Company Baidyanath. Yeh khoon ka daura badha kar pura tanaav layega. ✓Diet Plan aur Parhez Parhez: Lal mirch, garam masala, fast food, aur khali pet chai ya coffee pina poori tarah band kar dein. Yeh cheezein Pitta aur garmi badhati hain jisse dhat zyada girti hai. Diet: Apne khane mein thandi taseer wali cheezein jaise anar, kishmish, aur hara dhaniya shamil karein. Job ka samay chahe jo ho, koshish karein ki khana khane ka samay fix rahe. Yoga: Pawanmuktasana bahut acha hai. Iske sath Ashwini Mudra shamil karein. Apne mal dwar ko upar ki taraf kheenchiye, 5 second rokiye aur chhodiye. Isey din mein 20 baar karein. Yeh andkosh ke paas wale dard ko theek karega aur ejaculation par control layega. Regards, Dr Gursimran Jeet Singh MD Panchakarma