Knee Pain and Discomfort - #45106
मेरा नाम समीता हे। मेरी उम्र 41 हे। मुजे 1 महीन से 1 पेर के धुटने के पास दर्द रहा करता हे। पेइचिंग किलर से आराम नही हु।तब x ray ,कीया तब डोक्टर का कहना हे । knee, के पास साधारण धारा हे।
How would you describe the intensity of your knee pain?:
- SevereWhat activities make your knee pain worse?:
- WalkingHave you noticed any swelling or stiffness in your knee?:
- No swelling or stiffnessDoctor-recommended remedies for this condition


Doctors' responses
Aap Yograj guggulu Peedantaka vati Don’t din mei dho baar kanae kae baad Dashamoola aristha 4 chamach din mei do baar kanae kae baad Dhanwantaram tail - halka sa massage karna hai
आपके घुटने के दर्द को ध्यान में रखते हुए, कुछ आयुर्वेदिक उपाय हैं जो मदद कर सकते हैं। सबसे पहले, यह समझना महत्वपूर्ण है कि घुटनों के आसपास का दर्द जैविक असंतुलन का संकेत हो सकता है, विशेषकर वात दोष से संबंधित। वात दोष को शांत करने के लिए कुछ दैनिक आदतें अपनानी चाहिए।
आहार में थोड़ा बदलाव करें। ठंडी, सूखी और कठिन खाद्य पदार्थों से बचें, क्यूंकि ये वात दोष को बढ़ा सकते हैं। इनके बजाय गरमा गरम, चिकने एवं सुपाच्य भोजन लें, जैसे की घी और ताजा पकाई हुई खिचड़ी या सूप। जिन खाद्य पदार्थों में हल्दी और अदरक है, वो भी सहायक होते हैं इसकी सूजन को कम करने में।
कुछ जीवनशैली परिवर्तन भी आवश्यक है। हर सुबह, एक चम्मच तिल का तेल अपने घुटनों पर हल्के हाथों से मसाज करें। इससे रक्त संचार में सुधार होता है और जोड़ों की गति में लचीलापन आता है। हो सके, तो हल्के एक्सरसाइज जैसे योग या तैराकी में भाग लें, जो घुटनों पर दबाव नहीं डालते।
आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का भी उपयोग फायदेमंद हो सकता है। अश्वगंधा, गुग्गुल और शतावरी जैसी जड़ी बूटियां वात दोष को संतुलित करने में सहायक हैं। डॉक्टर से परामर्श करके गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटियाँ का सेवन करें। पीड़ा में अधिक आराम न मिलने पर, आपको तुरंत आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से मिलकर अधिक व्यापक चिकित्सा जांच करवानी चाहिए।
याद रखें कि यह सलाह आपकी मौजूदा चिकित्सा देखभाल का प्रतिस्थापन नहीं बन सकती। इसके साथ-साथ आपको अपने चिकित्सक से नियमित परामर्श भी लेना चाहिए। यदि दर्द तत्काल बढ़ता है या अन्य लक्षण प्रकट होते हैं, तुरंत चिकित्सीय सलाह लें।
आपके द्वारा बताई गई स्थिति में घुटने के पास दर्द का प्रमुख कारण शायद वायु दोष का असंतुलन हो सकता है, जो जोड़ों में दर्द और अकड़न पैदा करता है। इसे संतुलित करने के लिए कुछ उपाय और दिनचर्या को अपनाना लाभदायक हो सकता है।
किसी भी प्रकार की अधिक ठंडे या कठोर भोज्य पदार्थों से परहेज करें, क्योंकि ये वायु दोष को बढ़ा सकते हैं। खाना बनाते समय सरसों या तिल के तेल का उपयोग करें, ये वात के शमन में सहायक होते हैं। सुबह-सुबह हल्का व्यायाम करें, लेकिन ध्यान रखें कि कोई भी विकट व्यायाम ना करें जिससे ज्यादा दबाव पड़ सके।
दिन में दो बार मेथी, हल्दी और अदरक का प्रयोग करें। आप मेथी के दानों को रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट ले सकते हैं। आधा चम्मच हल्दी और अदरक का पाउडर एक गिलास दूध में रात को सोने से पहले लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
घुटने पर एक बार गर्म तेल, जैसे कि नारियल या ऑलिव ऑयल से मसाज करें। इसका उद्देश्य रक्त संचार को बढ़ावा देना और सूजन को कम करना होता है।
अगर दर्द में सुधार नहीं होता, तो डॉक्टर की सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि किसी भी तरह की जलन या सूजन बढ़ने पर विशेषज्ञ की सलाह से तुरंत मेडिकल देखभाल लेनी चाहिए। Ayurveda समर्थन प्रदान कर सकता है, लेकिन चिकित्सा हस्तक्षेप से विलंब नहीं होगा।

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