premature ejaculation issue is a predominantly psychological issue so reduce the stress level so that the PE issue will be reduced Start with Brahmi vati tab 1-0-1 after food Gokshuradi guggulu tab 1-0-1 after food Shilapravanga vati tab 1-0-1 after food
नमस्कार। आपकी समस्या समझ में आती है और यह शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) 25 वर्ष की उम्र में काफ़ी आम है—खासकर जब एंग्ज़ायटी/तनाव प्रमुख ट्रिगर हो। सही इलाज + जीवनशैली सुधार से इसमें काफ़ी हद तक स्थायी सुधार संभव है।
🧠 आयुर्वेदिक कारण (संक्षेप में) शीघ्रपतन प्रायः इन कारणों से होता है: - वात दोष की अधिकता - मानसिक तनाव / भय / प्रदर्शन की चिंता - धातु दुर्बलता (शुक्र धातु कमजोरी) - अनियमित जीवनशैली, नींद की कमी, पोर्न/अत्यधिक हस्तमैथुन
🌿 आयुर्वेदिक औषधियाँ (Proper Dose) 1️⃣ अश्वगंधा चूर्ण Dose: 3 ग्राम सुबह + 3 ग्राम रात गुनगुने दूध के साथ लाभ: तनाव कम करता है, नर्व्स मज़बूत करता है, नियंत्रण बढ़ाता है
2️⃣ कौंच बीज चूर्ण Dose: 2 ग्राम रात को शहद या दूध के साथ लाभ: शुक्र धातु को मज़बूत करता है, टाइमिंग बढ़ाता है
3️⃣ शिलाजीत (शुद्ध) Dose: 250 mg सुबह गुनगुने दूध या पानी के साथ लाभ: स्टैमिना, आत्मविश्वास और नर्व कंट्रोल सुधारता है
4️⃣ वंग भस्म (केवल शुद्ध) Dose: 125 mg सुबह-शाम शहद के साथ लाभ: शीघ्रपतन व नर्व कमजोरी में विशेष प्रभावी ⚠️ यह दवा केवल प्रमाणित/विश्वसनीय स्रोत से लें
5️⃣ कामदेव चूर्ण / वीर्य स्तंभक योग Dose: 2 ग्राम रात को दूध के साथ लाभ: स्खलन पर नियंत्रण, यौन शक्ति में वृद्धि
🧘♂️ आवश्यक योग व अभ्यास (बहुत ज़रूरी) 🔹 प्राणायाम (रोज़) अनुलोम-विलोम – 10 मिनट भ्रामरी – 5 मिनट 🔹 अभ्यास स्टार्ट-स्टॉप तकनीक (हस्तमैथुन पूरी तरह बंद नहीं, पर नियंत्रित) केगल एक्सरसाइज़ – दिन में 3 बार
🥗 जीवनशैली सुधार (बहुत महत्वपूर्ण) ✔️ रात को 7–8 घंटे नींद ✔️ पोर्न देखना बंद करें ✔️ बहुत ज़्यादा हस्तमैथुन न करें ✔️ तली-भुनी, शराब, सिगरेट से बचें ✔️ दूध, घी, बादाम, खजूर लें
⏳ सुधार कब दिखेगा? 3–4 हफ्ते में नियंत्रण बढ़ेगा 2–3 महीने में 70–80% सुधार 6 महीने में काफ़ी हद तक स्थायी लाभ
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नमस्ते महेश, जो बात आपको परेशान कर रही है, उसके बारे में खुलकर बताने के लिए धन्यवाद। मैं पूरी तरह समझता हूँ कि आप एक साल से ज़्यादा समय से इतनी जल्दी प्रीमैच्योर इजैकुलेशन होने के बारे में क्यों चिंतित होंगे, खासकर 25 साल की उम्र में और शादी से पहले।
इससे आपके भविष्य के बारे में चिंता होना और आपका आत्मविश्वास कम होना लाज़मी है। लेकिन सच में, यह बहुत आम है, पूरी तरह से ठीक हो सकता है, और ज़्यादातर मामलों में, आप सही आयुर्वेदिक देखभाल से इसे पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं।
आपकी चिंता
-उम्र: 25 -रिलेशनशिप स्टेटस: सिंगल -समस्या: प्रीमैच्योर इजैकुलेशन -कितने समय से: 1 से 1.5 साल से ज़्यादा -खत्म होने का समय: लगभग 30 सेकंड -कितनी गंभीर: बहुत जल्दी, हमेशा होता है -मुख्य कारण: तनाव और चिंता -लाइफस्टाइल: थोड़ी अस्त-व्यस्त
आयुर्वेदिक समझ
आयुर्वेद में, हम इसे शुक्रगत वात कहते हैं। यह ज़्यादातर वात दोष और आपकी मानसिकता में असंतुलन के कारण होता है।
संभावित कारण
–बहुत ज़्यादा वात: इससे इजैकुलेशन पर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। –कमज़ोर शुक्र धातु: इसका मतलब है कम स्टैमिना और जल्दी खत्म होना। –मानसिक समस्याएं: चिंता, डर, और परफॉर्मेंस को लेकर दबाव महसूस करना। –बुरी आदतें: सोने का अजीब पैटर्न, कम नींद, और बहुत ज़्यादा तनाव।
अच्छी खबर: यह कोई स्थायी नुकसान या कमी नहीं है। यह सिर्फ़ आपके शरीर के काम करने के तरीके में एक असंतुलन है, और आयुर्वेद इसे ठीक करने में बहुत अच्छा है।
हमारा लक्ष्य क्या है
–आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम (शुक्र धातु) को मज़बूत बनाना। –उस ज़्यादा एक्टिव वात दोष को शांत करना। –आपके नर्वस सिस्टम के कंट्रोल को बेहतर बनाना। –सेक्स के बारे में चिंता और डर को कम करना। –आपको सिर्फ़ तुरंत ठीक करने के बजाय, प्राकृतिक, स्थायी कंट्रोल पाने में मदद करना। आयुर्वेदिक इलाज का प्लान
अंदरूनी दवा
1. अश्वगंधा कैप्सूल: 1-0-1 खाने के बाद (नसों को मजबूत करता है, चिंता कम करता है, स्टैमिना बढ़ाता है।)
2. शिलाजीत (साफ किया हुआ) कैप्सूल 1-0-1 खाने के बाद (यौन शक्ति बढ़ाता है, स्टेमिना सुधारता है।)
3. कौंच बीज चूर्ण 1 चम्मच गर्म दूध के साथ सोते समय (आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम को पोषण देता है, इजैकुलेशन कंट्रोल में मदद करता है।)
बाहरी इलाज (बहुत ज़रूरी)
– अभ्यंग (तेल मालिश): रोज़ाना अपने पेट के निचले हिस्से, जांघों और पैरों पर तेल लगाएं। - अश्वगंधा तेल या बाला तेल का इस्तेमाल करें। - इसे रात में नहाने से पहले या सोने से पहले करें। ✔ यह वात को बैलेंस करने और आपको ज़्यादा कंट्रोल देने में सच में मदद करता है।
डाइट प्लान
✅ शामिल करें
* गर्म दूध (रात में अगर आपको सूट करता है) * घी (शुद्ध मक्खन) * बादाम, खजूर * काले तिल * साबुत अनाज * ताज़े फल
❌ बचें
* बहुत ज़्यादा चाय, कॉफी * जंक फूड, तला हुआ खाना * शराब, धूम्रपान * बहुत ज़्यादा मसालेदार खाना * बेसमय खाना
अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी में बदलाव (लंबे समय तक ठीक रहने के लिए ज़रूरी)
* नियमित रूप से सोएं (7-8 घंटे)। * पोर्न और बहुत ज़्यादा हस्तमैथुन से दूर रहें। * हर दिन कुछ एक्सरसाइज़ करें। * सांस लेने के व्यायाम (प्राणायाम) अनुलोम विलोम, भ्रामरी * तनाव को संभालना सीखें – यह आपकी समस्या का एक बड़ा कारण है।
अपने दिमाग को ट्रेन करना (बहुत ज़रूरी!)
60-70% प्रीमैच्योर इजैकुलेशन के मामलों में आपका दिमाग बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
* सेक्स के दौरान आप ‘कितनी देर’ तक टिकते हैं, इस पर ध्यान देना बंद करें। * अच्छा परफॉर्म न कर पाने के डर को छोड़ दें। * आराम करने के लिए सांस लेने की तकनीक सीखें। * जैसे-जैसे आप इलाज से बेहतर होंगे, आपका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ेगा।
याद रखने वाली सबसे ज़रूरी बात:
* यह हमेशा के लिए नहीं है। * आपको सर्जरी की ज़रूरत नहीं है। * आपको पूरी ज़िंदगी गोलियां खाने की ज़रूरत नहीं है। * सही आयुर्वेदिक प्लान और लाइफस्टाइल में बदलाव से, आप इजैकुलेशन पर प्राकृतिक कंट्रोल वापस पा सकते हैं। * कृपया खुद से इलाज करने की कोशिश न करें या उन क्विक-फिक्स डिले स्प्रे का इस्तेमाल न करें - वे असली समस्या को और खराब कर देते हैं।
आप जवान हैं, और आपके पास इस समस्या को ठीक करने का बहुत अच्छा मौका है।
शुभकामनाएं डॉ. स्नेहल विधाते
Take makar tab 1 od at night Take livtone 2 bd Take Brahmi 2 bd Take Ashwagandh ksm 66 2 bd Take shilatijt with 1 cup millk Definitely give results in 90 days
YAVANAMRITA VATI 1 BD YAUVAN GOLD CAPSULE 1 BD SHILAJIT RASAYANA- BD
SAFED MUSLI ONE TSP WITH WARM MILK
DO PELVIC FLOOR EXERCISES
Diet and Nutrition 1. Balanced diet: Focus on whole, unprocessed foods like fruits, vegetables, whole grains, lean proteins, and healthy fats. 2. Foods rich in antioxidants: Include foods high in antioxidants like berries, leafy greens, and nuts to help reduce oxidative stress. 3. Omega-3 fatty acids: Find omega-3 rich foods like fatty fish, flaxseeds, and walnuts to support heart health.
Exercise and Physical Activites 1. Regular exercise: Engage in moderate-intensity exercise, like brisk walking, cycling, or swimming, for at least 30 minutes a day. 2. Pelvic floor exercises: Practice Kegel exercises to strengthen pelvic floor muscles.
Stress Management 1. Mindfulness and relaxation: Try techniques like meditation, deep breathing, or yoga to reduce stress and anxiety. 2. Get enough sleep: Aim for 7-8 hours of sleep per night to help regulate hormones and reduce stress. 3. Practise yogasan: Molband, setu bandhasan, chakrasan, veer bhadrasan, halasan, gomukhasan.
Other Lifestyle changes 1. Quit smoking 2. Limit alcohol consumption 3. Maintain a healthy weight
💊Medication💊
Cap. Boostex Forte 2 caps twice a day before food. Tab. Kapikachu Ghana Vati 2 tabs twice a day before food. Tab. Khadiradi Vati 2 tabs twice a day before food.
Shilajit Gold gum 1 small spoon (the one that comes in the pack) with one cup of hot milk early in the morning.
Shwet Musli Pak 1 tsp with a cup of hot cow milk in the morning
Namskar Tension mat lijiye Ye medicine se chalu karenge or 15 din bad firse follow up kariye 1. Makardhwaj tab 1BD AF 2. Cap shilajit gold 1OD 3. Manasmitra tab 2HS at bed time only 4. Bhrahmi vati 2OD only Ye sab lijiye theek ho jayega. Excercise jaruur karein.
1.Ashwgandha churna -1 chammach garam dudh k sath dinn m 2 bar 2.Siddha makardhwaj- 1 goli din m 1 bar dudh k sath 3.Hiforce capsules -2 capsules din m 2 bar garam dudh k sath
जीवनशैली सुझाव - योग व प्राणायाम: - अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, मूलबंध (पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़)। - सूर्य नमस्कार और वज्रासन भोजन के बाद। - मानसिक संतुलन: ध्यान, मंत्रजप (“ॐ नमः शिवाय”), तनाव कम करने के लिए नियमित दिनचर्या। - नींद: 7–8 घंटे गहरी नींद। - संतुलित दिनचर्या: देर रात तक जागना और अनियमित भोजन से बचें।
दवाइयाँ 1 पुष्पधन्वा रस: 1 गोली दिन में दो बार गर्म दूध के साथ (खाने के बाद)। (प्रजनन तंत्रिकाओं को मज़बूत करता है)। 2 स्तंभन चूर्ण: अश्वगंधा (100g) + कौंच बीज (50g) + जातिफल/जायफल (10g) + अकरकरा (20g) मिलाएँ। इस मिश्रण का ½ चम्मच दिन में दो बार गर्म दूध के साथ लें। (जातिफल खास तौर पर स्खलन में देरी करता है)। 3 सारस्वतारिष्ट: 15ml को 15ml पानी में मिलाकर, दिन में दो बार लें। (परफ़ॉर्मेंस की चिंता कम करने के लिए मन को शांत करता है)।
बाहरी थेरेपी हिमकोलिन जेल या श्री गोपाल तैलम: सोने से 30 मिनट पहले शाफ्ट पर (टिप से बचते हुए) लगाएँ। यह हाइपरसेंसिटिविटी कम करता है।
लाइफस्टाइल अश्विनी मुद्रा (कीगल एक्सरसाइज़): एनल मसल्स को एक साथ सिकोड़ें और छोड़ें (जैसे यूरिन रोक रहे हों)। इसे दिन में 50 बार करें। इससे फ्लूइड को रोकने वाली मसल्स मज़बूत होती हैं।
डाइट: रोज़ खजूर और भीगे हुए बादाम खाएं। मसालेदार खाना और शराब से बचें।
सादर डॉ. गुरसिमरन जीत सिंह MD पंचकर्म



