What to do for gas, dizziness, and sweating after eating with low blood pressure and vomiting? - #56486
Mushe gas ke sath chakar aana or gabhrathe hoti hai pasina atha hai khane ke baad gas banti hai bp low ho jata haivomitingjasa hoa hai kayi barvomitingho jati jai
How long have you been experiencing these symptoms?:
- 1-4 weeksHow would you rate the severity of your symptoms?:
- Moderate — affects daily activitiesWhen do these symptoms typically occur?:
- At any timeHave you noticed any specific foods that trigger these symptoms?:
- No specific foodsHow is your digestive health?:
- Chronic issues (constipation, diarrhea, IBS)How often do you experience vomiting?:
- OccasionallyHave you tried any treatments for this condition before?:
- Over-the-counter medicationDoctors' responses
••नमस्ते। जो लक्षण आप बता रहे हैं—जैसे खाने के बाद गैस बनना, चक्कर आना, घबराहट होना, पसीना आना, BP लो महसूस होना और उल्टी जैसा लगना (या उल्टी हो जाना)—आयुर्वेद के नजरिए से यह मुख्य रूप से अग्निमांद्य (Digestive fire weak होना), अम्लपित्त (Hyperacidity) और व्यान वायु एवं समान वायु के असंतुलन को दर्शाता है। ••तुरंत आराम के लिए आपातकालीन उपाय (Instant Relief) ••सौंफ और मिश्री: खाने के तुरंत बाद 1 चम्मच सौंफ और थोड़ी सी मिश्री चबाकर खाएं। यह पित्त को शांत करती है और गैस को ऊपर चढ़ने से रोकती है। ••नींबू-अदरक का रस: अगर अचानक चक्कर या घबराहट लगे, तो आधा कप गुनगुने पानी में कुछ बूंदें नींबू का रस, थोड़ा सा अदरक का रस और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पिएं। इससे BP भी सामान्य होगा और उल्टी की इच्छा (Nausea) शांत होगी। 2. अचूक आयुर्वेदिक औषधियां (Classical Ayurvedic Remedies) आप किसी नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से निम्नलिखित योग शुरू कर सकते हैं: ••सूतशेखर रस (साधारण): 1-1 गोली सुबह-शाम खाना खाने से 15 मिनट पहले गुनगुने पानी या शहद के साथ लें। यह घबराहट, उल्टी और पित्त के कारण आने वाले चक्करों के लिए सर्वोत्तम है। ••हिंग्वाष्टक चूर्ण या लवणभास्कर चूर्ण: आधा चम्मच चूर्ण रात को सोते समय या भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ लें। यह गैस की अनुलोमन गति (गैस को नीचे की तरफ पास करना) में मदद करेगा। ••द्राक्षासव (Drakshasava): 4 चम्मच दवा में 4 चम्मच पानी मिलाकर दोपहर और रात के भोजन के तुरंत बाद लें। यह कमजोरी दूर करता है, चक्कर आने की समस्या को ठीक करता है और पाचन को सुधारता है। 3. आहार और जीवनशैली में बदलाव (Diet & Lifestyle) भोजन का नियम: दिन में तीन बार भारी भोजन करने के बजाय, थोड़ा-थोड़ा करके ४-५ बार खाएं (Small, frequent meals)। पेट को कभी भी एकदम पूरा न भरें। ••क्या न खाएं: चाय, कॉफी, मैदा, ज्यादा मिर्च-मसालेदार, खट्टा (जैसे ज्यादा सिरका या आचार) और तला हुआ खाना पूरी तरह बंद कर दें। रात में राजमा, छोले, उड़द की दाल या गोभी जैसी गैस बनाने वाली चीजें न लें। ••भोजन के तुरंत बाद क्या करें: खाना खाते ही तुरंत लेटना या बैठना नहीं है। भोजन के बाद कम से कम 100 कदम वज्रासन में बैठें या धीरे-धीरे टहलें। ••पानी पीने का तरीका: खाने के तुरंत बाद ढेर सारा पानी न पिएं। भोजन के बीच में एक-दो घूंट गुनगुना पानी ले सकते हैं।
About our doctors
Only qualified ayurvedic doctors who have confirmed the availability of medical education and other certificates of medical practice consult on our service. You can check the qualification confirmation in the doctor's profile.